पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  एकाग्रता साध लें तो कितना ही काम हो, थकेंगे नहीं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: एकाग्रता साध लें तो कितना ही काम हो, थकेंगे नहीं

अगर आप नियमित पूजा करते हैं तो उसकी एक ऐसी ड्रिल बनाइए कि उसमें जो भी काम आप करें- चाहे माला जपें, भगवान को स्नान कराएं, किसी पुस्तक का पारायण करें, कोई भजन गाएं- जो भी करें रुककर करें, टिककर करें। उस समय न अतीत में जाएं, न भविष्य को सोचें। बहुत सारी पूजा ना […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं

मनुष्य के छह शत्रुओं में एक लोभ भी है। इसका अर्थ है अतिरिक्त लालसा, अनुचित की मांग। यह धन, पद, वस्तु, शरीर- इन पर काम करता है। मोटे तौर पर लोभ और लालच एक ही हैं। छोटा-सा फर्क ये है कि लोभ, यानी जो आपके पास है, उसको और बढ़ाएं। और लालच, यानी जो दूसरों […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  परमात्मा ने हमको बनाकर कहा है- डु इट योरसेल्फ!
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परमात्मा ने हमको बनाकर कहा है- डु इट योरसेल्फ!

ऊपर वाले ने जब मनुष्य को बनाया तो एक बात मनुष्य में डाली- असीम संभावना। दार्शनिक लोग कहते हैं कि हर मनुष्य को बनाने के बाद जब ऊपर वाला नीचे भेजता है तो सभी के कान में एक बात बोलता है कि मैंने तुझे जो कुछ भी दिया, उसमें सबसे ज्यादा संभावना दी है। नीचे […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हनुमान जी बताते हैं जीवन में शोर व शून्य का संतुलन हो
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हनुमान जी बताते हैं जीवन में शोर व शून्य का संतुलन हो

हम कितनी सांस लेते हैं, कैसे लेते हैं, इसका हिसाब रखना बहुत जरूरी है। जो लोग शांति की तलाश में हैं, उन्हें सांस पर काम करना होगा। क्योंकि मनुष्य के जीवन में सोचने से नहीं, श्वास से चिंता भीतर जाती है। हनुमान जी पवन-पुत्र हैं। हम अपने प्राणों पर मंत्र के जितने प्रयोग करेंगे, उतने […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सद्गुणों को विजयी बनाना है तो मौन और ध्यान को साधें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सद्गुणों को विजयी बनाना है तो मौन और ध्यान को साधें

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Conquer Negativity With Silence & Meditation 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों दुनिया में जो देश युद्ध कर रहे हैं, उनको लेकर विश्लेषकों का कहना है जिस देश का जासूसी नेटवर्क तगड़ा होगा और जो एआई का इस्तेमाल भरपूर करेगा, वो जीतेगा। दुनिया का […]

सी.पी. राधाकृष्णन का कॉलम:  जहां आध्यात्मिकता का परम्परा से मिलन होता है
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सी.पी. राधाकृष्णन का कॉलम: जहां आध्यात्मिकता का परम्परा से मिलन होता है

तमिलनाडु लंबे समय से आध्यात्मिक भूमि रहा है। प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, गहरी समावेशी भावना और अद्वितीय बुद्धिमत्ता से संपन्न हमारे तमिल प्रदेश ने पूरे देश के धर्मों को खुलेपन के साथ अपनाया और उन्हें पोषित किया। यही कारण है कि तमिलनाडु के लोगों ने जैन धर्म को सहज भाव से अपनाया, जिसका जन्म वर्तमान बिहार […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  नववर्ष आध्यात्मिक साधना के लिए बहुत सहयोगी है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: नववर्ष आध्यात्मिक साधना के लिए बहुत सहयोगी है

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: New Year Spiritual Practice Supportive 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कुछ बातों को देव कृपा और देव प्रकोप मानना बंद करना चाहिए। बाढ़ आती है, हमारा कुछ नुकसान होता है, शरीर बीमार होता है तो हम कह देते हैं कि भगवान की इच्छा है। […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें

जीवन में हमारी ऊर्जा को जो बातें पी जाती हैं, उनमें से एक है संदेह। यदि आप अत्यधिक संदेहग्रस्त होते जा रहे हैं तो ये मनोरोग है। लेकिन मनुष्य का स्वभाव है संदेह करना। तो इसे दूर करने के हमारे यहां जो उपाय बताए गए, उनमें से एक है ईश्वर के चरित्र का श्रवण किया […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हर व्यक्ति या परिस्थिति में ईश्वर को अवश्य ढूंढिए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हर व्यक्ति या परिस्थिति में ईश्वर को अवश्य ढूंढिए

