प्रो. मनोज कुमार झा का कॉलम:  कहने का सलीका हो तो गैर-सलीकेदार बात भी ढंग से कह सकते हैं
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प्रो. मनोज कुमार झा का कॉलम: कहने का सलीका हो तो गैर-सलीकेदार बात भी ढंग से कह सकते हैं

Hindi News Opinion Prof. Manoj Kumar Jha Column: Dignified Discourse Strengthens Democracy 9 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रो. मनोज कुमार झा राजद से राज्यसभा सांसद लोकतंत्र की असली पहचान केवल चुनावों से ही नहीं, बल्कि इस बात से भी होती है कि वह असहमति को किस भाषा में व्यक्त करता है। राजनीति की भाषा समाज […]