Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Is There An Unknown Power Or Supreme Energy Helping Us? 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता युवाओं को लेकर भारत ही नहीं, सारी दुनिया एक नए ढंग से चिंतित है और आश्वस्त भी। जेन-जी ने कई देशों में अपनी उपस्थिति अलग-अलग ढंग से दर्ज की […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: योग लोकप्रिय तो हो गया है पर इसे आवश्यक बनाना होगा
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: Yoga Popular But Needs To Be Essential 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कल सारी दुनिया योग की तैयारी कर रही होगी। शिव और पार्वती जी ने एकांत में चर्चा की। उस चर्चा का संपादन पतंजलि ऋषि ने किया, वही योग है। योग अत्यधिक लोकप्रिय होता […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम- अशांति मिटाने के लिए एकाग्रता भी एक टूल है
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Focus Is A Tool To Remove Anxiety | Column 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता प्रबंधन की दुनिया में इस पर काफी बहस होती है कि फोकस्ड रहना ठीक है या मल्टीटास्किंग बेहतर है। इसे धार्मिक दृष्टि से देखें तो राम बहुत फोकस्ड थे और कृष्ण […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: यदि हम अहंकारी हैं तो अपना ही नुकसान कर रहे होते हैं
अहंकार को लेकर हमारे शास्त्रों में अलग-अलग ढंग से कई बातें बोली गई हैं। अभिमान भक्ति के मार्ग में बहुत बड़ी बाधा है और संसार में भी घमंड आखिर में तकलीफ ही देता है। अब इस बात को एक नए ढंग से तुलसीदास जी प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अभिमान को क्लेश और शोक से जोड़ […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन को हटाने से ही वह स्पेस बनेगा, जो हमें शांत करता है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: Only By Withdrawing The Mind Will That Space Be Created Which Brings Us Peace. 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जीवन में दु:ख आना और दु:खी हो जाना, ये दो अलग बातें हैं। ऐसा कोई दु:ख बना ही नहीं, जो बिना सुख के आए और ऐसा […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने भीतर ही एक नायक को रचने की तैयारी करें
पहले इंसान बनाने का काम माता-पिता, गुरुजन और समाज द्वारा किया जाता था। यह अभी भी चल रहा है, लेकिन सावधानी नहीं रखी तो इंसान बनाने का काम मशीन हाथ में ले लेगी। इसलिए टेक कंपनियों के कार्यों पर आध्यात्मिक फिल्टर लगाने का समय आ गया है। हमारी संस्कृति में परमात्मा ने एक अनूठा प्रयोग […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रेम, श्रद्धा, स्नेह से जीवन में भक्ति आसानी से उतर आती है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: Through Love, Reverence, And Affection, Devotion Easily Enters One’s Life. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता ईश्वर संदेह का नहीं, जिज्ञासा का विषय है। संदेह की जब अति हो जाती है तो लोग अपना अज्ञान भी भगवान पर आरोपित कर देते हैं। हमारा अज्ञान, हमारा अहंकार […]
गोस्वामी तुलसीदास की सीख: भक्ति में मन की स्थिति से ज्यादा महत्वपूर्ण है नियमित रूप से मंत्र जप करना
कभी-कभी जीवन में ऐसा समय आता है जब मन किसी भी काम में नहीं लगता। न पढ़ाई में, न काम में और न ही पूजा-पाठ में। व्यक्ति खुद को भीतर से खाली महसूस करता है। भक्ति के मार्ग पर चलने वाले अधिकतर लोगों के साथ भी ऐसा होता है कि मन पूरी तरह एकाग्र नहीं […]
