बहुत ज्यादा नींद लेना उतना ही नुकसानदायक, जितना कम सोना:  स्टडी- महिलाओं के लिए 6.5 से 7:48 घंटे, पुरुषों के लिए 7:42 घंटे की नींद बेहतर
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बहुत ज्यादा नींद लेना उतना ही नुकसानदायक, जितना कम सोना: स्टडी- महिलाओं के लिए 6.5 से 7:48 घंटे, पुरुषों के लिए 7:42 घंटे की नींद बेहतर

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1817 में वेल्श के कपड़ा उद्योगपति रॉबर्ट ओवेन ने कहा था, ‘आठ घंटे काम, आठ घंटे मनोरंजन और आठ घंटे आराम।’ उनका उद्देश्य काम के घंटों को अधिक न्यायसंगत बनाना था, लेकिन समय के साथ यह धारणा लोकप्रिय हो गई कि हर व्यक्ति के लिए रात में आठ घंटे की नींद सबसे उपयुक्त है। लेकिन क्या यह सच है? नींद को लेकर हमारी समझ लंबे समय से एक सरल नियम पर टिकी रही है कि रात में आठ घंटे सोना चाहिए। यह सलाह इतनी बार दोहराई गई है कि मानो यह किसी वैज्ञानिक सत्य से बढ़कर जीवन का अटल नियम बन गई हो। लेकिन नई रिसर्च बताती है कि नींद का मामला इतना सीधा नहीं है। कम सोना नुकसानदेह है, यह तो हम जानते हैं, पर अब वैज्ञानिक यह भी कह रहे हैं कि बहुत ज्यादा सोना भी उतना ही चिंताजनक हो सकता है। लंबे समय तक नींद की कमी का संबंध मानसिक बीमारियों, याददाश्त में गिरावट और समय से पहले मृत्यु तक से जोड़ा गया है। लेकिन शोधकर्ताओं ने पाया है कि जो लोग लगातार जरूरत से ज्यादा सोते हैं, उनमें भी कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इनमें टाइप 2 डायबिटीज, दिल की बीमारी, मोटापा, डिप्रेशन और सिरदर्द शामिल हैं। वैज्ञानिक इसे सेहत और नींद के बीच ‘यू-आकार’ के संबंध के रूप में देखते हैं। इसमें दोनों छोर, यानी बहुत कम और बहुत ज्यादा नींद, आदर्श स्थिति से दूर माने जाते हैं। सवाल यह है कि आखिर कितनी नींद सबसे बेहतर है? 2015 में हुए बड़े अध्ययनों ने संकेत दिया था कि अधिकांश वयस्कों के लिए 7-9 घंटे की नींद उपयुक्त हो सकती है। लेकिन इस वर्ष नेचर पत्रिका में प्रकाशित करीब पांच लाख लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण करने वाले एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने शरीर के विभिन्न अंगों की ‘जैविक उम्र’ और नींद के संबंध को समझने का प्रयास किया। नतीजों में पाया गया कि मस्तिष्क, फेफड़ों, यकृत और त्वचा सहित कई अंगों के लिए सबसे अनुकूल नींद की अवधि लगभग साढ़े छह से साढ़े सात घंटे के बीच हो सकती है। महिलाओं के लिए साढ़े छह घंटे से 7 घंटे 48 मिनट वहीं पुरुषों के लिए 6 घंटे 24 मिनट से 7 घंटे 42 मिनट की नींद सबसे उपयुक्त हो सकती है। घड़ी की नहीं, अपने शरीर की सुनिए; घंटों की संख्या न गिनें नींद के विशेषज्ञों का कहना है कि केवल घंटों की संख्या पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। सबसे अच्छी सलाह यही है कि घड़ी को नहीं, अपने शरीर को सुनिए। सुबह उठकर यदि आप तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करते हैं, तो संभव है कि आपकी नींद आपके लिए पर्याप्त है। छह से आठ घंटे का लक्ष्य अच्छा माना जा सकता है, लेकिन हर रात किसी सटीक संख्या को हासिल करने की चिंता करना शायद अच्छी नींद का सबसे बड़ा दुश्मन है।



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