पेरेंटिंग– हमारे झगड़ों से परेशान है बेटा:  वो चुप, उदास रहने लगा है, क्या पेरेंट्स की लड़ाई से बच्चे डिप्रेशन में जा सकते हैं
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पेरेंटिंग– हमारे झगड़ों से परेशान है बेटा: वो चुप, उदास रहने लगा है, क्या पेरेंट्स की लड़ाई से बच्चे डिप्रेशन में जा सकते हैं

Hindi News Lifestyle Husband Wife Fight Vs Child; Parental Conflicts Long Term Impacts | Parenting Tips 16 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक सवाल- मैं 37 साल की गृहिणी हूं। मेरे पति प्राइवेट नौकरी करते हैं और अक्सर काम का तनाव घर लेकर आते हैं। पिछले दो साल से हमारे बीच लगभग रोज किसी–न–किसी बात […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: किशोरावस्था के गुस्से को रिश्तों पर स्थायी दाग न छोड़ने दें

Hindi News Opinion N. Raghuraman Column | Managing Teenager Anger And Parent Relationship 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु शनिवार और रविवार की दरमियानी रात दो बजे आप किसी पब में कुछ घंटे नाचने-गाने के बाद थकी हुई घर लौटती हैं। घर पहुंचकर आप देखती हैं कि मुख्य दरवाजा अब भी खुला […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या बच्चों के लिए बहुत ज्यादा सुविधा देना अच्छी बात है?

Hindi News Opinion N. Raghuraman Column | Are Kids Getting Too Much Comfort In College? 1 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु ‘डैडी, आप मुझसे इस गर्म कमरे में सोने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?’ कॉलेज में दाखिला लेने वाली एक टीनएजर ने अपने पिता से यह सवाल किया। उसने इंटरनेशनल स्कूल […]

जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

देवताओं की मदद के लिए शिव-पार्वती ने भेजा कार्तिकेय को: माता-पिता बच्चों को इतना सक्षम बनाएं कि वे कठिन परिस्थितियों का सामना स्वयं कर सकें

भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय स्वामी और तारकासुर से जुड़ी पौराणिक कथा है। कार्तिकेय स्वामी का पालन-पोषण कृतिकाओं ने एक जंगल में किया था। इसी कारण उनका नाम कार्तिकेय पड़ा। वे अपने माता-पिता शिव और पार्वती से दूर रहे। जब शिव-पार्वती को अपने पुत्र और कृतिकाओं के बारे में पता चला, तो उन्होंने सेवकों को […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परिवार के प्रति अपनापन फूल की गंध जैसा होता है

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column | Family Values & Relationship Tips 52 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हर नाव में छेद होता ही है। कोई छेद काम दिखा जाता है तो नाव को नुकसान हो जाता है। और कोई छेद सिर्फ छेद रह जाता है, पूरी जिंदगी नाव सकुशल चलती रहती […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: जब बच्चों को हमारी जरूरत नहीं रह जाती, तब हमारा दूसरा उद्देश्य क्या होता है?

वे दिन याद कीजिए जब बच्चा बस यह कह देता था कि मुझे यह चाहिए, और आप किसी तरह थोड़ी-बहुत बचत करके, अपने पति से कुछ छिपाकर उसकी वह इच्छा पूरी करने का रास्ता निकाल लेती थीं। वे दिन याद कीजिए जब बच्चे का शरीर कढ़ाही की तरह तप रहा होता था तो आप पूरी-पूरी […]

पेरेंटिंग- 8 साल का बेटा तुतलाकर बोलता है:  स्कूल में टीचर डांटती है, बच्चे मजाक उड़ाते हैं, हमें फिक्र है, उसकी भाषा कैसे सुधारें?
महिला

पेरेंटिंग- 8 साल का बेटा तुतलाकर बोलता है: स्कूल में टीचर डांटती है, बच्चे मजाक उड़ाते हैं, हमें फिक्र है, उसकी भाषा कैसे सुधारें?

