पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हमें अपने मंदिरों को ऊर्जा के केंद्र बनाना चाहिए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमें अपने मंदिरों को ऊर्जा के केंद्र बनाना चाहिए

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column | Transform Temples Into Energy Centers 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता देश ने पहले मंदिरों पर आक्रमण देखे। फिर प्रतिमाओं को टूटते देखा। फिर हमने एकजुट होकर मंदिरों की रक्षा की, प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की। हमने मंदिर इसलिए बनाए थे कि वे हमारे संकट […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हमारे परिवार सशक्त ही नहीं, एकजुट और संवेदनशील भी हों
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारे परिवार सशक्त ही नहीं, एकजुट और संवेदनशील भी हों

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column | Empowering & United Family Values 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भारत की एक ताकत है- परिवार-व्यवस्था। हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे परिवार केवल सशक्त ही न हों, एकजुट और संवेदनशील भी हों। आजकल माना जाता है कि रोटी, कपड़ा और मकान उच्च […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हमारी नई पीढ़ी विवाह को ठीक से समझे और स्वीकारे
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारी नई पीढ़ी विवाह को ठीक से समझे और स्वीकारे

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: New Generation Marriage Understanding 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों माता-पिता बच्चों का विवाह करने के बाद इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि विवाह सफल होगा या नहीं। पहले परमात्मा से प्रार्थना की जाती थी कि विवाह अच्छे से संपन्न हो […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  नई पीढ़ी को लेकर माफ करने की आदत बनाइए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: नई पीढ़ी को लेकर माफ करने की आदत बनाइए

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Cultivate Forgiveness For New Generation 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कारोबार की दुनिया में जो थोड़े अनुभवी हैं, उम्रदराज हैं, वो शिकायत करते हैं कि नई पीढ़ी के काम करने का ढंग परेशान कर रहा है। नौकरियां तो लोग ऐसे बदलते हैं, जैसे मूंगफली […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  असली नेतृत्व यह भी सिखाता है कि हारने पर क्या करना है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: असली नेतृत्व यह भी सिखाता है कि हारने पर क्या करना है

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Real Leadership Teaches How To Handle Loss 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पहले सीखने-सिखाने के तरीके भी अलग थे। नहाते हुए पानी छींटना, तकिए से एक-दूसरे पर प्रहार करना, चादरें ओढ़ कर डराना। इन खेलों के पीछे एक मनोविज्ञान काम करता था। कैसे प्रहार […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रकृति और मनुष्य के बीच भी भावनात्मक संबंध बढ़ें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति और मनुष्य के बीच भी भावनात्मक संबंध बढ़ें

पेड़ भी कुछ कहना चाहते हैं। यह प्रकृति के पक्ष में बोली जाने वाली आदर्श पंक्तियां नहीं, इसके पीछे एक सच काम कर रहा है। 20 से 100 किलोहर्ट्ज पर पेड़-पौधे आवाज करते हैं और इसे दूसरे पेड़ और कुछ जानवर सुनते भी हैं। इसके वैज्ञानिक प्रयोग हो चुके हैं। जैसे शांत पलों में पेड़ […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  धार्मिक रुझान तो बढ़ा है, आध्यात्मिक जागरण भी हो
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: धार्मिक रुझान तो बढ़ा है, आध्यात्मिक जागरण भी हो

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Religious Trend & Spiritual Awakening 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता बाजार की दुनिया में कहा जाता है कि दुनिया संतानों का अर्थशास्त्र है। इसीलिए बाजार ने बच्चों, युवाओं और महिलाओं को योजनाबद्ध ढंग से अपना उपभोक्ता बनाया और धीरे-धीरे ये उपभोक्ता बाजार का सामान […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  ऐसी मूर्खता न करें, जिससे भगवान से भरोसा उठ जाए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ऐसी मूर्खता न करें, जिससे भगवान से भरोसा उठ जाए

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Avoid Foolishness, Dont Lose Faith In God 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भगवान की कृपा सबके लिए समान रूप से बरसती है। हमें दो कारणों से लाभ नहीं मिल पाता- भरोसे की कमी और मूर्खता की अधिकता। ईश्वर भरोसे का दूसरा नाम है, लेकिन […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अवसरों को खोजने से ज्यादा उन्हें पहचानना आवश्यक है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अवसरों को खोजने से ज्यादा उन्हें पहचानना आवश्यक है

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Recognize Opportunities, Dont Just Find Them 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता सभी लोग, जिनकी स्मृतियां थोड़ी ताजी हैं, जब स्कूल में पढ़ते थे तो उन्हें याद होगा कि वो किस श्रेणी में थे। तो जो लोग उस समय बहुत तेज दिमाग थे, फ्रंट लाइन पर […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  परिवार संस्था के हित के लिए विवाह को लेकर गंभीर रहें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परिवार संस्था के हित के लिए विवाह को लेकर गंभीर रहें

