उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर पुलिस चौकी के पड़ोस में रहने वाला पेशे से चालक मनोज वर्मा (52) की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। मनोज एक मार्च में खुद को आग लगाकर चिल्लाता हुआ पुलिस चौकी में घुस गया था।
आनन-फानन पुलिसकर्मियों ने कंबल डालकर आग बुझाई, लेकिन तब तक वह 80 फीसदी झुलस गया था। नाजुक हालत में मनोज को दिल्ली सफदरजंग रेफर किया गया था। मनोज वर्मा की दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में सोमवार को सुबह 10 बजे उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
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आग लगाकर चौकी में घुसा चालक मनोज, जांच करते पुलिस अफसर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार ने 2006 के एससी/एसटी एक्ट के मामले में न्यायालय से जारी एक गैर जमानती वारंट के लिए पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर खुद को आग लगाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने जांच में आरोप सिरे से नकारे हैं।
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आग लगाकर चौकी में घुसा चालक मनोज, जांच करते पुलिस अफसर
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पुलिस चौकी में आत्मदाह की कोशिश में घिरी खैर पुलिस
पुलिस चौकी में आत्मदाह की कोशिश की घटना में खैर पुलिस घिर गई है। मनोज वर्मा के परिजनों ने पुलिस पर उत्पीड़न करने और मारपीट के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मनोज रविवार को इसकी शिकायत एक पुलिस अधिकारी से भी की थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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आग लगाकर चौकी में घुसा चालक मनोज, जांच करते पुलिस अफसर
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परिजनों के अनुसार मनोज वर्मा पेशे से ड्राइवर था। उसकी शादी करीब 28 वर्ष पहले खुर्जा में हुई थी, लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते उसकी पत्नी लंबे समय से उसके साथ नहीं रह रही थी। यह भी बताया कि वह नशे का आदी था।
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भाई ने शुरुआत में आरोप लगाया था कि उसके खिलाफ 2006 में एससीएसटी का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें दिसंबर में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। उन्हीं वारंटों के आधार पर कस्बा चौकी के दरोगा व पुलिसकर्मी उसे परेशान करते थे।
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