2 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं हरियाणा से हूं। मेरा बेटा 8 साल का है। बचपन में वह तुतलाकर बोलता था। तब हमें उसकी तोतली आवाज प्यारी लगती थी। हमें लगा कि उम्र बढ़ने के साथ यह आदत अपने आप ठीक हो जाएगी। इसलिए हमने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  ये पांच बातें यदि परिवार में उतारें तो निपुणता आ जाएगी
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ये पांच बातें यदि परिवार में उतारें तो निपुणता आ जाएगी

आजकल एक शब्द चल रहा है निपुण परिवार बनाया जाए। पांच बातें यदि हम परिवार में उतारें तो निपुणता आ जाएगी। संस्कार, स्वास्थ्य, समृद्धि, सामर्थ्य और सदस्यों में निरंतर सीखने की भावना। चूंकि परिवार में हर उम्र के लोग होते हैं तो बड़े यह न समझ लें कि जो हमने सोचा, वही सही और छोटे […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  घर में आप ‘टीनेज लव’ को कैसे संभाले?
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एन. रघुरामन का कॉलम: घर में आप ‘टीनेज लव’ को कैसे संभाले?

1958 में एक बोर्डिंग स्कूल में कक्षा नौ के छात्र रहे 14 साल के थॉम स्टीनबेक ने अपने पिता को पत्र लिख कर कहा कि उन्हें सुसान नाम की लड़की से प्यार हो गया है। बताएं कि अब उन्हें क्या करना चाहिए। पत्र के आखिर में उन्होंने पिता को यह भी समझाया कि उनकी भावनाओं […]

प्रेरक कथा- संत की शिष्य को सीख:  बचपन में जो आदतें डाली जाती हैं, वे जीवनभर साथ रहती हैं, इसलिए छोटी उम्र से ही बच्चों को अच्छे संस्कार दें
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

प्रेरक कथा- संत की शिष्य को सीख: बचपन में जो आदतें डाली जाती हैं, वे जीवनभर साथ रहती हैं, इसलिए छोटी उम्र से ही बच्चों को अच्छे संस्कार दें

20 घंटे पहले कॉपी लिंक पुराने समय की लोक कथा है। एक संत अपने शिष्य के साथ गांव-गांव जाकर भिक्षा मांगते थे। वे लोगों को धर्म, सेवा और अच्छे कर्मों का महत्व भी समझाते थे। एक दिन चलते-चलते वे एक छोटे से घर के बाहर पहुंचे। संत ने भिक्षा के लिए आवाज लगाई। आवाज सुनकर […]

पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा कोई काम खुद नहीं करता:  चाहता है, सबकुछ कोई और करके दे, उसे घर के काम करना, जिम्मेदार होना कैसे सिखाएं?
महिला

पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा कोई काम खुद नहीं करता: चाहता है, सबकुछ कोई और करके दे, उसे घर के काम करना, जिम्मेदार होना कैसे सिखाएं?

6 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं पटना से हूं। मेरा 10 साल का बेटा है। मैंने नोटिस किया है कि वह अपने छोटे-छोटे काम भी खुद नहीं करता। पानी चाहिए तो किसी को बुलाएगा, स्कूल बैग लगाना हो तो मेरी मदद मांगेगा। मैं उसे अपने कामों से लेकर घर के छोटे-छोटे काम […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हमारे परिवार सशक्त ही नहीं, एकजुट और संवेदनशील भी हों
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारे परिवार सशक्त ही नहीं, एकजुट और संवेदनशील भी हों

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column | Empowering & United Family Values 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भारत की एक ताकत है- परिवार-व्यवस्था। हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे परिवार केवल सशक्त ही न हों, एकजुट और संवेदनशील भी हों। आजकल माना जाता है कि रोटी, कपड़ा और मकान उच्च […]

पेरेंटिंग- बेटा बड़ा हो रहा है:  डरती हूं, कहीं गलत संगत में न पड़ जाए, उसे सही-गलत में फर्क करना, अच्छे दोस्त चुनना कैसे सिखाएं
महिला

पेरेंटिंग- बेटा बड़ा हो रहा है: डरती हूं, कहीं गलत संगत में न पड़ जाए, उसे सही-गलत में फर्क करना, अच्छे दोस्त चुनना कैसे सिखाएं

21 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं लखनऊ से हूं। मेरा बेटा 12 साल का है। हाल ही में उसका स्कूल बदला है। उसने वहां कुछ नए दोस्त बनाए हैं और अब उन्हीं के साथ ज्यादा समय बिताता है। एक मां होने के नाते मुझे खुशी है कि वह घुल-मिल रहा है, लेकिन […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या भारतीय पैरेंटिंग किसी भी पश्चिमी शैली से अधिक बेहतर हो सकती है?
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एन. रघुरामन का कॉलम: क्या भारतीय पैरेंटिंग किसी भी पश्चिमी शैली से अधिक बेहतर हो सकती है?