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Marriage Institution Under Threat | Family Laws 9 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता विवाह संस्था पर धीरे-धीरे ऐसे आक्रमण हो रहे हैं, जिसके परिणाम अभी पता न लगें, लेकिन भविष्य में परिवार इसकी कीमत चुकाएंगे। कुछ सरकारें लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी दायरे में लेकर उसे समर्थन […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  परिवार संस्था के हित के लिए विवाह को लेकर गंभीर रहें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परिवार संस्था के हित के लिए विवाह को लेकर गंभीर रहें

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Marriage Institution Under Threat | Family Laws 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता विवाह संस्था पर धीरे-धीरे ऐसे आक्रमण हो रहे हैं, जिसके परिणाम अभी पता न लगें, लेकिन भविष्य में परिवार इसकी कीमत चुकाएंगे। कुछ सरकारें लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी दायरे में लेकर उसे समर्थन […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  कोई अज्ञात शक्ति या परम ऊर्जा है, जो मदद करती है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कोई अज्ञात शक्ति या परम ऊर्जा है, जो मदद करती है

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Is There An Unknown Power Or Supreme Energy Helping Us? 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता युवाओं को लेकर भारत ही नहीं, सारी दुनिया एक नए ढंग से चिंतित है और आश्वस्त भी। जेन-जी ने कई देशों में अपनी उपस्थिति अलग-अलग ढंग से दर्ज की […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  जब कभी भी हमारा अपमान हो तो उससे विचलित ना हों
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जब कभी भी हमारा अपमान हो तो उससे विचलित ना हों

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Ego Hinders Lifes Journey | Hindi Column 2026 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपने भक्त का हित करने का ढंग भी भगवान का निराला है। जैसे किसी बच्चे को फोड़ा हो जाए तो उसकी मां उसका इलाज कराती है। उसमें भी पीड़ा है, लेकिन मां […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  काम के बीच में अपने को पुनः ऊर्जावान भी करते रहिए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: काम के बीच में अपने को पुनः ऊर्जावान भी करते रहिए

बहुत सारे लोग आठ-दस घंटे लगातार काम करते हैं और कुछ लोग एक-दो घंटे में बार-बार ब्रेक लेते हैं। दोनों ही स्थितियां ठीक नहीं हैं। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि लगातार यदि काम करना है तो अवधि चार घंटे की रखिए, इसे कहेंगे जमकर काम करना। चार घंटे तक काम करें तो मानसिक थकान नहीं आएगी। […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  नींद के नियम तोड़ेंगे तो रोग देह में प्रवेश के लिए तैयार हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: नींद के नियम तोड़ेंगे तो रोग देह में प्रवेश के लिए तैयार हैं

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Break Sleep Rules, Invite Disease 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों ज्यादातर लोग जिस बात को लेकर बेफिक्र हैं, वो है नींद का मामला। कुछ लोग बहुत कम सोते हैं और कुछ बेवक्त सोते हैं। पिछले दिनों एक बड़े राजनेता मुझे मिले और […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम- अशांति मिटाने के लिए एकाग्रता भी एक टूल है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम- अशांति मिटाने के लिए एकाग्रता भी एक टूल है

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Focus Is A Tool To Remove Anxiety | Column 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता प्रबंधन की दुनिया में इस पर काफी बहस होती है कि फोकस्ड रहना ठीक है या मल्टीटास्किंग बेहतर है। इसे धार्मिक दृष्टि से देखें तो राम बहुत फोकस्ड थे और कृष्ण […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हमारे समृद्ध घरों के अधिकांश सदस्य आदतों से गरीब हो गए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारे समृद्ध घरों के अधिकांश सदस्य आदतों से गरीब हो गए

भारत के धनाढ्य परिवारों में किस बात की गरीबी है? गहराई से सोचें तो हमारे समृद्ध घरों के अधिकांश सदस्य आदतों से गरीब हो गए। यह एक डराने वाला आंकड़ा है कि 60% युवा दिन में तीन घंटे के आसपास ऑनलाइन गेमिंग में उलझे हुए हैं और यह आंकड़ा दुनिया में सर्वाधिक है। डिजिटल मीडिया […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अनुभव शरीर से जुड़ा है तो अनुभूति हृदय और आत्मा से
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अनुभव शरीर से जुड़ा है तो अनुभूति हृदय और आत्मा से

