रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से:  हमले के बाद भी सोनू ने किया था शो!
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रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: हमले के बाद भी सोनू ने किया था शो!

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आजकल रेडियो पर, टीवी पर, सोशल मीडिया में, रियलिटी शो में, ऑर्केस्ट्रा में, स्टेज पर, हर जगह एक ही गाना गूंज रहा है- फिल्म बॉर्डर का ‘संदेसे आते हैं…’। वैसे तो यह गाना हम पिछले 30 साल से सुनते आ रहे हैं, मगर अब ‘बॉर्डर 2’ में फिर से इस गाने का इस्तेमाल हुआ है तो सोनू निगम का गाया यह गीत एक बार फिर सुपरहिट हो गया है। हिंदुस्तान ही नहीं, विदेश की धरती पर भी यह गाना खूब सुना जा रहा है। कमाल तो तब हुआ, जब मैंने सोशल मीडिया पर पाकिस्तानियों को भी यह गाना गाते और इस पर डांस करते देखा। तब मुझे सोनू निगम का एक बेहद दिलचस्प और निडरता की मिसाल कायम करने वाला किस्सा याद आ गया, क्योंकि वह किस्सा भी पाकिस्तान से ही जुड़ा है। 2004 में, जब हमारे ‘धुरंधर’ के हीरो कराची गए थे, उससे कुछ दिन पहले शो करने हमारे सोनू निगम भी वहां गए थे। सोनू बताते हैं कि उनकी बड़ी खातिरदारी हुई। सब कुछ अच्छा था, कोई समस्या नहीं हुई। सोनू के पूरे ग्रुप के लिए वहां के एक स्थानीय टीवी चैनल ने एक शानदार लग्जरी बस तैयार की थी, जिस पर चारों तरफ सोनू के फोटो लगे थे और बस पर लिखा था, ‘सोनू निगम शो’। उनकी नई-नई शादी हुई थी, इसलिए उनकी पत्नी मधुरिमा भी साथ गई थीं। सोनू होटल से बस में बैठकर निकले। साथ में उनकी सिंगर सौम्या राव थीं, मम्मी-पापा थे और दोनों बहनें भी थीं। शो आर्मी के इलाके में था। सोनू बताते हैं कि हम वेन्यू के नजदीक ही पहुंचे थे कि अचानक पीछे से एक बहुत जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि कान सुन्न हो गए। पता चला कि सोनू की बस पर आतंकी हमला हुआ था। ऊपरवाले की कृपा और फैंस की दुआओं से यह हुआ कि जो बम आतंकवादियों ने प्लांट किया था, उसका रिमोट कुछ सेकंड देरी से चला और सोनू की बस बम से थोड़ी आगे निकल गई। फिर भी बम विस्फोट से अफरातफरी और सड़क पर भगदड़ मच गई। चूंकि इलाका आर्मी का था, इसलिए फौरन सेना पहुंच गई और बस को तेजी से भगाकर स्टेडियम के अंदर बैकस्टेज में ले जाया गया। सिक्योरिटी और पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया और सभी को ऑडिटोरियम के अंदर पहुंचाया। वहां उन्होंने माफी मांगी और कहा कि हमें बेहद अफसोस है कि आपके साथ हमारे मुल्क में, हमारे शहर में ऐसा हुआ। हम समझ सकते हैं कि इस वक्त आपके ग्रुप पर क्या गुजर रही होगी। ऐसी मानसिक स्थिति में गाना गाना संभव नहीं होगा, इसलिए हम शो कैंसिल कर देते हैं। स्टेज पर जाकर पब्लिक से माफी मांग लेंगे और बता देंगे कि हादसे की वजह से शो नहीं हो पाएगा। सोनू ने कहा, रूमी भाई, जब मैंने देखा कि 14 से 15 हजार लोग मुझे सुनने के लिए बैठे हैं और बेताब हैं, तो मैंने फैसला कर लिया कि मैं उन्हें मायूस नहीं करूंगा। मैं शो करूंगा। वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। उन्होंने कहा, सोनू भाई, रास्ते में अटैक हुआ, आप बाल-बाल बच गए, लेकिन अगर स्टेज पर परफॉर्म करते वक्त इतनी भीड़ में से किसी ने आप पर हमला किया तो आपको कौन बचाएगा। सोनू ने कहा, जिसने वहां बचाया था, वही यहां भी बचाएगा। इसी बात पर मुझे राहत इंदौरी का यह शेर याद आ गया – तेरे हाथों में है तलवार, मेरे लब पर दुआ सूरमा आ मुझे मैदान से बाहर कर दे सोनू ने पूरे जोश के साथ अपनी परफॉर्मेंस दी और पाकिस्तानी फैंस का दिल जीत लिया। उन्होंने हिंदुस्तानी जज्बे और हौसले की एक मिसाल पाकिस्तानियों के सामने रख दी। बॉर्डर फिल्म में तो कहानी के किरदार पाकिस्तानियों का मनोबल तोड़ते हैं और उन्हें हराते हैं, लेकिन सोनू हकीकत में उनसे जीतकर आए। सोनू की हिम्मत और उनके जज्बे को सलाम। बॉर्डर का गाना तो आप आजकल सुन ही रहे हैं, मगर सोनू की आवाज में मेरी पसंदीदा फिल्म ‘मैं हूं ना’ का यह टाइटल सॉन्ग जरूर सुनिए। अपना ख्याल रखिए, खुश रहिए। किसका है ये तुमको इंतजार, मैं हूं ना…



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