सेल्फ हेल्प किताबों से:  स्वयं को स्वीकारें, खुद से भी प्रेम करें
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सेल्फ हेल्प किताबों से: स्वयं को स्वीकारें, खुद से भी प्रेम करें

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55 मिनट पहले

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  • किताबों से जानिए, अपनी देखभाल करने के लिए खुद से प्रेम क्यों जरूरी है? अच्छाई को देखने की आदत से हममें क्या बदलाव आते हैं ?

आपको अपने बारे में भी सोचना चाहिए यदि आप स्वयं से प्रेम करते हैं, तो आप अपनी अच्छी देखभाल करते हैं। लेकिन हममें से कई लोग स्वयं से प्रेम करना बंद कर देते हैं। कुछ लोग जीवन की कठिनाइयों से टूटकर खुद की परवाह करना छोड़ देते हैं। हर कोई स्वयं को स्वीकार करे। इंतजार क्यों करें यह समझने के लिए कि आपको अपनी देखभाल करनी चाहिए? (एडजस्ट योर ओन…)

आशाएं व सपने, खुशी से परे भी ले जाते हैं आशाएं, सपने और भविष्य की कल्पना रखना अच्छी बात है। हमें लक्ष्यों और योजनाओं की जरूरत होती है, जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। लेकिन यह भी जरूरी है कि यह कल्पनाएं हमें वर्तमान में जो कुछ है, उसकी सराहना करने से न रोकें। एक काल्पनिक परिपूर्ण जीवन की चाह में अपने वास्तविक जीवन की सुंदरता न खोने दें। (ट्रांसफॉर्म एक्सपेक्टेशंस…)

हर बात को व्यक्तिगत लेना भी अहंकार ही है जो कुछ भी आपके आसपास हो रहा है, उसे व्यक्तिगत रूप से न लें। आप इसे व्यक्तिगत रूप से इसलिए लेते हैं क्योंकि आप उस बात से सहमत हो जाते हैं, जो कही गई थी। जैसे ही आप सहमत होते हैं, वह नकारात्मकता आपके भीतर समा जाती है, और आप पीड़ित हो जाते हैं। हर चीज को अपने ऊपर लेना, अहंकार की चरम सीमा है। (डोंट टेक एनीथिंग पर्सनली)

अच्छाई की तलाश करेंगे तो खुश रहेंगे जब हम अच्छाई की तलाश करते हैं, तो जीवन हमें अपने असंख्य उपहारों से नवाजता है। अच्छाई को देखने की आदत हमारे हृदय को खोलती है और हमें कृतज्ञता के भाव में जीने की अनुमति देती है। इससे हम उन छोटी-छोटी चीजों की सराहना करने लगते हैं, जो हर दिन हमें आशीर्वाद की तरह मिलती हैं। हमारे जीवन में जो उपहार हैं, उन्हें हमें हल्के में नहीं लेना चाहिए। हमारे पास कितनी चीजें हैं जिनके लिए आभारी होना चाहिए। जीवन में अच्छाई को देखने की आदत डालें। (एम आई लुकिंग फॉर वॉट्स राइट…)



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