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Be Sure To Find God In Every Person Or Situation 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जिस दुनिया को हम जानते हैं, उससे भी ज्यादा अनजानी दुनिया है। मैं इन दिनों चार देशों- फिनलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे और स्वीडन की यात्रा पर हूं। यहां मेरे प्रवचन चल […]

दुखी संत को गुरु की सीख:  आत्मविश्वास के बिना हम किसी भी समस्या का सामना नहीं कर सकते, खुद पर भरोसा रखने से मुश्किलें आसान लगने लगती हैं
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

दुखी संत को गुरु की सीख: आत्मविश्वास के बिना हम किसी भी समस्या का सामना नहीं कर सकते, खुद पर भरोसा रखने से मुश्किलें आसान लगने लगती हैं

पुराने समय की बात है, एक गांव में दो संत थे। दोनों एक ही आश्रम में रहते थे और दोनों का जीवन बहुत साधारण था। संतों में से एक का नाम सुखी था और दूसरे का नाम दुखी। संत सुखी हर समय प्रसन्न और संतुष्ट रहता था। वहीं, दुखी संत हमेशा उदास और परेशान दिखता […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  विवाह में देह से आगे बढ़कर आत्मा तक की यात्रा करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: विवाह में देह से आगे बढ़कर आत्मा तक की यात्रा करें

विवाह इसीलिए रचाया जाता है कि जीवन में एक अभाव की पूर्ति हो जाए। विवाह पूर्व जिस सुख की तलाश में मनुष्य रहता है, वो प्राप्त हो जाए। दु:ख की कल्पना कोई नहीं करता। लेकिन इन दिनों विवाह के मतलब बदलते जा रहे हैं। एक पीढ़ी तो भूल ही जाएगी कि विवाह संस्कार है। और […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  उत्साह को उदासी में बदलने वाले मन पर काम करते रहें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: उत्साह को उदासी में बदलने वाले मन पर काम करते रहें

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Work On Mind Turning Sadness To Enthusiasm 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कहा तो जाता है कि हर काम उत्साह से किया जाए। और यह भी सत्य है कि बिना दबाव के इन दिनों कोई काम हो ही नहीं सकता। तो उत्साह को समझा जाए। […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सोशल मीडिया युग में भक्ति व योग का महत्व और बढ़ा है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सोशल मीडिया युग में भक्ति व योग का महत्व और बढ़ा है

Hindi News Opinion Social Media Era: Bhakti & Yogas Rising Importance | Pt. Vijayshankar Mehta 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता ख्यालों में रहने वाले लोग ख्यालों में ही मिलते हैं- ये पंक्ति सुनने में तो अच्छी लगती है, लेकिन जब ख्यालों वाले लोग वास्तविक रूप में सामने आते हैं तो या तो […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हमें यह सीखना चाहिए कि संतत्व का मजाक न बनाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमें यह सीखना चाहिए कि संतत्व का मजाक न बनाएं

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column We Must Learn Not To Make Fun Of Sainthood 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता समाज का आचरण इन दिनों ऐसा हो गया है कि साधु को अत्यधिक सावधानी रखनी पड़ेगी। धर्म में राजनीति आएगी तो राजनीति के दोष भी आएंगे। लेकिन जब भी ऐसा हो […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बल को परमात्मा से जोड़ें तो ऊंचाइयों पर ले जाएगा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बल को परमात्मा से जोड़ें तो ऊंचाइयों पर ले जाएगा

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Connect Strength To Divine For Heights 38 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जब बल आक्रमण में काम आता है, तो उसे शक्ति कहते हैं। और जब सुरक्षा में काम आता है तो उसे सहनशक्ति कहते हैं। मनुष्य को ईश्वर ने तीन तरह के बल दिए […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बल को परमात्मा से जोड़ें तो ऊंचाइयों पर ले जाएगा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बल को परमात्मा से जोड़ें तो ऊंचाइयों पर ले जाएगा

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Connect Strength To Divine For Heights 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जब बल आक्रमण में काम आता है, तो उसे शक्ति कहते हैं। और जब सुरक्षा में काम आता है तो उसे सहनशक्ति कहते हैं। मनुष्य को ईश्वर ने तीन तरह के बल दिए […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  कनेक्शन और सेलिब्रेशन अपने पुराने तौर-तरीकों पर लौट रहे हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: कनेक्शन और सेलिब्रेशन अपने पुराने तौर-तरीकों पर लौट रहे हैं

बचपन में हममें से ज्यादातर लोग पैरेंट्स के साथ ‘सत्संग’ में जाते थे। उनके बगल में बैठते थे। भले ही शायद हम न जानते हों कि भजनों के बोल क्या हैं और कैसे इन्हें गाया जाता है। कुछ लोगों ने शायद वो ऊर्जा तरंगें महसूस की होंगी और कुछ ने उन्हें अनदेखा किया होगा। हममें […]

