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- Pandit Vijayshankar Mehta Column: Recognize Opportunities, Dont Just Find Them
2 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
सभी लोग, जिनकी स्मृतियां थोड़ी ताजी हैं, जब स्कूल में पढ़ते थे तो उन्हें याद होगा कि वो किस श्रेणी में थे। तो जो लोग उस समय बहुत तेज दिमाग थे, फ्रंट लाइन पर बैठते थे, पता लगाएं वो आज कहां हैं और जिन्हें क्लास में कोई पूछता भी नहीं था, वो कहां हैं? एक बात निकलकर आएगी कि सफलता के लिए तेज दिमाग, बहुत अधिक योग्यता ही काम नहीं आती।
एक और बात है, जो सफलता को पूरा करती है और वह है- अवसरों को भुनाना। जब हम मिले हुए अवसरों का लाभ उठाते हैं तो सफलता की संभावना बढ़ जाती है। अवसर सबको मिलते हैं, आप लपकते कैसे हैं, इसका एक उदाहरण हनुमान जी देते हैं। सुंदरकांड हनुमान जी के लिए एक अवसर है, जिसमें श्रीराम ने हनुमान जी का चयन किया कि वे लंका जाएं।
अवसर जीवन में आया, हनुमान जी ने लपक लिया और उस एक रात में हनुमान जी सारी दुनिया में रामदूत के नाम से जाने गए। अवसरों की पहचान ही सफलता की कुंजी बन जाती है।









