राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  साजिश के सिद्धांतों को कभी सच्चाई पर हावी ना होने दें
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: साजिश के सिद्धांतों को कभी सच्चाई पर हावी ना होने दें

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai Column | Conspiracy Theories Vs Truth In Delhi Politics 6 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली के सत्ता गलियारों में ​साजिश के सिद्धांत (कॉन्स्पिरेसी थ्योरीज़) हमेशा फलते-फूलते रहे हैं। लेकिन आज के अत्यधिक ध्रुवीकृत भारत में वे केवल गपशप भर नहीं रह गए हैं। अब वे राजनीतिक […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  अब हमारे नेताओं को ‘लोग क्या कहेंगे’ का डर नहीं सताता?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: अब हमारे नेताओं को ‘लोग क्या कहेंगे’ का डर नहीं सताता?

वैसी छवियां एक जमाने में राजनेताओं के लिए शर्मिंदगी का कारण बन सकती थीं। दिल्ली में तृणमूल के सांसदों के पाला बदलने की तैयारी के दौरान उन्हें वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ पूरी तरह से कम्फर्टेबल देखा गया। गोपनीयता बनाए रखने की कोशिश तक नहीं की गई। महाराष्ट्र में शिवसेना के बागी विधायक चार्टर्ड विमानों […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  क्या कांग्रेस से टूटकर बने दलों को उसमें लौट आना चाहिए?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: क्या कांग्रेस से टूटकर बने दलों को उसमें लौट आना चाहिए?

भारतीय सिनेमा में सीक्वेल शायद ही सफल होते हैं। आमतौर पर दर्शक मूल फिल्म देख चुके होते हैं, नयापन खत्म हो जाता है और कहानी बासी लगने लगती है। इसीलिए ‘इंडिया-2.0’ का फिर से साथ आना बमुश्किल ही यह भरोसा जगाता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अप्रत्याशित चुनौती देने वाला गठबंधन […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  देश में युवाओं का बढ़ता आक्रोश हमें कुछ बताता है
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: देश में युवाओं का बढ़ता आक्रोश हमें कुछ बताता है

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai Column: Rising Youth Anger In India Signals A Shift 4 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार आज सब तरफ कॉकरोच शब्द की चर्चा है। किन्तु इसके हमारे राजनीतिक शब्दकोश का हिस्सा बनने से बहुत पहले ही मैं इस शब्द का उपयोग करता आ रहा हूं। ईश्वर न करे, […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  राजनीतिक धारणाओं के उलट कहीं जुड़ा हुआ है देश
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: राजनीतिक धारणाओं के उलट कहीं जुड़ा हुआ है देश

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai Column: India More United Than Political Perceptions 5 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार जो बात विधायिकाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से शुरू हुई थी, उसने अब एक कहीं अधिक विवादास्पद प्रश्न को सामने ला खड़ा किया है। इसके साथ ही वह चिंता भी फिर से सिर उठाने […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे

केरल की हालिया यात्रा के दौरान मैंने कुछ अजीब देखा। कई शहरों में बहुत-सी चाय की दुकानें बंद थीं। एक स्थानीय मलयाली चायवाले ने कहा कि ‘बिना एलपीजी सिलेंडर के हम क्या करें? हम जानते हैं कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण यह किल्लत हुई है, हम किसी को दोष भी नहीं दे रहे, […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  बिहार में नीतीश के बाद वाला परिदृश्य कैसा होगा?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: बिहार में नीतीश के बाद वाला परिदृश्य कैसा होगा?

राजनीति की दुनिया में नीतीश कुमार ने एक लंबा सफर तय किया है। बख्तियारपुर से आने वाले एक मृदुभाषी इंजीनियर से राजनेता बने नीतीश ने 2005 की सर्दियों में बिहार की बागडोर संभाली थी। अगले दो दशकों में उन्होंने बिहार की राजनीति को नया रूप दिया। साथ ही उन्होंने कई बार मोर्चे भी बदले, ताकि […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  असहमति को ही अव्यवस्था समझ लेना लोकतंत्र नहीं है
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: असहमति को ही अव्यवस्था समझ लेना लोकतंत्र नहीं है