अमेरिका में 4 से 8 साल की उम्र के बच्चों पर साल भर तक चले एक लंबे अध्ययन में पाया गया कि जब श्वेत बच्चे टीवी प्रोग्राम्स में अलग-अलग नस्लों के लोगों को साथ देखते हैं तो इससे उनके मन में किसी के प्रति भेदभाव विकसित नहीं होता। इस सोमवार को जर्नल ऑफ अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट्स […]

पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा पैसे की कीमत नहीं समझता:  दोस्तों को देखकर महंगे कपड़े-खिलौने मांगता है, उसे पैसे की वैल्यू कैसे सिखाएं
महिला

पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा पैसे की कीमत नहीं समझता: दोस्तों को देखकर महंगे कपड़े-खिलौने मांगता है, उसे पैसे की वैल्यू कैसे सिखाएं

10 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- हमारा बेटा 10 साल का है और हम एक मिडिल क्लास फैमिली हैं। हम अपने बेटे की जरूरतें पूरी करने की हरसंभव कोशिश करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे वो बड़ा हो रहा है, हर नई चीज को अपनी जरूरत समझने लगा है। कभी महंगे जूते, कभी नए खिलौने […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  बच्चों को ऐसी दुनिया से बचाइए, जो काम से ज्यादा दिखावे को महत्व देती है
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एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चों को ऐसी दुनिया से बचाइए, जो काम से ज्यादा दिखावे को महत्व देती है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – Protect Children From A World That Values ​​appearances Over Substance. 24 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु हमारे बच्चे और टीनेजर्स आज जितनी बड़ी संख्या में भावनात्मक तनावों का सामना कर रहे हैं, उनसे पार पाना मुश्किल लग सकता है। इनमें नींद की कमी, एकेडमिक प्रेशर […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  बच्चों को ऐसी दुनिया से बचाइए, जो काम से ज्यादा दिखावे को महत्व देती है
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एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चों को ऐसी दुनिया से बचाइए, जो काम से ज्यादा दिखावे को महत्व देती है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – Protect Children From A World That Values ​​appearances Over Substance. 6 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु हमारे बच्चे और टीनेजर्स आज जितनी बड़ी संख्या में भावनात्मक तनावों का सामना कर रहे हैं, उनसे पार पाना मुश्किल लग सकता है। इनमें नींद की कमी, एकेडमिक प्रेशर […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  असली नेतृत्व यह भी सिखाता है कि हारने पर क्या करना है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: असली नेतृत्व यह भी सिखाता है कि हारने पर क्या करना है

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Real Leadership Teaches How To Handle Loss 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पहले सीखने-सिखाने के तरीके भी अलग थे। नहाते हुए पानी छींटना, तकिए से एक-दूसरे पर प्रहार करना, चादरें ओढ़ कर डराना। इन खेलों के पीछे एक मनोविज्ञान काम करता था। कैसे प्रहार […]

रीता राममूर्ति का कॉलम:  बचपन से ही पढ़ने की आदत डालें तो जीवन बदल जाता है
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रीता राममूर्ति का कॉलम: बचपन से ही पढ़ने की आदत डालें तो जीवन बदल जाता है

Hindi News Opinion Reeta Ramamurthy Column: Reading Habit From Childhood Transforms Life 4 घंटे पहले कॉपी लिंक रीता राममूर्ति गुप्ता लेखिका और रीडिंग कोच अधिकांश पैरेंट्स बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इसकी शुरुआत कैसे करें। वे स्क्रीन के खिलाफ लड़ाई भी हार जाते हैं। […]

संत की एक मां को सीख:  बच्चा जन्म से ही आसपास के वातावरण, माता-पिता के व्यवहार से सीखना शुरू कर देता है, बच्चों को अच्छी शिक्षा दें
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

संत की एक मां को सीख: बच्चा जन्म से ही आसपास के वातावरण, माता-पिता के व्यवहार से सीखना शुरू कर देता है, बच्चों को अच्छी शिक्षा दें

