पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  कोई गुरु न मिले तो हनुमान जी को अपना गुरु बनाइए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कोई गुरु न मिले तो हनुमान जी को अपना गुरु बनाइए

दुनियादारी के प्रति भ्रम हो तो उसका निपटारा हो भी जाता है, लेकिन जब भ्रम ईश्वर के प्रति होता है तो पूरा जीवन गड़बड़ा सकता है। काकभुशुंडिजी ने एक पंक्ति बोली- निर्गुन रूप सुलभ अति सगुन जान नहिं कोई, सुगम अगम नाना चरित सुनि मुनि मन भ्रम होई। निर्गुण रूप अत्यंत सुलभ, सहज ही समझ […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  मेलजोल और अपनापन भी एक तरह की देशसेवा है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मेलजोल और अपनापन भी एक तरह की देशसेवा है

राजनीतिक दल एक-एक करके हमारे देश के प्रदेशों पर खूब काम कर रहे हैं। सरकारें बदल गईं, नई-नई योजनाएं रूप ले रही हैं। हर प्रदेश प्रमुख का दावा है कि हमने श्रेष्ठ कर दिया, लेकिन अब प्रदेश के साथ-साथ समाज और परिवार पर भी काम करने का समय आ गया। हमारे भारत देश को आने […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  एक-दूसरे की देह का शोषण काम-ऊर्जा का दुरुपयोग है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: एक-दूसरे की देह का शोषण काम-ऊर्जा का दुरुपयोग है

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Exploitation Is Misuse Of Sexual Energy 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपराध वेश बदलने में बड़ा माहिर होता है। हर दौर में अपराध नई-नई शक्ल लेकर आता है। दार्शनिकों ने कहा है अपराध मिटता नहीं है, छुप जाता है और मौका मिलने पर सामने […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हमारे कार्यों से दुर्गुण गिर जाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हमारे कार्यों से दुर्गुण गिर जाएं

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Virtue In Actions, From Vice To Creation 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हम लोग अधिकांश मौकों पर प्रतिक्रिया में ही जीते हैं। किसी ने कुछ हमसे कहा, हमारे लिए अच्छा किया या बुरा किया और हम तुरंत रिएक्ट करते हैं। धीरे-धीरे हमारा मौलिक कृत्य […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  ज्ञान, कर्म और उपासना को समझकर छद्म से बचें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ज्ञान, कर्म और उपासना को समझकर छद्म से बचें

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Knowledge, Karma, Worship & Avoiding Fake 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आज के लग्जरी मार्केट में ब्रांडेड वस्तुओं में भी लगभग 8% माल नकली बताया जाता है तो सामान्य वस्तुओं की तो बात छोड़ ही दें। खान-पान की वस्तुएं नकली, किसी के नाम से […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  राम-काज में आतुर और राज-काज में तत्पर हो जाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: राम-काज में आतुर और राज-काज में तत्पर हो जाएं

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: Become Eager In The Service Of Ram, And Prompt In The Affairs Of Governance. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता देश-सेवा में तत्पर रहें और देव-सेवा में आतुर रहें। वैसे तो विवेकानंद जी कहते हैं, देश ही पहला देव है। हम भारत को और परमात्मा के […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  दिनभर में कुछ शब्द ऐसे बोलें, जो अत्यंत मोहक हों
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दिनभर में कुछ शब्द ऐसे बोलें, जो अत्यंत मोहक हों

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: Speak A Few Words Throughout The Day That Are Truly Enchanting. 8 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों अधूरे, अमर्यादित वाक्यांशों को हथियार बनाकर ऑनलाइन लड़ाइयां लड़ी जा रही हैं। कुछ लोग तो डिजिटल मीडिया पर शब्दों को फांसी के फंदे पर चढ़ाने का ही […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  स्वयं प्रयास करने पर सत्य की संभावना बढ़ जाती है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: स्वयं प्रयास करने पर सत्य की संभावना बढ़ जाती है

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: The Probability Of Truth Increases Through Personal Effort 9 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता मशीन और मानवता का खुलेआम मुकाबला हो रहा है। विज्ञान की आंधी में मानवता बिजूके की तरह उड़ गई है। मानवीय प्रयास- जिसको हम लोग मैन्युअल कहते हैं- उसे करते समय हम […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  दौड़भाग की दुनिया में कुछ अभ्यास रुकने का जरूर करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दौड़भाग की दुनिया में कुछ अभ्यास रुकने का जरूर करें