दिल्ली में एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के ‘शर्टलेस’ विरोध ने वैसी ही प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कीं, जिसकी उम्मीद की जा सकती थी। कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया और प्राइम-टाइम चैनलों ने उस दृश्य पर अपना फैसला सुना दिया कि यह विरोध भटका हुआ, असहज करने वाला और यहां तक कि राष्ट्रीय शर्म का […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  सनसनी पर विश्वसनीयता को महत्व देने वाले पत्रकार
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: सनसनी पर विश्वसनीयता को महत्व देने वाले पत्रकार

टीवी स्क्रीन और मोबाइल फोन के हमारे जीवन पर हावी होने से बहुत पहले रेडियो की दुनिया थी। 1970 के दशक के भारत में पले-बढ़े हम जैसे लोगों के लिए रेडियो ही व्यापक संसार की खिड़की हुआ करता था। और उसी में बीबीसी रेडियो सेवा भी थी। हर सुबह मेरे दिवंगत दादाजी- जो एक पुलिस […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  2026 के इस नए साल में हमारा भारत कैसा हो?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: 2026 के इस नए साल में हमारा भारत कैसा हो?

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column What Should Our India Be Like In This New Year Of 2026? 4 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार ‘जहां मन भय से मुक्त हो और मस्तक ऊंचा हो; जहां ज्ञान स्वतंत्र हो; जहां दुनिया संकीर्ण दीवारों से टूटकर टुकड़ों में न बंटी हो… स्वतंत्रता के उस […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  सियासत में ‘हाई कमान’ संस्कृति से हम क्या समझें
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: सियासत में ‘हाई कमान’ संस्कृति से हम क्या समझें

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column: What Should We Understand From The “high Command” Culture In Politics? 10 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार इस हफ्ते भाजपा ने 45 वर्षीय नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय ‘कार्यकारी’ अध्यक्ष चुना। बिहार के बाहर शायद ही किसी ने उन पर इससे पहले ध्यान दिया होगा। […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  कांग्रेस को सख्त फैसले लेने वाले हाईकमान की जरूरत
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: कांग्रेस को सख्त फैसले लेने वाले हाईकमान की जरूरत

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Congress Needs A High Command That Can Take Tough Decisions 4 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार अगर ‘सेल्फ-गोल’ करने की कोई प्रतियोगिता हो तो कांग्रेस उसमें आसानी से स्वर्ण पदक जीत सकती है। कर्नाटक में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया में से ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ वाला राजनीतिक […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  भाजपा के लिए नीतीश कुमार आज भी ‘जरूरी’ क्यों हैं?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: भाजपा के लिए नीतीश कुमार आज भी ‘जरूरी’ क्यों हैं?

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Why Is Nitish Kumar Still ‘important’ For The BJP? 2 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार बिहार की मजबूरी है, नीतीश कुमार जरूरी है’- यह नारा मैंने सबसे पहले 2017 में भाजपा कार्यालय के बाहर सुना था, जब नीतीश ने ‘अनगिनतवीं’ बार पाला बदलने का फैसला किया […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  सीजेआई पर फेंके जूते का निशाना न्याय व्यवस्था थी
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: सीजेआई पर फेंके जूते का निशाना न्याय व्यवस्था थी

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column: The Shoe Thrown At The CJI Was Aimed At The Justice System 5 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार एक सवाल है। अगर सीजेआई पर कोर्ट में जूता फेंकने वाले वकील का नाम राकेश किशोर के बजाय रहीम खान होता तो क्या होता? क्या उसे बिना सजा […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  हमारे यहां चुनाव स्वतंत्र तो हैं  किंतु क्या वे निष्पक्ष भी हैं?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: हमारे यहां चुनाव स्वतंत्र तो हैं  किंतु क्या वे निष्पक्ष भी हैं?

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Elections In Our Country Are Free But Are They Fair? 4 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार क्या भारतीय चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं? यही वो बहस है, जो राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर हमले के साथ शुरू हुई है। मेरा कहना है कि भारतीय चुनाव […]

राजदीप सरदेसाई का कालम:  अपना पड़ोस सुधारे बिना हम क्षेत्र के लीडर नहीं हो सकते
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राजदीप सरदेसाई का कालम: अपना पड़ोस सुधारे बिना हम क्षेत्र के लीडर नहीं हो सकते

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column We Cannot Become Leaders Of The Region Without Improving Our Neighbourhood 4 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेश नीति की दिशा में उठाया अपना पहला ही कदम एक कूटनीतिक और रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक था। यह था दक्षिण एशियाई नेताओं को अपने […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने का यह सही समय नहीं
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने का यह सही समय नहीं

