जिन विवेकानंद जी और स्वामी रामतीर्थ को सारी दुनिया में प्रशंसा मिली, उनको अपने ही देश में तवज्जो नहीं दी गई थी। और ये दोनों कहा करते थे कि प्रशंसा का प्रमाण-पत्र लेना भी हो तो परमात्मा से लो, दुनिया क्या देगी। लेकिन मनुष्य की सबसे बड़ी कमजोरी होती है अहंकार, और प्रशंसा अहंकार का […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अकेलेपन को एकांत में बदल देने में सक्षम है योग
अकेलापन और भविष्य का भय युवाओं को कॉर्पोरेट जगत में और बड़े-बूढ़ों को परिवार में सता रहा है। जिन्होंने नौकरी, कारोबार की दुनिया में खूब सुख और धन अर्जित किया, उनके चेहरे पर भी इसकी झलक मिलती है। और परिवार में बड़े-बूढ़ों के जीवन में अकेलापन ऐसा उतरा कि वृद्धावस्था घोर पीड़ा लगने लगी। दुनियादारी […]
संत की दुखी व्यक्ति को सीख: कथा- सभी समस्याएं एक साथ कभी खत्म नहीं होतीं, समस्याओं को स्वीकार करें और उनका समाधान खोजने की कोशिश करें
Hindi News Jeevan mantra Dharm Life Problems Saint Advice Solution Hope, Life Management Tips In Hindi, Prerak Katha, Inspirational Story In Hindi 11 घंटे पहले कॉपी लिंक एक लोक कथा है, पुराने समय में किसी गांव में एक बहुत मेहनती और ईमानदार व्यक्ति जीवन की परेशानियों से निराश हो गया था। कभी आर्थिक समस्या, तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भक्ति करते रहो, ईश्वर को प्रार्थना पसंद है प्रदर्शन नहीं
अंतिम समय में कबीर कहां गए, यह रहस्य फूलों में ही बसा रहा। मीरा कहां अंतर्धान हुईं, कोई मूर्ति बता नहीं पा रही। भक्त भगवान में कैसे लीन होता है, उसके अनेक उदाहरण हमारे यहां हैं। भक्ति के लिए तीर्थ-मंदिर पहला कदम हो सकते हैं। उसके बाद आप स्वतंत्र हैं। आप जीवन भर किसी मंदिर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति और मनुष्य के बीच भी भावनात्मक संबंध बढ़ें
पेड़ भी कुछ कहना चाहते हैं। यह प्रकृति के पक्ष में बोली जाने वाली आदर्श पंक्तियां नहीं, इसके पीछे एक सच काम कर रहा है। 20 से 100 किलोहर्ट्ज पर पेड़-पौधे आवाज करते हैं और इसे दूसरे पेड़ और कुछ जानवर सुनते भी हैं। इसके वैज्ञानिक प्रयोग हो चुके हैं। जैसे शांत पलों में पेड़ […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ऐसी मूर्खता न करें, जिससे भगवान से भरोसा उठ जाए
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Avoid Foolishness, Dont Lose Faith In God 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भगवान की कृपा सबके लिए समान रूप से बरसती है। हमें दो कारणों से लाभ नहीं मिल पाता- भरोसे की कमी और मूर्खता की अधिकता। ईश्वर भरोसे का दूसरा नाम है, लेकिन […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कोई अज्ञात शक्ति या परम ऊर्जा है, जो मदद करती है
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Is There An Unknown Power Or Supreme Energy Helping Us? 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता युवाओं को लेकर भारत ही नहीं, सारी दुनिया एक नए ढंग से चिंतित है और आश्वस्त भी। जेन-जी ने कई देशों में अपनी उपस्थिति अलग-अलग ढंग से दर्ज की […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: योग लोकप्रिय तो हो गया है पर इसे आवश्यक बनाना होगा
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: Yoga Popular But Needs To Be Essential 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कल सारी दुनिया योग की तैयारी कर रही होगी। शिव और पार्वती जी ने एकांत में चर्चा की। उस चर्चा का संपादन पतंजलि ऋषि ने किया, वही योग है। योग अत्यधिक लोकप्रिय होता […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम- अशांति मिटाने के लिए एकाग्रता भी एक टूल है
