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भावनाएं संक्रामक होती हैं। यदि आप ऐसे लोगों के साथ काम करते हैं जो खुश और आशावादी हैं, तो आप भी वैसा ही महसूस करने लगते हैं। यदि आपके सहकर्मी हमेशा तनावग्रस्त या नकारात्मक रहते हैं, तो उसका असर आपके मन और काम पर भी पड़ता है। इसे ही ‘सेकंड हैंड स्ट्रेस’ कहते हैं। ये हैं इससे बचने के कुछ प्रभावी उपाय… 1) टीम से खुलकर बात करें, अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें
यदि आपकी टीम के कुछ सदस्य तनाव में दिखते हैं, तो समझने की कोशिश करें कि उनके तनाव की असली वजह क्या है। उनसे खुलकर बात करें और उन्हें अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें। जब लोग अपनी भावनाओं को ठीक तरह से पहचानते और व्यक्त करते हैं, तो वे तनाव के कारण को बेहतर समझ पाते हैं। 2) सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण तनाव कम कर सकता है
किसी के तनाव को महसूस करने के बजाय, आप उसकी मदद करने का प्रयास कर सकते हैं। लोगों के प्रति सहानुभूति दिखाएं, उनकी बात ध्यान से सुनें और सकारात्मक बातचीत ही करें। आपका सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण न केवल सामने वाले के तनाव को कम कर सकता है, आपको भी नकारात्मक प्रभाव से बचाए रख सकता है। 3) मानसिक शांति के लिए दूरी बनाएं
हर समय नकारात्मक लोगों के साथ रहना मानसिक रूप से थका देने वाला भी हो सकता है। यदि आपको लगे कि कोई सहकर्मी आपके मन पर बुरा प्रभाव डाल रहा है, तो उससे थोड़ी दूरी बनाना ही हर तरह से बेहतर है। यह दूरी असंवेदनशीलता नहीं, बल्कि अपनी मानसिक शांति बनाए रखने का एक स्वस्थ तरीका-भर होती है। 4) आसपास के माहौल को बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास करें
जैसे नकारात्मक भावनाएं फैल जाती हैं, वैसे ही सकारात्मक भावनाएं भी तेजी से फैलती हैं। इसलिए खुद को हमेशा ही एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करें। चेहरे पर मुस्कान, मन में उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ अपने आसपास के माहौल को बेहतर बनाएं। इससे आपकी टीम में आत्मविश्वास और ऊर्जा तेजी से बढ़ सकती है। 5) अपनी सेहत का ख्याल रखेंगे, तभी तनाव का सामना कर पाएंगे
तनाव से बचने का सबसे अहम और प्रभावी तरीका है अपनी सेहत का ख्याल रखना। बहुत जरूरी है कि आप हमेशा ही पौष्टिक और संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद भी लें। जब आपका शरीर और मन दोनों स्वस्थ होते हैं, तो आप बाहरी तनावों का सामना मजबूती से कर पाते हैं।
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