13 घंटे पहले
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- किताबों से जानिए, कैसे अपनी सच्ची शक्ति को पहचानें, उसे संवारें और विकसित करें? जीवन में शक्ति पाने के दो रास्ते कौन-से हैं?
अपने प्रति धैर्य व करुणा बनाए रखें जब हम किसी कठिन भावना पर नियंत्रण पाने में सफलता हासिल करते हैं, तो उत्साह और गर्व महसूस करते हैं। जब हम पीछे हटते हैं या पुरानी आदतों में लौटते हैं, तो निराशा होती है। कभी आगे बढ़ना, कभी ठहराव, कभी पीछे लौटना। यही प्रक्रिया हमें भावनात्मक रूप से परिपक्व बनाती है। इस सफर में अपने प्रति धैर्य और करुणा बनाए रखें। (हाउ डु वी डील विद सेटबैक्स)
सच्ची शक्ति दूसरों को भी मजबूत बनाती है सच्ची ताकत दूसरों को भी मजबूत बनाती है। अगर किसी की ताकत दूसरों को कमजोर महसूस कराए तो वह ताकत नहीं, दबदबा है। दबदबा कभी सच्ची शक्ति नहीं होता। अपनी सच्ची शक्ति को पहचानें। उसे संवारें, विकसित करें। जो शक्ति प्रेम पर आधारित होती है, उसकी लोग लालसा करते हैं। यह शक्ति दूसरों को मजबूत बनाती है। (ऑन स्ट्रेंथ)
सक्रिय और ग्रहणशील ऊर्जा का संतुलन हो जीवन में शक्ति पाने के दो रास्ते हैं। सक्रिय तरीका है चीजों के पीछे जाना और उन्हें घटित करना। इसमें ध्यान, आत्मविश्वास, प्रयास और जोखिम शामिल हैं। ग्रहणशील तरीका है चीजों को आकर्षित करना और उन्हें होने देना। इसमें खुलापन, भरोसा, प्रतीक्षा और स्वीकृति शामिल है। सच्चा संतुलन इन दोनों ऊर्जाओं के मेल में है। (एक्टिव एंड रिसेप्टिव)
तुलना नहीं करें, अपनी विशिष्टता को पहचानें हम अपनी सीमाओं में उलझते हैं क्योंकि हम लगातार दूसरों से अपनी तुलना करते हैं। यह आदत हमारे आत्मविश्वास को सबसे ज्यादा कमजोर करती है। हम हर वक्त यह देख रहे होते हैं कि कोई हमसे बेहतर तो नहीं और जब लगता है कि है, तो हम टूट जाते हैं। लेकिन ईश्वर ने हमें किसी के जैसा नहीं, अद्वितीय बनाया है। अगर हम वाकई ईश्वर की मूल रचना हैं, तो फिर हमारी इस विशिष्टता को समझना और निखारना हमारा सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए। (गेटिंग अवे फ्रॉम कंपैरिजन)