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column This Is Not The Right Time To Play Cricket With Pakistan 6 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री ने कहा था कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते और ऐसा कहते हुए उन्होंने सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था। […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  देश में एक और अल्पसंख्यक समुदाय न्याय का हकदार है
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: देश में एक और अल्पसंख्यक समुदाय न्याय का हकदार है

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Another Minority Community In The Country Deserves Justice 45 मिनट पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार देश में मुसलमानों के साथ हो रहे सलूक को लेकर अकसर सवाल उठते हैं। जहां भारतीय मुस्लिमों के खिलाफ नफरती भाषा का इस्तेमाल निरंतर बढ़ता जा रहा है, वहीं एक और मुद्दा […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  छह दशकों के बाद भी नेहरू का नाम क्यों छाया हुआ है?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: छह दशकों के बाद भी नेहरू का नाम क्यों छाया हुआ है?

3 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार इस हफ्ते लोकसभा में अपने उद्बोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जहां ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार पर सवाल उठाने वालों पर तीखा प्रहार किया, वहीं अतीत का एक जाना-पहचाना नाम भी बार-बार दोहराया गया। कुल 14 मौकों पर मोदी ने पं. जवाहरलाल नेहरू का जिक्र […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  संभावनाएं टटोली जा रही हैं एक युवा नेतृत्व के लिए
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: संभावनाएं टटोली जा रही हैं एक युवा नेतृत्व के लिए

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Possibilities Are Being Explored For A Young Leadership 6 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने एक बार अफसोस भरे स्वर में कहा था कि हम कांग्रेस वाले अपनी गुटबाजी सार्वजनिक रूप से जाहिर कर देते हैं, जबकि भाजपा ऐसा बंद दरवाजे के […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  भाषा पर राजनीति करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: भाषा पर राजनीति करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Nothing Will Be Gained By Doing Politics On Language 4 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार ‘इस देश में अंग्रेजी बोलने वाले जल्द ही शर्म महसूस करेंगे।’ -केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह‘मराठी बोलने वालों पर हिंदी थोपने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ -मनसे नेता राज ठाकरे‘हिंदी […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  हादसे होते हैं, जिम्मेदारी कोई नहीं लेता
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: हादसे होते हैं, जिम्मेदारी कोई नहीं लेता

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Accidents Happen, No One Takes Responsibility 4 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार वर्ष 1996 में दो विमानों के हवा में टकराने के बाद से इस देश के सबसे भयावह विमान हादसे में कम से कम 270 लोग मारे गए। एअर इंडिया की फ्लाइट उस गुजरात के […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  विदेश में एकता लेकिन देश में मतभेदों का दृश्य क्यों है?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: विदेश में एकता लेकिन देश में मतभेदों का दृश्य क्यों है?

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Why Is There Unity Abroad But A Scene Of Differences At Home? 6 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार असदुद्दीन ओवैसी को ‘राष्ट्रवादी’ होने का प्रमाण-पत्र देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ 87 घंटे लंबे सैन्य-अभियान की जरूरत पड़ी। इससे पहले कई सालों से उनकी राजनीति को […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  किसी पर रहम, किसी को सजा- ये कैसा ‘तंत्र’ है!
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: किसी पर रहम, किसी को सजा- ये कैसा ‘तंत्र’ है!

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Mercy For Some, Punishment For Others What Kind Of A ‘system’ Is This! 3 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार कुछ सप्ताह पहले मैंने ‘माय नेम इज रहीम खान’ शीर्षक से एक वीडियो-ब्लॉग प्रसारित किया था, जिसमें बताया गया था कि आज एक भारतीय मुसलमान होने का […]

राजदीप सरदेसाई का कॉलम:  क्या वाकई जम्मू-कश्मीर में हालात ‘सामान्य’ हो गए थे?
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राजदीप सरदेसाई का कॉलम: क्या वाकई जम्मू-कश्मीर में हालात ‘सामान्य’ हो गए थे?

Hindi News Opinion Rajdeep Sardesai’s Column Had The Situation In Jammu And Kashmir Really Become “normal”? 10 घंटे पहले कॉपी लिंक राजदीप सरदेसाई वरिष्ठ पत्रकार जम्मू-कश्मीर को लेकर होने वाली चर्चाओं में एक शब्द बार-बार सामने आता है- “सामान्य हालात’। राजनेता और विश्लेषकगण अकसर दावा करते हैं कि अब घाटी में “सामान्य हालात’ बहाल हो […]