भारत के साथ पाकिस्तान के युद्ध का इतिहास कैसा रहा है? सामरिक रूप से ठीक, लेकिन रणनीतिक रूप से नुकसानदायक। यही वजह है कि वह पूरी ताकत से शुरुआत करने के बावजूद हर युद्ध हारता है। लेकिन 1971 और कारगिल युद्ध को छोड़कर उसने ज्यादातर युद्धों में जीत का दावा किया है। गत वर्ष की […]
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शेखर गुप्ता का कॉलम: क्या अब राजनीति में मुसलमान हाशिये पर हैं?
करीब सात साल पहले मैंने एक लेख लिखा था, जिसका शीर्षक था : ‘क्या मुसलमान भाजपा के लिए कोई अहमियत रखते हैं?’ हाल के राज्यों के चुनाव नतीजे- खासकर बंगाल और असम के- जहां मुस्लिम वोटरों की आबादी 30% से ज्यादा है- दिखाते हैं कि यह मुद्दा अब और बड़ा हो गया है। राजनीतिक तौर […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: पश्चिम बंगाल के चुनाव में वामपंथी कहां हैं?
बंगाल में दीवारों पर लिखी इबारतों को आप कोलकाता और उससे बाहर घूमे बिना कैसे पढ़ पाएंगे? तो आइए, मेरे साथ उत्तर में 600 किमी दूर सिलीगुड़ी के 60 किमी संकरे कॉरीडोर में चलिए या बंगाल की मुख्य भूमि से उत्तर तथा पूरब के हिमालयी जिलों को जोड़ने वाली 90 किमी चौड़ी पट्टी तक। चलिए, […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: इस मौके का उपयोग मजबूत बनने में करें
Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column: Use Opportunity To Strengthen India | Global Tensions 4 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ दुनिया कई युद्धों में उलझी हुई है, गठबंधनों के स्वरूप बदल और बिखर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में जोर-जबर्दस्ती बढ़ रही है। इन वजहों का तकाजा है कि हम अपने […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: चीन एनर्जी-संकट से क्यों नहीं जूझ रहा?
एलपीजी और प्राकृतिक गैसों की कमी भारत में घरों से लेकर मझोले तथा लघु उद्योगों और खाद उत्पादन तक को जिस तरह से परेशान कर रही है, इसका जायजा लेते हुए मुझे उत्सुकता हुई कि चीन इतना शांत क्यों है। नतीजा यह निकला कि उसने बुद्धिमानी बरती। चीन के पास भी हमारी तरह तेल और […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: पाकिस्तान को नहीं पता आगे क्या करना है
लोग इस बात पर शोर मचा रहे हैं कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल है और हम नहीं हैं। ऐसा क्यों? क्या हम महत्वहीन हो गए हैं? क्या हमने अपनी नैतिक ताकत खो दी है? विपक्ष सरकार पर हमला करेगा, क्योंकि उसका काम ही यही है। सरकार भी इस सवाल का […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: युद्ध के दौर में हम अपने विकल्प चुन रहे हैं
कोई भी युद्ध कहीं भी हो, बुरा है। खासकर वह युद्ध तो और बुरा है, जो हमारे इलाके के इतना पास हो और हमारी एनर्जी की सप्लाई को दबा रहा हो। खाड़ी के देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय कामगार काम कर रहे हैं, उन देशों से बड़े स्तर पर हमारा आपसी निवेश हुआ है […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: ट्रम्प के उकसावे में न आना हमारी समझदारी
Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column: Indias Wisdom In Not Taking Trumps Provocation 11 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ ट्रम्प अपने सहयोगियों और मित्रों को अपमानित करते हैं। इसे समझने का एक सरल तरीका भी है, जिसे अगर हम भारत में ट्रकों के पीछे लिखी सूक्तियों से समझें तो इस सूक्ति […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: अफगानिस्तान से भिड़कर घिर गया है पाकिस्तान
Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column Pakistan Is Cornered After Clashing With Afghanistan 3 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ जब तीन महाशक्तियां अपनी ताकत के शिखर पर थीं, तब उन्होंने अफगानिस्तान को दबाने की कोशिश की मगर नाकाम रहीं। ब्रिटेन ने 19वीं सदी के मध्य में, सोवियत संघ ने 1979 के […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: हमारे लिए अपने हित सबसे महत्वपूर्ण रहे हैं
‘सम्प्रभुता’ इस साल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला शब्द बन सकता है। ट्रम्प ने इसे चलन में ला दिया है। वैश्वीकरण पर तीन दशकों से जो आम सहमति बनी हुई थी, उसे उन्होंने तोड़ दिया है। उस सहमति ने मित्र-देशों और सहयोगियों के साथ गठबंधन में अपनी सम्प्रभुता साझा करने के फायदे दिखाए थे। […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: ट्रम्प के तीन साल उथल-पुथल से भरे होंगे
Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column: Trumps 3 Years Will Be Tumultuous For Global Politics 6 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ आज की भू-राजनीति में जो खेल चल रहा है, उसे ताकत बढ़ाने और समय हासिल करने का खेल कहा जा सकता है। यह एक बनाम दूसरे की होड़ नहीं है। […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: हमें एक बांग्ला-भाषी ‘पाकिस्तान’ नहीं चाहिए
इस हफ्ते के अंत या अगले हफ्ते की शुरुआत तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार सत्ता संभाल सकती है। अवामी लीग को चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई है, इसलिए विश्वसनीयता पर सवाल बने रहेंगे। फिर भी लोकतंत्र के पैमाने पर इसे कुछ हद तक निष्पक्ष चुनाव कहा जा सकता है, […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: युद्ध में अपने लक्ष्यों का स्पष्ट होना सबसे जरूरी होता है
ऑपरेशन सिंदूर के 88वें घंटे पर भारत ने युद्धविराम की पाकिस्तानी गुजारिश को स्वीकार करने में हड़बड़ी की थी या बुद्धिमानी दिखाई थी? क्या भारत को लड़ाई जारी रखनी चाहिए थी और कब तक? इस तरह के सवाल हाल ही में तब उभरे, जब इस ऑपरेशन पर स्विट्जरलैंड की एक संस्था ‘सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: ‘ट्रम्प पीड़ित संघ’ बनाने का यही सही समय
Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column: The Right Time To Form A Trump Victim Alliance 6 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ 2006 के ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ में भारत सरकार और कॉर्पोरेट जगत ने मिलकर ‘इंडिया एवरीव्हेयर’ आयोजन को प्रायोजित किया था। उसके तहत कई इवेंट, पार्टियां की गईं; संगीत के कार्यक्रम […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: पाकिस्तान को इतनी अहमियत क्यों दें?