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: In This Hectic World, Make Sure To Practice Pausing 7 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भागमभाग की इस दुनिया में अब और भागने का समय आ गया। यह भी तय है कि यदि आप भागेंगे नहीं तो हाशिए पर पटक दिए जाएंगे। तो कुछ अभ्यास रुकने […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  पांच इंद्रियों का पंचकर्म आपको मौन में उतार देगा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: पांच इंद्रियों का पंचकर्म आपको मौन में उतार देगा

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Five Senses Panchakarma Leads To Silence 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता मौन को शारीरिक क्रिया मानने की भूल न करें। शारीरिक क्रिया चुप्पी है, मौन आत्मिक घटना है। आजकल एआई को फोर्स मल्टीप्लायर कहा जाता है। यानी ताकत को कई गुना बढ़ाने वाला उपकरण। […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  युवाओं के ‘शंकर-दूत’ बनने का समय आ गया है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: युवाओं के ‘शंकर-दूत’ बनने का समय आ गया है

Hindi News Opinion Youth Become Shankar Doot: Pandit Vijay Shankar Mehtas Column On Advaita Vedanta 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जिस धर्म की छाया में हम सुरक्षित, समन्वित और सानंद हैं, यह आदिगुरु शंकराचार्य जी द्वारा दी गई स्थिति है। पिछले दिनों नर्मदा तट पर एक अनूठा अनुष्ठान हुआ। विभिन्न क्षेत्रों के […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  आंतरिक नेत्रों से ही संभव है दिशाभ्रम का समाधान
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आंतरिक नेत्रों से ही संभव है दिशाभ्रम का समाधान

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Inner Eyes Solve Direction Confusion 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आंखों को आंखों से देखने के लिए भी आईना लगता है। मेडिकल साइंस हमारी आंखों को केवल देखने, दिखाने से जोड़कर चलता है। अध्यात्म विज्ञान कहता है, दो आंखें भीतर भी होती हैं। शंकर […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  आत्मा का ज्ञान जीवन में उतार लें तो आत्महत्याएं कम होंगी
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आत्मा का ज्ञान जीवन में उतार लें तो आत्महत्याएं कम होंगी

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: If We Internalize The Knowledge Of The Soul, Suicides Will Decline. 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता वैसे तो स्त्री और पुरुष में दसों इंद्रियां एक जैसी होती हैं, आकार और प्रकार का भेद होता है बस। पर एक विचार इन दोनों में समान है और […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अपनी खूबियों को दूसरों की सेवा में लगाएं लेकिन समय से
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपनी खूबियों को दूसरों की सेवा में लगाएं लेकिन समय से

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Use Skills In Service, But On Time 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपना बेस्ट भी समय पर डिलीवर करिए, ये प्रबंधन की दुनिया की एक समझाइश है। इसमें दो बातें हैं- बेस्ट और समय। हमारी जो खूबियां हैं, उनको जरूर दूसरों की सेवा में […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रकृति को छेड़ेंगे तो वह अपना विपरीत ही आपको सौंपेगी
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति को छेड़ेंगे तो वह अपना विपरीत ही आपको सौंपेगी

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Natures Repercussions On Youth & Gender Identity 40 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता देर रात की पार्टियां अब महंगी पड़ रही हैं। इनमें नशे का खेल चल रहा है। मौज-मस्ती की आड़ में आनंद अनैतिक होता जा रहा है। नई पीढ़ी के बच्चे, जो रात […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  एकाग्रता साध लें तो कितना ही काम हो, थकेंगे नहीं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: एकाग्रता साध लें तो कितना ही काम हो, थकेंगे नहीं

अगर आप नियमित पूजा करते हैं तो उसकी एक ऐसी ड्रिल बनाइए कि उसमें जो भी काम आप करें- चाहे माला जपें, भगवान को स्नान कराएं, किसी पुस्तक का पारायण करें, कोई भजन गाएं- जो भी करें रुककर करें, टिककर करें। उस समय न अतीत में जाएं, न भविष्य को सोचें। बहुत सारी पूजा ना […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं

मनुष्य के छह शत्रुओं में एक लोभ भी है। इसका अर्थ है अतिरिक्त लालसा, अनुचित की मांग। यह धन, पद, वस्तु, शरीर- इन पर काम करता है। मोटे तौर पर लोभ और लालच एक ही हैं। छोटा-सा फर्क ये है कि लोभ, यानी जो आपके पास है, उसको और बढ़ाएं। और लालच, यानी जो दूसरों […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  ‘मनचाहा’ और ‘अनचाहा’ के बीच झूलता रहता है जीवन
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ‘मनचाहा’ और ‘अनचाहा’ के बीच झूलता रहता है जीवन

धन मेहनत से आता है, लेकिन समृद्धि अपने साथ दूसरों को धनवान बनाने से भी आती है। जब हम विकास यात्रा में हों तो किसी को पीछे भले छोड़ दें, उसको बर्बाद ना करें। अपने प्रयासों से आगे बढ़ जाएं। जो पीछे रह गया, यदि वो नादान है तो खुद बर्बाद हो जाएगा, लेकिन हमारी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  परमात्मा ने हमको बनाकर कहा है- डु इट योरसेल्फ!
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परमात्मा ने हमको बनाकर कहा है- डु इट योरसेल्फ!

