बारिश में बुजुर्गों की सेहत:  मौसम के बदलते मिजाज से बढ़ता है जोड़ों का दर्द; इन उपायों से मिलेगी राहत
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बारिश में बुजुर्गों की सेहत: मौसम के बदलते मिजाज से बढ़ता है जोड़ों का दर्द; इन उपायों से मिलेगी राहत

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मानसून में जुलाई का माह बुजुर्गों के स्वास्थ्य की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और भारतीय रूमेटोलॉजी एसोसिएशन की रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस दौरान जोड़ों में दर्द, सूजन व आर्थराइटिस की शिकायतें 70% तक बढ़ जाती हैं। दरअसल इसके पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। मानसून में कम बैरोमेट्रिक दबाव में, उच्च आर्द्रता व तापमान में बदलाव से शरीर के टिश्यूज व जोड़ों का द्रव फैलता है। इससे क्षतिग्रस्त जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। दर्द को बढ़ने से रोकने वाले 4 उपाय जानिए। 1. दर्द हो तो आराम नहीं, हल्का व्यायाम करें बारिश में अधिकतर बुजुर्ग घर से बाहर नहीं निकलते हैं। चलना-फिरना कम कर देते हैं। यही सबसे बड़ी गलती है। क्या करें? बारिश के कारण अगर घर से बाहर नहीं जा पाएं तो घर के अंदर ही 20-30 मिनट रोजाना टहलें। कुर्सी पर बैठकर पैर व घुटनों की हल्की कसरत करें। लंबे समय तक एक ही जगह पर नहीं बैठे रहें। फायदा – नियमित रूप से शारीरिक हलचल बनी रहने से जोड़ों में चिकनाई बनी रहती है और अकड़न कम होती है। 2. सुबह या शाम 15 मिनट गर्म सिकाई करें कई बुजुर्ग मौसम बदलते ही दर्द की दवा बढ़ा देते हैं या ठीक लगने पर बंद कर देते हैं। यदि घुटने, कमर या कंधे में दर्द बढ़ रहा है तो गुनगुने पानी की थैली से सिकाई करें। क्या करें? दिन में 2-3 बार हल्की गर्म सिकाई करें। बहुत ज्यादा गर्म तापमान से बचें। सूजन और लालिमा हो तो पहले डॉक्टर से सलाह लें। फायदा – सिर्फ 10 से 15 मिनट की सिकाई से आपकी मांसपेशियां ढीली होती हैं और दर्द में राहत मिलती है। 3. प्यास न लगे तब भी पानी कम नहीं करें इस सीजन में प्यास भले कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत होती है। कम पानी पीने से मांसपेशियों में खिंचाव और यूरिक एसिड जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। क्या करें? दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। डॉक्टर ने पानी सीमित करने को कहा हो तो पर्याप्त तरल चीजें लें। पानी पीने के लिए प्यास लगने का इंतजार नहीं करें। फायदा – शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनी रहने से मांसपेशियां बेहतर तरीके से काम करती रहती हैं। 4. धूप मिले तो लें, नहीं तो विटामिन-D लें बारिश में बादल रहने से धूप कम मिलती है। जिन बुजुर्गों में पहले से विटामिन-D की कमी है, उनमें मांसपेशियों की कमजोरी और दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है। क्या करें? जब धूप निकले तो 15-20 मिनट उसमें बैठें। डॉक्टर की सलाह पर विटामिन-D और कैल्शियम की जांच कराएं। सप्लीमेंट या दवा डॉक्टर की सलाह से ही लें। फायदा – नियमित धूप लेने से विटामिन-D की कमी नहीं होती। हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती बनी रहती है। अगर ऐसा हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें – जोड़ लाल और बहुत गर्म हो जाएं। – बुखार के साथ में ही लगातार दर्द बना रहे। – शरीर में अचानक तेज सूजन आ जाए। – चलना या खड़ा होना मुश्किल हो जाए। ऐसी स्थिति में इसे सामान्य मानसूनी दर्द मानकर घर पर इलाज नहीं करें। तुरंत डॉक्टर से मिलें। (डॉ. उमा कुमारएचओडी, रुमेटोलॉजी डिपार्टमेंट एम्स, दिल्ली) (डॉ. अशोक ठाकुरएसो. प्रोफेसर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर)



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