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चीन के रियल एस्टेट कारोबारी यान को उम्रकैद: फफूंद वाली ब्रेड खाई, किचन में सोए; फिर बने एशिया के सबसे अमीर, अब संपत्ति जब्त

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चीन की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के संस्थापक हुई का यान (67) को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। शेनझेन की अदालत ने उन्हें वित्तीय धोखाधड़ी समेत कई मामलों में दोषी पाया। 2017 में करीब 4.02 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ यान एशिया के सबसे अमीर शख्स थे। अब उनकी पूरी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया गया है। एवरग्रांडे ग्रुप पर 12,443 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। 2020 में चीन सरकार की कर्ज देने पर सख्ती के बाद एवरग्रांडे संकट में फंसी और इसका असर पूरे चीनी प्रॉपर्टी सेक्टर पर पड़ा। गरीबी से उठकर अरबपति बनने और फिर जेल पहुंचने वाले यान की कहानी बेहद दिलचस्प है। 1958 में जन्मे यान जब 8 महीने के थे, तब मां का निधन हो गया। पिता और दादी ने उन्हें पाला। गरीबी के चलते पैबंद लगे कपड़ों और बासी शकरकंद पर बचपन बीता। कई बार जब भूख बर्दाश्त नहीं होती तो वे फफूंद लगी बासी ब्रेड को साफ करके खाते थे। इसी गरीबी और संघर्ष ने यान के दिलो-दिमाग में अमीर बनने की जिद पैदा की। 30 पन्नों का रिज्यूमे हुआ फेल 1992 में घर से दूर शिनजियांग में नौकरी पाने के लिए यान ने 20 रिज्यूमे तैयार किए। हर रिज्यूमे करीब 30 पन्नों का था। उन्होंने कई कंपनियों के चक्कर लगाए। अंत में दोस्त की सलाह पर रिज्यूमे छोटा करके सिर्फ दो पन्नों का किया, तब एक कंपनी में जॉब मिली। उस दौरान रहने के लिए घर नहीं था तो ऑफिस के किचन में ही रहते थे। बतौर सेल्समैन पहली डील में कंपनी को 1.45 करोड़ का मुनाफा कराया। हालांकि बाद में कम सैलरी के चलते नौकरी छोड़ दी। यॉट, 3 जेट और सोने की परत वाला महल अरबपति बनने के बाद यान की लाइफस्टाइल लग्जरी हो गई थी । उनके पास 60 फुट की लग्जरी यॉट और तीन निजी जेट थे। 2020 में उन्होंने लंदन में ‘2-8ए रटलैंड गेट’ नाम की 45 कमरों और 20 बेडरूम वाली हवेली करीब 1,900 करोड़ रु. में खरीदी। उस समय यह लंदन की सबसे महंगी संपत्तियों में थी। दीवारों, अंदरूनी हिस्सों और सजावटी सामान पर सोने की महीन परत चढ़ी थी। उनकी शानो-शौकत का अंदाजा इसी बात से लगता है कि होटल के कमरे का तापमान 22° डिग्री तय था और फ्रूट-टी में कटने वाले फलों का आकार भी पहले से तय रहता था। यान का बिजनेस मॉडल अत्यधिक कर्ज पर टिका था इसलिए ढहा 1996 में एवरग्रांडे की शुरुआत करने वाले यान ने भारी कर्ज लेकर जमीनें खरीदीं और कई शहरों में रिहाइशी प्रोजेक्ट्स बनाए। 2009 में आईपीओ लाकर 2017 में वे चीन के सबसे अमीर शख्स बने। हालांकि, उनका बिजनेस मॉडल अत्यधिक कर्ज पर टिका था। जब चीन सरकार ने नियम बदलकर रियल एस्टेट कर्ज पर सख्ती की, तो एवरग्रांडे का साम्राज्य ढह गया। 28.72 लाख करोड़ रुपए की देनदारियों, डिफॉल्ट और धोखाधड़ी के आरोपों में यान का पतन हुआ।



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