सोशल मीडिया से दूर हो रहे हैं अमीर:  प्राइवेसी नया स्टेटस; निजी जिंदगी को गोपनीय रखना आधुनिक दुनिया की असली ‘लग्जरी’ बन रहा
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सोशल मीडिया से दूर हो रहे हैं अमीर: प्राइवेसी नया स्टेटस; निजी जिंदगी को गोपनीय रखना आधुनिक दुनिया की असली ‘लग्जरी’ बन रहा

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वॉशिंगटन2 घंटे पहले

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असल स्टेटस सिंबल सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक रूप से इतना सशक्त और मजबूत होना है कि आप अपना ऑनलाइन रहना अपनी मर्जी से तय कर सकें।- प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar

असल स्टेटस सिंबल सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक रूप से इतना सशक्त और मजबूत होना है कि आप अपना ऑनलाइन रहना अपनी मर्जी से तय कर सकें।- प्रतीकात्मक फोटो

आज के डिजिटल युग में जहां हर कोई सोशल मीडिया पर दिखने की होड़ में है, वहीं अमीर और प्रभावशाली लोग अपनी प्राइवेसी और गोपनीयता को एक नए स्टेटस सिंबल के रूप में अपना रहे हैं।

इंटरनेट पर बिना किसी डिजिटल फुटप्रिंट के अदृश्य रहना और अपनी जिंदगी को गुप्त रखना भी आधुनिक दुनिया की असली ‘लग्जरी’ बनता जा रहा है। कई सुपर-रिच लोग सार्वजनिक कार्यक्रमों, सोशल मीडिया और गूगल सर्च से पूरी तरह गायब हैं। उनकी कंपनी की वेबसाइट्स भी सिर्फ एक साधारण होल्डिंग पेज जैसी होती हैं।

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– अमीर लोग इंटरनेट से अपने रिकॉर्ड मिटाने के लिए डेटा हटाने वाली कंपनियों, सुरक्षा सलाहकारों और उपकरणों का उपयोग करते हैं।

– डिलीट मी नाम की डेटा हटाने वाली सर्विस के अति अमीर ग्राहकों की मांग 330% बढ़ी। कंपनी करीब 5 करोड़ डेटा रिमूव करवा चुकी है।

– ब्रैड पिट, जॉर्ज क्लूनी और एम्मा स्टोन जैसी मशहूर हस्तियां उन गिने-चुने लोगों में हैं जिन्होंने अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट नहीं बनाए।

– सिग्नल, विकर और एंटरप्राइज-ग्रेड एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म अब अति धनाढ्य परिवारों की दैनिक संचार आदतों का हिस्सा बन गए हैं।

ब्रांड रणनीतिकार यूजीन हीली इसे ‘कनेक्टेड प्राइवेसी’ कहते हैं। यानी डिजिटल दुनिया के फायदे तो लेना, लेकिन खुद को एल्गोरिद्म और सार्वजनिक निगरानी से बचाए रखना। वे कहते हैं, ‘समाज में प्रगति करने के लिए हममें से कई लोगों को ऑनलाइन होना जरूरी हो गया है। लेकिन वास्तव में स्टेटस सिंबल ऑफलाइन रहना नहीं है। असल स्टेटस सिंबल सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक रूप से इतना सशक्त और मजबूत होना है कि आप अपना ऑनलाइन रहना अपनी मर्जी से तय कर सकें। इन अमीरों के लिए ऑनलाइन अदृश्य बनकर रहना भी एक अलग ही रुतबा है।’



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