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Focus Is A Tool To Remove Anxiety | Column 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता प्रबंधन की दुनिया में इस पर काफी बहस होती है कि फोकस्ड रहना ठीक है या मल्टीटास्किंग बेहतर है। इसे धार्मिक दृष्टि से देखें तो राम बहुत फोकस्ड थे और कृष्ण […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: यदि हम अहंकारी हैं तो अपना ही नुकसान कर रहे होते हैं
अहंकार को लेकर हमारे शास्त्रों में अलग-अलग ढंग से कई बातें बोली गई हैं। अभिमान भक्ति के मार्ग में बहुत बड़ी बाधा है और संसार में भी घमंड आखिर में तकलीफ ही देता है। अब इस बात को एक नए ढंग से तुलसीदास जी प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने अभिमान को क्लेश और शोक से जोड़ […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन को हटाने से ही वह स्पेस बनेगा, जो हमें शांत करता है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: Only By Withdrawing The Mind Will That Space Be Created Which Brings Us Peace. 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जीवन में दु:ख आना और दु:खी हो जाना, ये दो अलग बातें हैं। ऐसा कोई दु:ख बना ही नहीं, जो बिना सुख के आए और ऐसा […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने भीतर ही एक नायक को रचने की तैयारी करें
पहले इंसान बनाने का काम माता-पिता, गुरुजन और समाज द्वारा किया जाता था। यह अभी भी चल रहा है, लेकिन सावधानी नहीं रखी तो इंसान बनाने का काम मशीन हाथ में ले लेगी। इसलिए टेक कंपनियों के कार्यों पर आध्यात्मिक फिल्टर लगाने का समय आ गया है। हमारी संस्कृति में परमात्मा ने एक अनूठा प्रयोग […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रेम, श्रद्धा, स्नेह से जीवन में भक्ति आसानी से उतर आती है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: Through Love, Reverence, And Affection, Devotion Easily Enters One’s Life. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता ईश्वर संदेह का नहीं, जिज्ञासा का विषय है। संदेह की जब अति हो जाती है तो लोग अपना अज्ञान भी भगवान पर आरोपित कर देते हैं। हमारा अज्ञान, हमारा अहंकार […]
गोस्वामी तुलसीदास की सीख: भक्ति में मन की स्थिति से ज्यादा महत्वपूर्ण है नियमित रूप से मंत्र जप करना
कभी-कभी जीवन में ऐसा समय आता है जब मन किसी भी काम में नहीं लगता। न पढ़ाई में, न काम में और न ही पूजा-पाठ में। व्यक्ति खुद को भीतर से खाली महसूस करता है। भक्ति के मार्ग पर चलने वाले अधिकतर लोगों के साथ भी ऐसा होता है कि मन पूरी तरह एकाग्र नहीं […]
स्वामी विवेकानंद की सीख: धैर्य और सहनशीलता का गुण मां से सीखें, मुश्किलों का सामना मुस्कान के साथ करना चाहिए, तभी सुख-शांति मिलती है
6 घंटे पहले कॉपी लिंक आज (रविवार, 10 मई) मदर्स डे है। स्वामी विवेकानंद से जुड़ा एक ऐसा किस्सा प्रसिद्ध है, जिसमें बताया गया है कि मां को सबसे महान क्यों माना जाता है। एक बार एक व्यक्ति ने स्वामी विवेकानंद से प्रश्न किया- “स्वामी जी, इस संसार में सबसे अधिक महत्व मां को ही […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आंतरिक नेत्रों से ही संभव है दिशाभ्रम का समाधान
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Inner Eyes Solve Direction Confusion 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आंखों को आंखों से देखने के लिए भी आईना लगता है। मेडिकल साइंस हमारी आंखों को केवल देखने, दिखाने से जोड़कर चलता है। अध्यात्म विज्ञान कहता है, दो आंखें भीतर भी होती हैं। शंकर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोग बदलते नहीं, बस छिपा हुआ स्वभाव प्रकट हो जाता है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: People Dont Change, Just Reveal Hidden Nature 28 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता प्रेम, पैसा और पद धीरे-धीरे जीवन में आएं तब तो बहुत अधिक तकलीफ नहीं होगी, लेकिन जब ये अचानक आते हैं तब उपद्रव हो जाता है। कहते हैं ये तीनों जीवन में आएं […]
लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: वास्तविकता का अनुभव समझ से किया जा सकता है – आदि शंकराचार्य
आदि शंकराचार्य महान भारतीय दार्शनिक और योगी थे। भारतवर्ष में चार मठों की स्थापना की 1. यह संसार आसक्ति और द्वेष से भरे एक स्वप्न की तरह है, जो जागरण होने तक वास्तविक प्रतीत होता है। 2. वास्तविकता का अनुभव केवल समझ की दृष्टि से किया जा सकता है, विद्वत्ता से नहीं। 3. किसी को […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपनी हार का डर हो, ताकि जीत की प्रेरणा मिलती रहे
बड़े-बड़े खिलाड़ियों से बनी अंतरराष्ट्रीय टीमें भी हार और जीत के लिए किसी न किसी से प्रेरणा लेती हैं। इन टीमों के मैनेजर इस बात के गवाह होते हैं कि तैयारी कैसी की गई, मैच कैसा खेला गया और परिणाम कैसा और क्यों आया? समझदार कोच और मैनेजर खिलाड़ियों पर एक प्रयोग करते हैं। वो […]
संत की भक्त महिला को सीख: एक साथ कई काम करने से हमारा ध्यान टूट जाता है, बेहतर होगा अगर एक समय पर एक ही काम करें
एक लोक कथा है, पुराने समय एक महिला रोज अपने घर के पास के मंदिर में पूजा करने जाती थी। वह बहुत नियम से भक्ति करती थी और भगवान में उसकी गहरी आस्था थी, लेकिन धीरे-धीरे उसके मन में एक बात घर करने लगी कि मंदिर में आने वाले कई लोग सिर्फ दिखावा करते हैं। […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: एकाग्रता साध लें तो कितना ही काम हो, थकेंगे नहीं
अगर आप नियमित पूजा करते हैं तो उसकी एक ऐसी ड्रिल बनाइए कि उसमें जो भी काम आप करें- चाहे माला जपें, भगवान को स्नान कराएं, किसी पुस्तक का पारायण करें, कोई भजन गाएं- जो भी करें रुककर करें, टिककर करें। उस समय न अतीत में जाएं, न भविष्य को सोचें। बहुत सारी पूजा ना […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं
मनुष्य के छह शत्रुओं में एक लोभ भी है। इसका अर्थ है अतिरिक्त लालसा, अनुचित की मांग। यह धन, पद, वस्तु, शरीर- इन पर काम करता है। मोटे तौर पर लोभ और लालच एक ही हैं। छोटा-सा फर्क ये है कि लोभ, यानी जो आपके पास है, उसको और बढ़ाएं। और लालच, यानी जो दूसरों […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परमात्मा ने हमको बनाकर कहा है- डु इट योरसेल्फ!
ऊपर वाले ने जब मनुष्य को बनाया तो एक बात मनुष्य में डाली- असीम संभावना। दार्शनिक लोग कहते हैं कि हर मनुष्य को बनाने के बाद जब ऊपर वाला नीचे भेजता है तो सभी के कान में एक बात बोलता है कि मैंने तुझे जो कुछ भी दिया, उसमें सबसे ज्यादा संभावना दी है। नीचे […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हनुमान जी बताते हैं जीवन में शोर व शून्य का संतुलन हो
हम कितनी सांस लेते हैं, कैसे लेते हैं, इसका हिसाब रखना बहुत जरूरी है। जो लोग शांति की तलाश में हैं, उन्हें सांस पर काम करना होगा। क्योंकि मनुष्य के जीवन में सोचने से नहीं, श्वास से चिंता भीतर जाती है। हनुमान जी पवन-पुत्र हैं। हम अपने प्राणों पर मंत्र के जितने प्रयोग करेंगे, उतने […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सद्गुणों को विजयी बनाना है तो मौन और ध्यान को साधें
Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Conquer Negativity With Silence & Meditation 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों दुनिया में जो देश युद्ध कर रहे हैं, उनको लेकर विश्लेषकों का कहना है जिस देश का जासूसी नेटवर्क तगड़ा होगा और जो एआई का इस्तेमाल भरपूर करेगा, वो जीतेगा। दुनिया का […]





























