1 घंटे पहले
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एक्टर रनबीर कपूर तो टाइम की 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में नाम शामिल किया गया है। उनके करियर और जीवन से जुड़ी प्रेरक बातें, उन्हीं की जुबानी…
मैं एक फिल्मी परिवार में पैदा हुआ, लेकिन बचपन में मुझे फिल्मों की दुनिया के बारे में ज्यादा पता नहीं था। माता-पिता ने मुझे और मेरी बहन को फिल्म सेट से दूर रखा। हम घर पर खाना खाते वक्त फिल्में देखते थे और मैं यही सोचता था कि पापा कुछ एक्टिंग जैसा काम करते हैं। एक बार मैं सेट पर गया और देखा कि एक ही सीन बार-बार शूट हो रहा है। उस वक्त मुझे लगा, ये कैसी जिंदगी है? एक समय ऐसा आया जब मुझे सोचना पड़ा कि जिंदगी में क्या करना है… और वहीं से शुरुआत हुई। याद रखें, जिंदगी में रास्ता आपको खुद चुनना पड़ता है। लोग सलाह देंगे, लेकिन चलना खुद है। 12वीं के बाद मेरे सामने एक तय रास्ता था, विदेश जाकर बिजनेस की पढ़ाई करना। लेकिन मैंने सोचा, अगर पूरी जिंदगी फिल्मों में रहना चाहता हूं, चाहे एक्टर बनूं, डायरेक्टर बनूं या प्रोड्यूसर… तो कुछ और क्यों पढ़ूं? मैं स्कूल ऑफ वर्चुअल आर्ट्स गया, वहां फिल्म डायरेक्शन सीखा। फिर स्ट्रॉसबर्ग थिएटर इंस्टीट्यूट में एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। वहां मैंने सिर्फ फिल्में ही नहीं सीखीं, जिंदगी सीखी। अकेले रहना, अलग-अलग लोगों से मिलना, नई संस्कृति को समझना। असली सीख किताबों से बढ़कर जीवन के अनुभवों से मिलती है। मैं ये नहीं कहूंगा कि एक्टिंग बहुत मुश्किल काम है, लेकिन किसी भी काम को करने से पहले खुद को समझना जरूरी है। आपको अपने अंदर झांकना पड़ता है, अपनी भावनाओं को पहचानना पड़ता है। हर दिन आपको कुछ नया सीखना होता है। हर दिन नया मौका है, खुद को बेहतर बनाने का। मैं एक ऐसे स्कूल में पढ़ा हूं, जहां कई बार डांट और सजा भी मिली। मेरे मार्क्स बहुत शानदार नहीं थे। 10वीं में सिर्फ 54% आए थे। लेकिन उस दिन मेरे परिवार ने मुझे ऐसे सेलिब्रेट किया, जैसे मैंने कोई बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली हो। इससे मैंने सीखा… सफलता सिर्फ नंबरों से नहीं मापी जाती, आपकी कोशिश और मेहनत से मापी जाती है। जिंदगी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। कुछ चुनौतियां भी आती हैं… लोग जज करते हैं, आपकी पर्सनल लाइफ पर बात करते हैं लेकिन ये सब सफर का हिस्सा है। कुछ बड़ा करना चाहते हैं, तो छोटी-छोटी कीमत चुकानी पड़ेगी। सपना देखना आसान है। उसे सच करने के लिए मेहनत, समय और त्याग चाहिए। लोग मजबूरी में नहीं, दिल से सम्मान करें… असली स्टारडम क्या होता है, ये मैंने एक घटना से सीखा। मैं एक कैफे में बैठा था, तभी लता मंगेशकर वहां से गुजरीं। वहां मौजूद हर व्यक्ति खड़ा हो गया। किसी ने कहा नहीं, लेकिन उन्होंने वो सम्मान कमाया था। लोग आपको मजबूरी में नहीं, दिल से सम्मान दें। इसलिए जिंदगी में सफल ही नहीं, काबिल भी बनने की कोशिश करें। (तमाम इंटरव्यूज में)