स्वामी विवेकानंद की सीख: धैर्य और सहनशीलता का गुण मां से सीखें, मुश्किलों का सामना मुस्कान के साथ करना चाहिए, तभी सुख-शांति मिलती है
6 घंटे पहले कॉपी लिंक आज (रविवार, 10 मई) मदर्स डे है। स्वामी विवेकानंद से जुड़ा एक ऐसा किस्सा प्रसिद्ध है, जिसमें बताया गया है कि मां को सबसे महान क्यों माना जाता है। एक बार एक व्यक्ति ने स्वामी विवेकानंद से प्रश्न किया- “स्वामी जी, इस संसार में सबसे अधिक महत्व मां को ही […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आंतरिक नेत्रों से ही संभव है दिशाभ्रम का समाधान
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Inner Eyes Solve Direction Confusion 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आंखों को आंखों से देखने के लिए भी आईना लगता है। मेडिकल साइंस हमारी आंखों को केवल देखने, दिखाने से जोड़कर चलता है। अध्यात्म विज्ञान कहता है, दो आंखें भीतर भी होती हैं। शंकर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोग बदलते नहीं, बस छिपा हुआ स्वभाव प्रकट हो जाता है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: People Dont Change, Just Reveal Hidden Nature 28 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता प्रेम, पैसा और पद धीरे-धीरे जीवन में आएं तब तो बहुत अधिक तकलीफ नहीं होगी, लेकिन जब ये अचानक आते हैं तब उपद्रव हो जाता है। कहते हैं ये तीनों जीवन में आएं […]
लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: वास्तविकता का अनुभव समझ से किया जा सकता है – आदि शंकराचार्य
आदि शंकराचार्य महान भारतीय दार्शनिक और योगी थे। भारतवर्ष में चार मठों की स्थापना की 1. यह संसार आसक्ति और द्वेष से भरे एक स्वप्न की तरह है, जो जागरण होने तक वास्तविक प्रतीत होता है। 2. वास्तविकता का अनुभव केवल समझ की दृष्टि से किया जा सकता है, विद्वत्ता से नहीं। 3. किसी को […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपनी हार का डर हो, ताकि जीत की प्रेरणा मिलती रहे
बड़े-बड़े खिलाड़ियों से बनी अंतरराष्ट्रीय टीमें भी हार और जीत के लिए किसी न किसी से प्रेरणा लेती हैं। इन टीमों के मैनेजर इस बात के गवाह होते हैं कि तैयारी कैसी की गई, मैच कैसा खेला गया और परिणाम कैसा और क्यों आया? समझदार कोच और मैनेजर खिलाड़ियों पर एक प्रयोग करते हैं। वो […]
संत की भक्त महिला को सीख: एक साथ कई काम करने से हमारा ध्यान टूट जाता है, बेहतर होगा अगर एक समय पर एक ही काम करें
एक लोक कथा है, पुराने समय एक महिला रोज अपने घर के पास के मंदिर में पूजा करने जाती थी। वह बहुत नियम से भक्ति करती थी और भगवान में उसकी गहरी आस्था थी, लेकिन धीरे-धीरे उसके मन में एक बात घर करने लगी कि मंदिर में आने वाले कई लोग सिर्फ दिखावा करते हैं। […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: एकाग्रता साध लें तो कितना ही काम हो, थकेंगे नहीं
अगर आप नियमित पूजा करते हैं तो उसकी एक ऐसी ड्रिल बनाइए कि उसमें जो भी काम आप करें- चाहे माला जपें, भगवान को स्नान कराएं, किसी पुस्तक का पारायण करें, कोई भजन गाएं- जो भी करें रुककर करें, टिककर करें। उस समय न अतीत में जाएं, न भविष्य को सोचें। बहुत सारी पूजा ना […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं
मनुष्य के छह शत्रुओं में एक लोभ भी है। इसका अर्थ है अतिरिक्त लालसा, अनुचित की मांग। यह धन, पद, वस्तु, शरीर- इन पर काम करता है। मोटे तौर पर लोभ और लालच एक ही हैं। छोटा-सा फर्क ये है कि लोभ, यानी जो आपके पास है, उसको और बढ़ाएं। और लालच, यानी जो दूसरों […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परमात्मा ने हमको बनाकर कहा है- डु इट योरसेल्फ!
