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- Pt. Vijayshankar Mehta Column | Parenting Tips For Kids Spirituality
31 मिनट पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
हमारी नई पीढ़ी सोशल मीडिया से जरूरत से ज्यादा जुड़ती जा रही है। लेकिन जितने ज्यादा लोग गैजेट के साथ होंगे, यह पीढ़ी उतनी ही आइसोलेशन में जाएगी। इसके हाथ अवसाद भी लग सकता है। तो घर के बड़े लोग क्या करें?
आजकल एक शब्द चलता है मॉम-डैड गिल्ट। कई माता-पिता को अफसोस है कि हम अपने बच्चों को कुछ दे नहीं पाए। मनोवैज्ञानिक तथ्य है कि बच्चों को कुछ देने के लिए सबसे अच्छा समय तब है, जब वो सोने जाएं तो आप उनके साथ रहें। उनको देव-स्मरण मनोरंजक माहौल में कराया जाए।
प्रभु सुमिरन के लिए बच्चों पर दबाव न बनाया जाए। क्योंकि सुमिरन जितने हल्के-फुल्के वातावरण में होगा, परिणाम उतना ही गहरा होगा। तो खास तौर पर बच्चों को नींद आने के पहले प्रयास करें कि कम से कम वो हनुमान चालीसा बोलकर सोएं। क्योंकि हनुमान चालीसा रूपी मंत्र नींद में उनकी इंद्रियों को इतना सशक्त करेगा कि जब वो सुबह उठेंगे तो एक नए आत्मविश्वास के साथ उठेंगे।








