देश में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं, जो अपनी मां और बुजुर्गों की सेवा के लिए अलग सोच रखते हैं। युवाओं की सोच बदलने के लिए सेवाभावी पुत्र ने कुछ ऐसा ही कर दिखाने का सपना संजोया है। जो 89 वर्ष की अपनी मां की ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा लगाने की इच्छा पूरी कर रहे हैं। ऐसे श्रवण कुमार पुत्र की हर कोई सराहना कर रहा है।
बल्लभगढ़ के मोहना छायसा निवासी महीपाल भगत अपनी 80 वर्ष की वृद्ध मां रामवती देवी को तीन पहिया की गाड़ी बनाकर ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा लगवा रहे हैं। वृद्धा के पुत्र के सेवाभाव को देखने वाले इनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। मां भी हाथ उठाकर अपने बच्चों को आशीर्वाद दे रही हैं। इनका कहना है कि उनकी मां की इच्छा थी कि वह पूरे परिवार के सदस्यों के साथ परिक्रमा लगाए। मां को उठने-बैठने में दिक्कत होती है। इसलिए उन्होंने तीन पहिया की गाड़ी बनाकर और उसे पुत्र महीपाल भगत द्वारा कंधों ओर खींचकर परिक्रमा दिला रहे है।
उन्होंने पूरे परिवार के साथ रविवार को सुबह 8 बजे अपने बल्लभगढ़ के मोहना छायसा स्थित घर से यात्रा शुरू की। पुत्र महीपाल भगत का कहना है कि वह लोग मां को रास्ते में आने वाले ब्रज के तीर्थ स्थलों के दर्शन भी करा रहे हैं। उनके साथ पत्नी लज्जा देवी, पुत्र हर्ष भी परिक्रमा लगा रहे हैं।
बुधवार को सौंख पहुंचने पर महीपाल भगत ने बताया कि अपनी बुजुर्ग मां को ब्रज चौरासी कोस की तीन पहिया गाड़ी बनाकर और अपने कंधों से खीचकर परिक्रमा दिला रहे है। उन्होंने बताया कि माँ रामवती ने पूर्व तीन परिक्रमा दी है। लेकिन माँ को मैं परिवार के साथ दूसरी बार ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा दिलाने के लिए आया हूं। उन्होंने बताया कि परिक्रमा मार्ग में व्यवस्था अच्छी है। मैं योगी सरकार को बार बार धन्यवाद देता हूं। परिक्रमा में कदम ऐसे पड़ रहे जैसे फूल बिछाए हो।