ऊपर वाले ने जब मनुष्य को बनाया तो एक बात मनुष्य में डाली- असीम संभावना। दार्शनिक लोग कहते हैं कि हर मनुष्य को बनाने के बाद जब ऊपर वाला नीचे भेजता है तो सभी के कान में एक बात बोलता है कि मैंने तुझे जो कुछ भी दिया, उसमें सबसे ज्यादा संभावना दी है। नीचे […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हनुमान जी बताते हैं जीवन में शोर व शून्य का संतुलन हो
हम कितनी सांस लेते हैं, कैसे लेते हैं, इसका हिसाब रखना बहुत जरूरी है। जो लोग शांति की तलाश में हैं, उन्हें सांस पर काम करना होगा। क्योंकि मनुष्य के जीवन में सोचने से नहीं, श्वास से चिंता भीतर जाती है। हनुमान जी पवन-पुत्र हैं। हम अपने प्राणों पर मंत्र के जितने प्रयोग करेंगे, उतने […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सद्गुणों को विजयी बनाना है तो मौन और ध्यान को साधें
Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Conquer Negativity With Silence & Meditation 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों दुनिया में जो देश युद्ध कर रहे हैं, उनको लेकर विश्लेषकों का कहना है जिस देश का जासूसी नेटवर्क तगड़ा होगा और जो एआई का इस्तेमाल भरपूर करेगा, वो जीतेगा। दुनिया का […]
सी.पी. राधाकृष्णन का कॉलम: जहां आध्यात्मिकता का परम्परा से मिलन होता है
तमिलनाडु लंबे समय से आध्यात्मिक भूमि रहा है। प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, गहरी समावेशी भावना और अद्वितीय बुद्धिमत्ता से संपन्न हमारे तमिल प्रदेश ने पूरे देश के धर्मों को खुलेपन के साथ अपनाया और उन्हें पोषित किया। यही कारण है कि तमिलनाडु के लोगों ने जैन धर्म को सहज भाव से अपनाया, जिसका जन्म वर्तमान बिहार […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: नववर्ष आध्यात्मिक साधना के लिए बहुत सहयोगी है
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: New Year Spiritual Practice Supportive 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कुछ बातों को देव कृपा और देव प्रकोप मानना बंद करना चाहिए। बाढ़ आती है, हमारा कुछ नुकसान होता है, शरीर बीमार होता है तो हम कह देते हैं कि भगवान की इच्छा है। […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें
जीवन में हमारी ऊर्जा को जो बातें पी जाती हैं, उनमें से एक है संदेह। यदि आप अत्यधिक संदेहग्रस्त होते जा रहे हैं तो ये मनोरोग है। लेकिन मनुष्य का स्वभाव है संदेह करना। तो इसे दूर करने के हमारे यहां जो उपाय बताए गए, उनमें से एक है ईश्वर के चरित्र का श्रवण किया […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हर व्यक्ति या परिस्थिति में ईश्वर को अवश्य ढूंढिए
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Be Sure To Find God In Every Person Or Situation 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जिस दुनिया को हम जानते हैं, उससे भी ज्यादा अनजानी दुनिया है। मैं इन दिनों चार देशों- फिनलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे और स्वीडन की यात्रा पर हूं। यहां मेरे प्रवचन चल […]
दुखी संत को गुरु की सीख: आत्मविश्वास के बिना हम किसी भी समस्या का सामना नहीं कर सकते, खुद पर भरोसा रखने से मुश्किलें आसान लगने लगती हैं
पुराने समय की बात है, एक गांव में दो संत थे। दोनों एक ही आश्रम में रहते थे और दोनों का जीवन बहुत साधारण था। संतों में से एक का नाम सुखी था और दूसरे का नाम दुखी। संत सुखी हर समय प्रसन्न और संतुष्ट रहता था। वहीं, दुखी संत हमेशा उदास और परेशान दिखता […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: विवाह में देह से आगे बढ़कर आत्मा तक की यात्रा करें
विवाह इसीलिए रचाया जाता है कि जीवन में एक अभाव की पूर्ति हो जाए। विवाह पूर्व जिस सुख की तलाश में मनुष्य रहता है, वो प्राप्त हो जाए। दु:ख की कल्पना कोई नहीं करता। लेकिन इन दिनों विवाह के मतलब बदलते जा रहे हैं। एक पीढ़ी तो भूल ही जाएगी कि विवाह संस्कार है। और […]





