रसरंग में चिंतन:  मनुष्य के लिए मुश्किल है ऋतुओं से दूर रहना
अअनुबंधित

रसरंग में चिंतन: मनुष्य के लिए मुश्किल है ऋतुओं से दूर रहना

इन दिनों मैं वसंत ऋतु में ही डूबा हुआ हूं। इसके वैभव को अनुभव कर रहा हूं। हम सबने अनुभव किया होगा कि इन दिनों प्रकृति के कण-कण से सुगंध फैल रही है। पूरे वातावरण में महक व्याप्त हो गई है। ऐसे में वसंत का एक अनोखा रूप हमारे सामने होता है, जो मन को […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सुख को शांति से जोड़ने की कला ही अध्यात्म है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सुख को शांति से जोड़ने की कला ही अध्यात्म है

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Spirituality Is Connecting Happiness With Peace 36 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भाग्य का सबसे हठीला ढंग यही है कि वह समय पर बदल ही जाता है। अच्छे-अच्छे लोगों के जीवन में दुर्भाग्य जब प्रवेश करता है तो समझ नहीं पाते यह क्या हो गया? इस […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अगर चरित्र मजबूत है तो ईश्वरीय शक्ति भी साथ है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अगर चरित्र मजबूत है तो ईश्वरीय शक्ति भी साथ है

किसी पर कलंक लगाना आजकल व्यापार-सा हो गया है। जब किसी के चरित्र पर लांछन लगाया जाता है, तो उसका सत्य ढूंढना बड़ा कठिन होता है। क्योंकि सत्य जिस न्याय की अपेक्षा करता है, वो न्याय भी अपने गलियारों में किसी और से न्याय मांग रहा होता है। दुनिया में जितने काम आसान हैं, उनमें […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बच्चों को समझाया जाए कि वास्तविकता से कटें नहीं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बच्चों को समझाया जाए कि वास्तविकता से कटें नहीं

दुनिया के सारे ही चिराग रोशनी देने के साथ-साथ धुआं भी उठाते हैं। प्रकाश पाना चाहते हैं तो धुएं की तैयारी भी रखिए। केवल सूर्य का प्रकाश ऐसा है, जिसमें धुआं नहीं होता। और उसमें जो तपिश है, वो भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बन जाती है। इन दिनों हमारे हाथ में एक चिराग है, […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बच्चों को समझाया जाए कि वास्तविकता से कटें नहीं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बच्चों को समझाया जाए कि वास्तविकता से कटें नहीं

दुनिया के सारे ही चिराग रोशनी देने के साथ-साथ धुआं भी उठाते हैं। प्रकाश पाना चाहते हैं तो धुएं की तैयारी भी रखिए। केवल सूर्य का प्रकाश ऐसा है, जिसमें धुआं नहीं होता। और उसमें जो तपिश है, वो भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बन जाती है। इन दिनों हमारे हाथ में एक चिराग है, […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  उम्रदराज होने का अर्थ है जीवन अधिक पवित्र, समझदारी और सौम्यता भरा हो
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एन. रघुरामन का कॉलम: उम्रदराज होने का अर्थ है जीवन अधिक पवित्र, समझदारी और सौम्यता भरा हो

अस्पताल में भर्ती मेरे एक परिजन को लेकर बुधवार को मैंने डॉक्टर से पूछा कि वे कब डिस्चार्ज हो सकते हैं? डॉक्टर ने कहा कि ‘इतनी जल्दबाजी क्यों?’ मैंने कहा, जल्दबाजी नहीं लेकिन गुरुवार और शुक्रवार को मुझे अपने अंकल के 80वें जन्मदिन में शामिल होना है। उन्होंने ऐसे देखा, जैसे कोई शिक्षित व्यक्ति किसी […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  साथ भोजन करने से शांति व प्रेम का माहौल बनता है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: साथ भोजन करने से शांति व प्रेम का माहौल बनता है

जीवन में अशांति आने के अनेक रास्ते हैं, पर शांति के मार्ग सीमित हैं। उनमें से एक है- भोजन। अन्न भी हमें बहुत शांति पहुंचा सकता है। भोजन का संबंध तीन बातों से हैं- बनाना, परोसना, खाना। और यदि ये ठीक हों तो पचाना आसान है। अन्न की ये तीनों प्रक्रियाएं मनुष्य को शांत कर […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  साथ भोजन करने से शांति व प्रेम का माहौल बनता है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: साथ भोजन करने से शांति व प्रेम का माहौल बनता है

जीवन में अशांति आने के अनेक रास्ते हैं, पर शांति के मार्ग सीमित हैं। उनमें से एक है- भोजन। अन्न भी हमें बहुत शांति पहुंचा सकता है। भोजन का संबंध तीन बातों से हैं- बनाना, परोसना, खाना। और यदि ये ठीक हों तो पचाना आसान है। अन्न की ये तीनों प्रक्रियाएं मनुष्य को शांत कर […]