पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अनुभव शरीर से जुड़ा है तो अनुभूति हृदय और आत्मा से
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अनुभव शरीर से जुड़ा है तो अनुभूति हृदय और आत्मा से

शंकराचार्य जी ने दो बातें हमारे बड़े काम की बोली हैं। पहली बात वे कहते हैं मंदिर वही पहुंचता है, जो धन्यवाद देने जाता है, मांगने नहीं। और दूसरी बात, वास्तविक आनंद उन्हीं को मिलता है, जो आनंद की तलाश नहीं करते। तो पहली बात को यूं समझें कि जब भी हम लोग मंदिर जाएं, […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  दिनभर में कुछ शब्द ऐसे बोलें, जो अत्यंत मोहक हों
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दिनभर में कुछ शब्द ऐसे बोलें, जो अत्यंत मोहक हों

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: Speak A Few Words Throughout The Day That Are Truly Enchanting. 8 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों अधूरे, अमर्यादित वाक्यांशों को हथियार बनाकर ऑनलाइन लड़ाइयां लड़ी जा रही हैं। कुछ लोग तो डिजिटल मीडिया पर शब्दों को फांसी के फंदे पर चढ़ाने का ही […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सद्गुणों को विजयी बनाना है तो मौन और ध्यान को साधें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सद्गुणों को विजयी बनाना है तो मौन और ध्यान को साधें

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Conquer Negativity With Silence & Meditation 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों दुनिया में जो देश युद्ध कर रहे हैं, उनको लेकर विश्लेषकों का कहना है जिस देश का जासूसी नेटवर्क तगड़ा होगा और जो एआई का इस्तेमाल भरपूर करेगा, वो जीतेगा। दुनिया का […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सांसारिक धूप में छांव का काम करती है हमारी परम्परा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सांसारिक धूप में छांव का काम करती है हमारी परम्परा

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Tradition Offers Shade In Worldly Sun 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता प्रकृति ने सुख और दु:ख का संतुलन दे रखा है। इंसान न तो केवल सुख पचा पाएगा, और न ही दु:ख। समझदारी इसी में है कि दोनों को लेकर चलें। कथा सुनने के […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  भीड़ बाहर की हो या भीतर की, इसे संयमित रखिए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भीड़ बाहर की हो या भीतर की, इसे संयमित रखिए

भीड़ बढ़ती ही जा रही है। केवल मनुष्यों ही नहीं, बेहिसाब डेटा और सूचनाओं की भी भीड़ बाढ़ की तरह हमारे जीवन में उतर गई है। और इसी कारण किसी भी बात की सच्चाई का पता नहीं लगता। भीड़ में सूचनाओं की सच्चाई कहीं खो गई। भीड़ के कारण आयोजनों के पीछे का सही उद्देश्य […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Character Priority Lost, People Focused On Body 53 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में तीन ही समस्याएं हैं। पहली, पैसा होना या न होना। दूसरी, पुरुष के जीवन में स्त्री का होना या न होना। और तीसरी, स्त्री के जीवन में पुरुष का होना या […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Character Priority Lost, People Focused On Body 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में तीन ही समस्याएं हैं। पहली, पैसा होना या न होना। दूसरी, पुरुष के जीवन में स्त्री का होना या न होना। और तीसरी, स्त्री के जीवन में पुरुष का होना या […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  घर की तरह ऑफिस, कैम्पस, बाजार में भी खुली सोच रखें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: घर की तरह ऑफिस, कैम्पस, बाजार में भी खुली सोच रखें

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Open Mind At Office, Campus, Market 55 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता राज्य-व्यवस्था को सही दिशा और ऊंची गति देने के लिए अलग-अलग राजाओं ने खूब प्रयोग किए हैं। अगर हम केवल राम और कृष्ण की बात करें तो अयोध्या और द्वारका के प्रयोग हमें […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  घर की तरह ऑफिस, कैम्पस, बाजार में भी खुली सोच रखें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: घर की तरह ऑफिस, कैम्पस, बाजार में भी खुली सोच रखें