सेना, बिजली उत्पादन, अर्थव्यवस्था, संस्कृति या ‘सॉफ्ट पावर’ (सांस्कृतिक, वैचारिक शक्ति), ग्लोबल इमेज- किसी भी क्षेत्र में क्या पाकिस्तान कभी भारत की बराबरी कर सकता है? यह मौका उसने 1983 में ही खो दिया था, जब उसने भारत को हजारों घाव देकर लहूलुहान करने की नीति अपनाई थी। वह जिया-उल-हक का पाकिस्तान था, जो अफगानी […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: यह सुधारों को तेज करने का अवसर है
20 मिनट पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ मेरा एक मन यह कहना चाहता है कि ‘शुक्रिया मिस्टर ट्रम्प, जो आप भारत के साथ व्यापार समझौते पर लगातार टालमटोली कर रहे हैं!’ क्योंकि आप ऐसा न करते तो यहां महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार फटाफट न किए जाते, जैसा 1991 के बाद अब तक नहीं […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: देश की दिशा बदलने वाला दशक
5 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ एक युवा और विकासशील गणतंत्र का हर दशक सबसे महत्वपूर्ण होने का दावा कर सकता है। लेकिन एक दशक ऐसा था, जिसमें शायद ऐसी सबसे ज्यादा खबरें बनीं, जो आज भी हमारे लोकतंत्र और सार्वजनिक विमर्शों पर हावी हैं। यह 1985-95 का दशक था। देश […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: आखिर क्यों चर्चाओं में आ गई है ‘धुरंधर’
5 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ यह अनुमान लगा लेना तो खैर कल्पना की ऊंची उड़ान होगा कि यह कॉलम पढ़ने वाले हर पाठक ने ‘धुरंधर’ और ‘पठान’ देखी होगी, लेकिन मैं मानकर चलता हूं कि उक्त दो फिल्मों से कई लोग वाकिफ जरूर होंगे। बहरहाल, ‘धुरंधर’ भारी विवाद में घिर […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: सवाल निजी क्षेत्र की क्षमताओं पर उठे हैं
Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column: Questions Have Been Raised About The Capabilities Of The Private Sector 4 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ भारत में आर्थिक सुधारों के बाद सबसे बड़े ग्लोबल ब्रांड के रूप में उभरे इंडिगो की जो कहानी सामने आई है, उस पर तीन तरह की प्रतिक्रियाएं हो […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: वर्दीधारी तानाशाहों की बदनाम परम्परा
Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column The Infamous Tradition Of Dictators In Uniform 12 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ बीसवीं सदी से दुनिया कई वर्दीधारी तानाशाहों को देखती आ रही है। लेकिन पाकिस्तान ने फौजी हुकूमत के जितने नए-नए रूप पेश किए हैं, उतने किसी और देश ने नहीं किए। सबसे […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: हमने ‘लाल गेंद’ से नजरें क्यों फेर ली हैं?
Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column Why Have We Turned Our Eyes Away From The “red Ball”? 11 मिनट पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ हमारे टीवी समाचार चैनल जिस तरह के कल्पनाशील और रंग-बिरंगे हेडलाइन बनाया करते हैं, उन्हें देखते हुए मुझे हैरानी हो रही है कि दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: अपनी हवाई ताकत बढ़ाने में देरी ठीक नहीं
3 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ भारतीय वायुसेना (आईएएफ) इतनी मजबूत, गर्वीली तथा पेशेवर तो है ही कि वह तेजस हादसे से हताशा में नहीं डूब जाएगी। लेकिन हमारे नीति-निर्धारकों के लिए यह इस बात पर मनन करने का मौका है कि आईएएफ को जिस चीज की जरूरत है, उसके मद्देनजर […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: वोटबैंक कायम हैं तो बदलाव कहां हुआ?
Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column If The Vote Bank Remains Intact Then Where Has The Change Happened? 32 मिनट पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ बिहार में एनडीए की जीत कितनी भी बड़ी क्यों न लग रही हो, पर पुराने जमे हुए वोट बैंक वहीं हैं। जैसे-जैसे मुकाबले आमने-सामने के होने लगते […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: लोकतंत्र के जनक बिहार में बदहाली क्यों?
Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column Why Is Bihar, The Father Of Democracy, In Such A Bad State? 2 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ बिहार इस बात पर गर्व करता रहा है कि दुनिया में सबसे पहले लोकतंत्र का जन्म उसी की सरजमीं पर हुआ। आपको वैशाली पहुंचाने वाले हाइवे के […]
शेखर गुप्ता का कॉलम: ताकत दिखाने का नया जरिया है कारोबार
Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column: Business Is The New Way To Demonstrate Power 3 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ तीन एशियाई देशों के दौरे पर निकलने से पहले ट्रम्प ने पोस्ट किया कि परमाणु परीक्षण फिर से शुरू किए जाएं ताकि अमेरिका चीन और रूस की बराबरी कर सके। लेकिन […]





