ऊपर वाले ने जब मनुष्य को बनाया तो एक बात मनुष्य में डाली- असीम संभावना। दार्शनिक लोग कहते हैं कि हर मनुष्य को बनाने के बाद जब ऊपर वाला नीचे भेजता है तो सभी के कान में एक बात बोलता है कि मैंने तुझे जो कुछ भी दिया, उसमें सबसे ज्यादा संभावना दी है। नीचे […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बुढ़ापे में कम से कम इतना जरूर करें कि मन हल्का रखें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बुढ़ापे में कम से कम इतना जरूर करें कि मन हल्का रखें

आजकल की पीढ़ी के मुंह से कभी-कभी यह बात सुनाई देती है कि मैं चीजों को दिल पर नहीं लेता या लेती हूं। यानी ये लोग जिम्मेदारियों को भी बहुत लाइटली ले लेते हैं। कहते हैं कि दिल पर लेना भी फायदेमंद होता है। कभी-कभी दर्द भी जुनून पैदा करता है। अब हम इसी बात […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  जीवन में खुशी आए तो कोशिश करें अकेलापन न बढ़ जाए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन में खुशी आए तो कोशिश करें अकेलापन न बढ़ जाए

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: When Happiness Enters Your Life, Strive To Ensure That Loneliness Does Not Increase. 8 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता उत्साह और उदासी दोनों संक्रामक हैं। किसी प्रसन्नचित व्यक्ति के पास बैठें तो अपने आप अच्छा लगने लगता है। जिसका मूड खराब हो, उसकी संगत मिले तो […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हनुमान जी बताते हैं जीवन में शोर व शून्य का संतुलन हो
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हनुमान जी बताते हैं जीवन में शोर व शून्य का संतुलन हो

हम कितनी सांस लेते हैं, कैसे लेते हैं, इसका हिसाब रखना बहुत जरूरी है। जो लोग शांति की तलाश में हैं, उन्हें सांस पर काम करना होगा। क्योंकि मनुष्य के जीवन में सोचने से नहीं, श्वास से चिंता भीतर जाती है। हनुमान जी पवन-पुत्र हैं। हम अपने प्राणों पर मंत्र के जितने प्रयोग करेंगे, उतने […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  भगवंत की कृपा होती है तो जीवन में संत आते हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवंत की कृपा होती है तो जीवन में संत आते हैं

संत और भगवंत का तालमेल निराला है। एक के माध्यम से दूसरा मिल जाता है और दूसरे के माध्यम से पहला प्राप्त हो जाता है। भगवंत कृपा करते हैं तो जीवन में संत आते हैं और संत वो रास्ता बताते हैं कि हम भगवान तक पहुंच सकते हैं। रामकथा सुनकर पक्षीराज गरुड़ अभिभूत थे तो […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  संतुलित, मीठे और अर्थपूर्ण शब्द बोलें तो ये भी पूजा है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: संतुलित, मीठे और अर्थपूर्ण शब्द बोलें तो ये भी पूजा है

विवेकानंद कहते थे आपके शब्द आपके व्यक्तित्व के प्रतिनिधि हैं। वैसे तो आदमी आजकल ये कला सीख गया है कि बनाकर बात कैसे करना। तो भीतर कुछ और चल रहा है और बाहर बहुत मीठे शब्द बोले जा रहे हैं। लेकिन लंबे समय ऐसा चलता नहीं है। तो अध्यात्म कहता है- जो बोलो, दिल से […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  नववर्ष आध्यात्मिक साधना के लिए बहुत सहयोगी है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: नववर्ष आध्यात्मिक साधना के लिए बहुत सहयोगी है

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: New Year Spiritual Practice Supportive 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कुछ बातों को देव कृपा और देव प्रकोप मानना बंद करना चाहिए। बाढ़ आती है, हमारा कुछ नुकसान होता है, शरीर बीमार होता है तो हम कह देते हैं कि भगवान की इच्छा है। […]