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Open Mind At Office, Campus, Market 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता राज्य-व्यवस्था को सही दिशा और ऊंची गति देने के लिए अलग-अलग राजाओं ने खूब प्रयोग किए हैं। अगर हम केवल राम और कृष्ण की बात करें तो अयोध्या और द्वारका के प्रयोग हमें […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  आश्रम किसी गतिविधि के नहीं, ऊर्जा के केंद्र होते हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आश्रम किसी गतिविधि के नहीं, ऊर्जा के केंद्र होते हैं

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Ashram Is Center Of Energy, Not Activity 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हम मनुष्यों के जीवन में तीन जगहें ऐसी हैं, जहां हमारा आना-जाना-रहना बना ही रहता है। घर हमारा आसरा है, दफ्तर हमारा कार्यस्थल, और बाजार। लेकिन एक चौथी जगह भी तुलसीदास जी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  आश्रम किसी गतिविधि के नहीं, ऊर्जा के केंद्र होते हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आश्रम किसी गतिविधि के नहीं, ऊर्जा के केंद्र होते हैं

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Ashram Is Center Of Energy, Not Activity 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हम मनुष्यों के जीवन में तीन जगहें ऐसी हैं, जहां हमारा आना-जाना-रहना बना ही रहता है। घर हमारा आसरा है, दफ्तर हमारा कार्यस्थल, और बाजार। लेकिन एक चौथी जगह भी तुलसीदास जी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अपने संबंधों में स्थायित्व से ज्यादा आत्मीयता बनाए रखें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने संबंधों में स्थायित्व से ज्यादा आत्मीयता बनाए रखें

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Prioritize Intimacy Over Stability In Relationships 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता सार्वजनिक जीवन में ऐसा होता ही रहता है कि मित्र कब शत्रु बन जाए और शत्रु कब मित्र बन जाए। जिन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य पूरे करने हों, उन्हें यह बात ध्यान रखनी होगी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  ईश्वर से मिलने के लिए कुछ समय भीतर जाना ही पड़ेगा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ईश्वर से मिलने के लिए कुछ समय भीतर जाना ही पड़ेगा

जो हर जगह गूंज रहा है, उस दिव्य शक्ति, परमात्मा को समेटना ही भजन बन जाता है। भजन का सच्चा अर्थ यही है कि इसको करने वाला और सुनने वाला ध्वनि बन जाता है, मनुष्य नहीं रह जाता। जब ऐसा होता है तभी भजन का असली आनंद है। सच्चे भजन के लिए किसी ऑर्केस्ट्रा की […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सामने वाले की आस्था से जोड़कर अपने कार्य करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सामने वाले की आस्था से जोड़कर अपने कार्य करें

हम कोई अच्छा काम करें और फिर उसी काम को बार-बार और अच्छे से करते जाएं, इसके पीछे दो बातें काम करती हैं। एक तो उसमें हमें लाभ दिख रहा हो या हमारी लगन गहरी हो। आजकल कोई भी आपके काम को पसंद करे, तो उसके पीछे सामने वाले की रुचि के अलावा एक बात […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बातचीत, सहयोग व एकांत से खत्म होता है अकेलापन
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बातचीत, सहयोग व एकांत से खत्म होता है अकेलापन

Hindi News Opinion Loneliness Ends With Talk, Collaboration & Solitude | Vijay Shankar Mehta Column 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता एक छत के नीचे कई सदस्य रहते हों तो भी उनमें से कुछ को लगता है कि हम अकेले हैं। घर के बाहर की दुनिया में लोकप्रियता हो, प्रतिष्ठा रहे, उसके बाद […]

विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रकृति रूठी तो स्वतंत्र होने की बड़ी कीमत चुकानी होगी
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विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति रूठी तो स्वतंत्र होने की बड़ी कीमत चुकानी होगी

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta’s Column If Nature Gets Angry, We Will Have To Pay A Heavy Price For Independence 2 घंटे पहले कॉपी लिंक विजयशंकर मेहता जब हम अपनी स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे होते हैं तब प्रकृति अपनी स्वतंत्रता की मांग कर रही होती है। मनुष्य को गुलामी पसंद नहीं, लेकिन वो […]