एक लोक कथा है- एक छोटे से गांव में एक संत के प्रवचन सुनने दूर-दूर से लोग आते थे। संत सरल शब्दों में जीवन की गहरी बातें समझाने के लिए प्रसिद्ध थे। एक दिन गांव में उनका प्रवचन चल रहा था। विषय था- “शिक्षा का महत्व”। संत ने कहा, “मनुष्य का जीवन शिक्षा के बिना […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हमारे समृद्ध घरों के अधिकांश सदस्य आदतों से गरीब हो गए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारे समृद्ध घरों के अधिकांश सदस्य आदतों से गरीब हो गए

भारत के धनाढ्य परिवारों में किस बात की गरीबी है? गहराई से सोचें तो हमारे समृद्ध घरों के अधिकांश सदस्य आदतों से गरीब हो गए। यह एक डराने वाला आंकड़ा है कि 60% युवा दिन में तीन घंटे के आसपास ऑनलाइन गेमिंग में उलझे हुए हैं और यह आंकड़ा दुनिया में सर्वाधिक है। डिजिटल मीडिया […]

पेरेंटिंग- मेरी बेटी को लगता है, वो मोटी है:  अपनी तुलना सोशल मीडिया वाली लड़कियों से करती है और दुखी होती है, उसे कैसे समझाऊं?
महिला

पेरेंटिंग- मेरी बेटी को लगता है, वो मोटी है: अपनी तुलना सोशल मीडिया वाली लड़कियों से करती है और दुखी होती है, उसे कैसे समझाऊं?

Hindi News Lifestyle Teenager Body Image Insecurity; Child Psychologist Advice | Social Media Impact 17 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं दिल्ली से हूं। मेरी 14 साल की बेटी है। पिछले कुछ महीनों से मैं नोटिस कर रही हूं कि वह अपने लुक्स और बॉडी को लेकर काफी इनसिक्योर महसूस करने लगी है। […]

पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा गाली देने लगा है:  स्कूल के दोस्तों से एडल्ट गालियां सीख रहा है, बच्चे को बाहर के प्रभाव से कैसे बचाएं?
महिला

पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा गाली देने लगा है: स्कूल के दोस्तों से एडल्ट गालियां सीख रहा है, बच्चे को बाहर के प्रभाव से कैसे बचाएं?

Hindi News Lifestyle Child Abusive Language Vs Parenting; Outside Influence Negative Impact | How To Protect 9 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं यूपी के आगरा से हूं। मेरा बेटा 10 साल का है। वह पढ़ने-लिखने में काफी अच्छा है। लेकिन हाल ही में एक घटना ने हमें सोचने पर मजबूर कर दिया। […]

पेरेंटिंग- 4 साल के बेटे को कभी डांटा-मारा नहीं:  अब वो बहुत जिद्दी हो गया है, बच्चे को बिना डांटे प्यार से डिसिप्लिन कैसे सिखाएं
महिला

पेरेंटिंग- 4 साल के बेटे को कभी डांटा-मारा नहीं: अब वो बहुत जिद्दी हो गया है, बच्चे को बिना डांटे प्यार से डिसिप्लिन कैसे सिखाएं

18 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं नई दिल्ली से हूं। मेरा बेटा 4 साल का है। जब वह पैदा हुआ तो हम चाइल्ड साइकोलॉजी की काफी किताबें पढ़ते थे। उसमें लिखा था कि बच्चों को बिल्कुल डांटना नहीं चाहिए। अभी वह चार साल का है और इन सालों में हमने कभी उसके […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  छोटी-सी उपलब्धि पर बच्चे ‘डेंडेलियन का ताज’ क्यों पहन लेते हैं?
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एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-सी उपलब्धि पर बच्चे ‘डेंडेलियन का ताज’ क्यों पहन लेते हैं?

बहुत पहले मैं किसी काम से मुंबई के शिवाजी पार्क गया, जहां से सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी निकले हैं। इसी वजह से क्रिकेट कोचिंग के लिए यहां आने वाले हर बच्चे की मां अपने बच्चे में ‘सचिन’ देखने लगी। जब तक बेटा प्रैक्टिस पूरी न कर ले, वे घंटों तक साइडवॉल पर बैठी रहतीं। वहां […]