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- Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Is There An Unknown Power Or Supreme Energy Helping Us?
2 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
युवाओं को लेकर भारत ही नहीं, सारी दुनिया एक नए ढंग से चिंतित है और आश्वस्त भी। जेन-जी ने कई देशों में अपनी उपस्थिति अलग-अलग ढंग से दर्ज की है। पिछले दिनों एस्टोनिया में मेरा भ्रमण था। सुंदरकांड पर मैं बोल चुका था और वहां की राजधानी टालिन में एक महिला गाइड ने मुझे सुनकर जानना चाहा कि मैंने क्या बोला।
जब मैंने सुंदरकांड में सफलता का महत्व उन्हें बताया तो उन्होंने अपने देश के युवाओं पर टिप्पणी की। उनका कहना था हमारे देश में भी युवा उद्दंड हो गए हैं, लेकिन 60% का धर्म और अध्यात्म में रुझान बढ़ गया। पहले वो धार्मिक स्थल नहीं जाते थे। अब विदेशों में भी लोग यहां जाते हैं और इसको मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ते हैं।
उनकी बात सुनकर मुझे भारत के मंदिरों में जेन-जी के जयकारे सुनाई देने लगे। क्योंकि मैं देश में जब युवाओं से मिलता हूं तो वो कहते हैं- हम ईश्वर के बारे में बहुत नहीं जानते, लेकिन अब यह महसूस होने लगा है कि कोई अज्ञात शक्ति है, कोई परम ऊर्जा है, जो हमारी मदद करती है। हमारे दम में भी न दिखने वाला दमखम उतरने लगा है।









