6 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

किताबों से जानिए, क्यों भीड़ का अंधा अनुसरण नहीं करना चाहिए? सच्ची खुशी असल में नैतिक रूप से कहां छुपी रहती है? भीड़ का अंधा अनुसरण कभी नहीं करना चाहिए जो वास्तव में मजबूत इंसान बनना चाहता है, उसे भीड़ का अंधा अनुसरण नहीं करना चाहिए। आखिर में सबसे पवित्र चीज है- ईमानदारी। अपने भीतर उठने वाली ज्ञान की रोशनी पर ध्यान दें, क्योंकि वही सबसे सच्ची होती है। मूसा, प्लेटो और मिल्टन की सबसे बड़ी महानता यही थी कि उन्होंने कभी किताबों और परंपराओं का अंधा अनुसरण नहीं किया। उन्होंने वही कहा जो वे सोचते थे। (सेल्फ रिलायंस -राल्फ वाल्डो इमर्सन)
हमें छोटे काम भी प्रेम के साथ ही करने चाहिए ईश्वर किसी भी काम की बड़ी-छोटी बात नहीं देखते, वे केवल प्रेम देखते हैं। मैंने अपना जीवन ऐसे जीना शुरू किया जैसे दुनिया में सिर्फ मैं और ईश्वर ही हों। रसोई का शोर, लोगों की आवाजें, सबके बीच भी मुझे गहरी शांति महसूस होती थी। मैं अपने काम में मन लगाकर जुट जाता हूं और मेरे भीतर स्थिरता रहती है। मेरे लिए काम का समय और प्रार्थना का समय अलग नहीं है, दोनों में मैं शांत हूं। (द प्रैक्टिस ऑफ द प्रजेंस -ब्रदर लॉरेंस)
केवल अच्छाई को ही बरतना, उसे ही अपनाना इंसान किसी भी परिस्थिति में ढल सकता है, खासकर तब जब वह देखता है कि उसके आसपास के लोग उसे स्वीकार कर रहे हैं। सच्ची खुशी असल में नैतिक रूप से सही काम करने की कोशिश में ही छिपी हुई है। मनुष्य बिना यह कोशिश किए नहीं जी सकता कि वह केवल वही करे जो उसे सच और सही लगता है। जीवन का असली अर्थ यही है। केवल अच्छाई को ही बरतना, उसे ही अपनाना। (अन्ना कैरेनिना -लियो टॉलस्टॉय)
जल्दबाजी नहीं, जीवन में धैर्य और शांति जरूरी दुनिया में सैकड़ों लोग बोल सकते हैं, पर सोचने वाला मुश्किल से कोई होता है; और हजारों लोग सोच सकते हैं, पर साफ देखने वाला विरला होता है। साफ देखना ही कविता है, भविष्यवाणी है और धर्म भी। महान काम धैर्य से जन्म लेता है। किसी इंसान की असली ताकत उसकी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि उसकी सहनशीलता में होती है, जिसके साथ वह सबसे अच्छा काम कर सकता है। (द क्राउन ऑफ वाइल्ड ऑलिव -जॉन रस्किन)








