नवनीत गुर्जर का कॉलम:  कॉमेडी ऐसी हो जो हंसाए भी, सोचने पर मजबूर करे और मर्यादा का सम्मान भी करे
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: कॉमेडी ऐसी हो जो हंसाए भी, सोचने पर मजबूर करे और मर्यादा का सम्मान भी करे

Hindi News Opinion Navneet Gujar Column: Comedy That Amuses, Provokes Thought & Respects Dignity 6 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर स्टैंडअप कॉमेडी किसी भी लोकतांत्रिक समाज की एक स्वस्थ परम्परा हो सकती है, लेकिन जब हास्य की जगह फूहड़ता, अपमान और सस्ती लोकप्रियता ले लेती है, तब वह कला नहीं बेवजह का शोर बन […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अब हमारे परिवारों में रिवर्स मेंटरिंग का समय आ गया है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अब हमारे परिवारों में रिवर्स मेंटरिंग का समय आ गया है

हमारे परिवारों में देखते ही देखते हम लोगों ने विभेद खड़े कर दिए। परिवार में सब समान होते हैं, ये विचार ही नई सोच की आंधी में उड़ गया। निज-हित की अति ने परिवार में कलह, विघटन को आमंत्रण दे दिया। बड़े-छोटे का झंझट अहंकार को पोषित कर रहा है और अहंकार परिवारों का सबसे […]