शंकराचार्य जी ने दो बातें हमारे बड़े काम की बोली हैं। पहली बात वे कहते हैं मंदिर वही पहुंचता है, जो धन्यवाद देने जाता है, मांगने नहीं। और दूसरी बात, वास्तविक आनंद उन्हीं को मिलता है, जो आनंद की तलाश नहीं करते। तो पहली बात को यूं समझें कि जब भी हम लोग मंदिर जाएं, […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  क्षमा की दाल और धैर्य की रोटी हाजमा नहीं बिगाड़ती है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: क्षमा की दाल और धैर्य की रोटी हाजमा नहीं बिगाड़ती है

हमारे देश में भोजन के लिए दो प्रतिनिधि शब्द हैं- दाल-रोटी। इसमें समूचा भोजन समा जाता है। कहते हैं पाचन के लिए सबसे सुविधाजनक भोजन यही है। बाकी डिश तो फिर इनका विस्तार हैं। पाचन-शक्ति अच्छी होनी भी चाहिए। अब हम एक भोजन और करने लगे हैं आजकल, और वह है क्रोध। कम लोग जानते […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  भगवान अपने भक्त में कभी भी अभिमान नहीं रहने देते हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवान अपने भक्त में कभी भी अभिमान नहीं रहने देते हैं

हमेशा सामान्य रहने की कोशिश करें। जब समाज में आपकी प्रतिष्ठा और पहचान होती है तो और अधिक सामान्य बनने का प्रयास करें। जब कभी हमारा कहीं अपमान हो जाए तो उससे व्यथित होने की जगह उस परिस्थिति और व्यक्ति से सीखें कि ऐसा हुआ क्यों। बल्कि मन ही मन उस स्थिति का आभार व्यक्त […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  भगवान अपने भक्त में कभी भी अभिमान नहीं रहने देते हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवान अपने भक्त में कभी भी अभिमान नहीं रहने देते हैं

हमेशा सामान्य रहने की कोशिश करें। जब समाज में आपकी प्रतिष्ठा और पहचान होती है तो और अधिक सामान्य बनने का प्रयास करें। जब कभी हमारा कहीं अपमान हो जाए तो उससे व्यथित होने की जगह उस परिस्थिति और व्यक्ति से सीखें कि ऐसा हुआ क्यों। बल्कि मन ही मन उस स्थिति का आभार व्यक्त […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बुद्धि का सदुपयोग बुद्धिमान होने के लिए महत्वपूर्ण है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बुद्धि का सदुपयोग बुद्धिमान होने के लिए महत्वपूर्ण है

केवल बुद्धि से काम नहीं चलता। बुद्धि का सदुपयोग और दुरुपयोग महत्वपूर्ण हो जाता है। बुद्धि के दुरुपयोग का सबसे बड़ा उदाहरण रावण है और बुद्धि के सदुपयोग का उदाहरण काकभुशुंडि हैं। रावण ब्राह्मण था, विश्व विजेता था, राक्षसों का राजा था। लेकिन बुद्धि के मामले में गड़बड़ा गया। काकभुशुंडि पक्षी, और उसमें भी निकृष्ट […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अपने भीतर ही एक नायक को रचने की तैयारी करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने भीतर ही एक नायक को रचने की तैयारी करें

पहले इंसान बनाने का काम माता-पिता, गुरुजन और समाज द्वारा किया जाता था। यह अभी भी चल रहा है, लेकिन सावधानी नहीं रखी तो इंसान बनाने का काम मशीन हाथ में ले लेगी। इसलिए टेक कंपनियों के कार्यों पर आध्यात्मिक फिल्टर लगाने का समय आ गया है। हमारी संस्कृति में परमात्मा ने एक अनूठा प्रयोग […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  एआई सक्रिय हो जीवन में, लेकिन हम लाचार भी न हों
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: एआई सक्रिय हो जीवन में, लेकिन हम लाचार भी न हों

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: AI In Life, Mutual Amplification | Hindu Philosophy 12 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जब श्रीराम ने युद्ध के पहले अंगद को दूत बनाकर रावण के पास भेजा तो एक बहुत अच्छी बात उन्होंने बोली थी- अंगद, रावण से तुम्हारा व्यवहार इस प्रकार होना चाहिए कि […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  कोई गुरु न मिले तो हनुमान जी को अपना गुरु बनाइए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कोई गुरु न मिले तो हनुमान जी को अपना गुरु बनाइए

दुनियादारी के प्रति भ्रम हो तो उसका निपटारा हो भी जाता है, लेकिन जब भ्रम ईश्वर के प्रति होता है तो पूरा जीवन गड़बड़ा सकता है। काकभुशुंडिजी ने एक पंक्ति बोली- निर्गुन रूप सुलभ अति सगुन जान नहिं कोई, सुगम अगम नाना चरित सुनि मुनि मन भ्रम होई। निर्गुण रूप अत्यंत सुलभ, सहज ही समझ […]