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एन. रघुरामन का कॉलम: ‘जॉब हंटिंग’ अपने आप में एक अहम जॉब है

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14 घंटे पहले

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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

तब हर दिन चमकीली धूप से भरा सर्दियों के दिन जैसा था, जिसमें कोई व्यक्ति अपना बेस्ट सूट या ड्रेस पहनकर दूसरों के सामने कैटवॉक करता है, ताकि उनके नोटिस में आ सके। मैं असली मौसम की बात नहीं कर रहा, बल्कि इस एहसास की तुलना कॉलेज स्टूडेंट्स के एक वॉट्सएप ग्रुप से कर रहा हूं। क्योंकि बीते चार वर्षों से यह ग्रुप हमेशा नाइट-आउट प्लान, डेटिंग एप के स्क्रीनशॉट्स, बातचीतों और उन तस्वीरों से भरा होता था कि कोई उस वीकेंड क्या पहनने की योजना बना रहा है।

फिर जब पासआउट होने की और कन्वोकेशन-डे की तस्वीरें पोस्ट होने लगीं तो मौसम बदल गया। स्क्रीन क्लाउडी नजर आने लगी, क्योंकि एम्प्लॉयर्स के रिजेक्शन लेटर अपना बदसूरत चेहरा दिखाने लगे थे। वे सभी एक ही लाइन से शुरू होते- ‘डियर रमेश/सुरेश/महेश’।

बस आवेदक के अनुसार उसका नाम बदलता और बाकी लाइनें वही रहती थीं। अगली लाइन में होता था- ‘आवेदन का समय निकालने के लिए धन्यवाद, लेकिन आवेदकों की भारी संख्या के कारण हम अभी आपको पर्सनलाइज्ड फीडबैक भी नहीं दे सकते। अन्य कॅरिअर अपॉर्च्युनिटीज के लिए हमारी वेबसाइट या जॉब साइट्स देखते रहें…।’

बीते 1 महीने में ग्रुप में उन लाइनों से आगे किसी ने पढ़ा ही नहीं। पिछले दो दिनों से तो कुछ लोग स्माइली भेजने लगे हैं, क्योंकि वे स्पष्ट जानते हैं कि कोई दूसरी सलाह तो डिप्रेसिंग ही होगी। उनके पास डिग्रियां हैं, कॉलेज के चार वर्षों के कई सर्टिफिकेट हैं, इंटर्नशिप लेटर हैं और कुछ के पास तो वर्क एक्सपीरियंस तक है। लेकिन जिस तक पहुंचाने के लिए ये सारे सर्टिफिकेट थे, वही एक चीज ज्यादातर के पास नहीं थी : एक जॉब। जॉब रिजेक्शन के झटके से उबरने के लिए कुछ स्ट्रेटजी यहां पेश हैं।

1. अपनी कीमत को किसी के फैसले से अलग रखें : रिजेक्शन किसी फर्म का बिजनेस डिसीजन था, यह आपकी ह्यूमन वैल्यू का प्रतिबिंब नहीं है। 2. ऐसे लेटर इनबॉक्स में आते ही खुद को वेंटिंग टाइम दें : अपसेट महसूस करने के लिए 15 मिनट का टाइमर लगाएं, किसी दोस्त से भड़ास निकालें या निराशा को लिखें, और फिर आगे बढ़ जाएं। 3. कनेक्ट बनाए रखें : भले ही उन्होंने विनम्रता से आपको फीडबैक न मांगने के लिए कहा हो, फिर भी विनम्रता से उन्हें समय देने के लिए धन्यवाद कहें और पूछें कि क्या कोई एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें आप फिट हो सकते हैं। अपनी खूबियां बताएं। हो सकता है कि लगातार कोशिश आपको ‘कन्विंसिंग संबंधी जॉब’ तक पहुंचा दे। 4. जॉब हंटिंग नंबर गेम जैसा है : आपकी ओर से एप्लिकेशन पाइपलाइन इतनी व्यस्त होनी चाहिए कि एक रिजेक्शन आपको दुनिया का अंत न लगने लगे। 5. पॉजिटिव ग्रुप का हिस्सा बनें : रिजेक्शन समय के साथ आपका आत्मविश्वास गिराते हैं। अपने पैरेंट्स और करीबी लोगों को कहें कि वे पॉजिटिव तारीफ करके आपको सपोर्ट करें। हर दिन नए लोगों से मिलें और आपको उनकी ओर आकर्षित करने वाली खूबियों को तलाशें। संक्षेप में, ऑब्जर्वेशन स्किल विकसित करें। 6. एक्शन एंग्जायटी हटाता है : देखें कि आप कहां अटक रहे हैं। अगर आप आवेदन के तुरंत बाद रिजेक्ट हो रहे हैं तो रिज्यूमे ठीक करें। अगर इंटरव्यू के बाद रिजेक्ट हो रहे हैं तो स्पीकिंग स्किल पर काम करें। 7. कंप्लीट डिजिटल ब्रेक लें : लगातार आते नोटिफिकेशन आपके नर्वस सिस्टम को तनाव में रखते हैं। ईमेल चेक करने के लिए सख्ती से समय तय करें और लोगों से फेस-टु-फेस मिलकर नेटवर्किंग बनाएं।

जब आप मेंटर या पैरेंट्स की सुझाई ये और कुछ दूसरी स्ट्रेटजी अपनाएंगे तो आपकी सोशल लाइफ बदल जाएगी। आपकी प्राथमिकताएं और फोकस बदल जाएगा। और मोटिवेशन के लिए तो आप बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान का मशहूर डायलॉग याद कर सकते हैं- ‘किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है।’

फंडा यह है कि जब जॉब रिजेक्शन की बेरहम हकीकत आपसे आंखें मिलाए तो खुद से कहें कि आपके पास ‘जॉब हंटिंग’ का एक अहम जॉब है और उसी प्रोजेक्ट पर फोकस रखें। यकीन मानिए, ‘शिद्दत’ के साथ किया गया फोकस आपको आपके लक्ष्य के और करीब ले जाएगा।

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