4 घंटे पहले
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किताबों से जानिए, कैसे उम्र उद्देश्य के अभाव में मन पर असर डालती है?
कोई न सुने, तो अपने भीतर की आवाज सुनें कुछ लोगों को एक ऐसे श्रोता की जरूरत होती है, जो जवाब न दे। जो बीच में न टोके, सही-गलत का फैसला न सुनाए। धैर्य हमें वह आजादी देता है, जो दुनिया नहीं दे पाती। बिना डर के सच कहने की आजादी। जब कोई हमें नहीं सुनता, तब हम अपने भीतर की आवाज सुनना शुरू करते हैं। वही आवाज हमें बताती है कि सहना और जीना दो अलग चीजें हैं। सहना थकाता है, सच बोलना मुक्त करता है। (द पेशेंस स्टोन -अतीक रहीमी)
उद्देश्य के अभाव में मन पर असर हो सकता है इंसान तभी थकता है जब जीवन से अर्थ निकल जाता है। उम्र शरीर पर नहीं, उद्देश्य के अभाव में मन पर असर डालती है। जो जानता है कि वह क्यों जी रहा है, वह धीरे चलता है, लेकिन रुकता नहीं। जब व्यक्ति अपने काम में इतना डूब जाता है कि समय की गिनती भूल जाता है, तब जीवन हल्का महसूस होता है। जल्दी मत करें, लेकिन करना मत छोड़ें। यही संतुलन आपको जीवित रखता है। (इकिगाई -फ्रांसेंस्क मिरालेस)
आपके लिए क्या मायने रखता है, वही जरूरी है जब इंसान यह स्वीकार करता है कि उसका समय सीमित है, तभी जीवन स्पष्ट होने लगता है। हर अवसर को पकड़ने की चाह उसे हर जगह पहुंचा तो देती है, लेकिन कहीं पूरा नहीं होने देती। कुछ चीजों को छोड़ना हार नहीं, बल्कि यह तय करना होता है कि आपके लिए क्या सच में मायने रखता है। समय के साथ सहज होना जरूरी है। जीवन की पूर्णता सब कुछ करने में नहीं, चुने हुए पलों को जीने में है। (फोर थाउजैंड वीक्स -ऑलिवर बर्कमैन)
समय हर चीज को बहा ले जाता है, इसलिए वर्तमान में खुश रहना सीखें हर सुबह यह समझ लें कि आज ऐसे लोगों से सामना हो सकता है जो कठोर या असंवेदनशील हों। वे अज्ञान में ऐसा करते हैं; यह उनकी कमी है, आपकी नहीं। जब तक आपका मन स्थिर है, कोई आपको हानि नहीं पहुंचा सकता। जो नियंत्रण में नहीं है, उसे लेकर व्याकुल न हों। दूसरों की राय, प्रशंसा या आलोचना आपके हाथ में नहीं। आपके हाथ में आपका आचरण है। सब क्षणभंगुर है। नाम, यश, शरीर और स्मृति। समय हर चीज को बहा ले जाता है। इसलिए वर्तमान में खुश रहें। (मेडिटेशन्स -मार्कस ऑरेलियस)








