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शेखर गुप्ता का कॉलम: अपने महान युद्धवीरों को याद रखना जरूरी है

जनरल डगलस मैकआर्थर का प्रसिद्ध कथन है कि ‘पुराने सैनिक मरते नहीं, वे बस भुला दिए जाते हैं’। बीते सप्ताह इस विडम्बना को सामने ला दिया एक महान पूर्व सेनाध्यक्ष ने, जिन्हें हत्यारों ने अपनी गोलियों का निशाना बनाया था। दो महावीर चक्रों (एमवीसी) से सम्मानित केवल छह भारतीयों में वे शामिल थे। ये सम्मान […]

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शेखर गुप्ता का कॉलम: जेन-जी को संघ के समर्थन में एक सबक है

संघ के सौ साल पूरे होने के साथ ही संघ प्रमुख मोहन भागवत भी अपनी छवि में नाटकीय परिवर्तन लाए हैं। उन्होंने अपने समर्थकों और आलोचकों को भी उलझन में डाल दिया है। कुछ लोगों को लग रहा है कि वे जो उदारवादी रुख अपना रहे हैं, उसके कारण संघ के ठोस वैचारिक आधार से […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  राजनीति में अब नए विचारों की जरूरत है
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शेखर गुप्ता का कॉलम: राजनीति में अब नए विचारों की जरूरत है

यह आपके राजनीतिक रुझान पर है कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे आप क्रांति मानें या एक आई-गई आंधी। पर इतना तो निश्चित रूप से हुआ कि पहली बार सरकार के खिलाफ सीधा जनाक्रोश उभरा और उसकी खुली निंदा हुई। 20 जुलाई के बाद सरकार ने अगर तत्परता से कदम उठाए तो इसकी असली […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  एक दुष्चक्र में फंस गए हैं देश के स्टूडेंट्स
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शेखर गुप्ता का कॉलम: एक दुष्चक्र में फंस गए हैं देश के स्टूडेंट्स

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारी अपने घर लौट गए हैं, लेकिन युवाओं की परेशानियां अभी खत्म नहीं होंगी। आज के समय में भारतीय बच्चों का बचपन सबसे ज्यादा तनाव भरा और प्रतियोगिता वाला बन गया है। ‘नीट’ को ही लें। इस साल 22 लाख बच्चों ने परीक्षा दी। 5 फीसदी को एमबीबीएस की […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  कांग्रेस के उभार की सम्भावना कितनी है?
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शेखर गुप्ता का कॉलम: कांग्रेस के उभार की सम्भावना कितनी है?

Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column | Congress Revival Prospect & BJP Political Strategy 4 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ हाल ही में मैंने अपने एक कॉलम में लिखा था कि लोकसभा में अल्पमत में होने के बावजूद भाजपा देश को एकदलीय व्यवस्था की ओर ले जा रही है। लेकिन इसका […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  पंजाब की सियासत में पेचीदगियां कम नहीं
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शेखर गुप्ता का कॉलम: पंजाब की सियासत में पेचीदगियां कम नहीं

बिलकुल सामान्य समय में भी पंजाब में कोई यह मानने को तैयार नहीं होगा कि ओटीटी फिल्म ‘सतलुज’ को रिलीज होने के बाद जिस तरह अचानक वापस ले लिया गया, उसके पीछे राजनीति नहीं होगी। फिल्म को 48 घंटे के अंदर वापस क्यों ले लिया गया? हर किसी को पता होना चाहिए कि एक बार […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  कांग्रेस ने राष्ट्रवाद के मुद्दे से दूरी क्यों बनाई?
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शेखर गुप्ता का कॉलम: कांग्रेस ने राष्ट्रवाद के मुद्दे से दूरी क्यों बनाई?

राष्ट्रीय राजनीति में फिलहाल जो मंथन चल रहे हैं, उसके दो पहलू हैं। एक यह कि लोकसभा में अल्पमत में होने के बावजूद भाजपा ने भारत को लगभग एक पार्टी के शासन वाला देश बनाने का चमत्कार कर डाला है। और दूसरा यह कि यह काम क्षेत्रीय दलों को तोड़कर किया जा रहा है और […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  दंगों के कारणों पर बात करना जरूरी है
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शेखर गुप्ता का कॉलम: दंगों के कारणों पर बात करना जरूरी है

माल्टा में जन्मे अमेरिकी कार्टूनिस्ट जो सैको ने अपने अनूठे ‘कॉमिक्स जर्नलिज्म’ के बूते दुनिया भर में तो लोकप्रियता हासिल की ही है, अपने भारी-भरकम बायोडाटा में उन्होंने अपनी सबसे ताजा किताब ‘द वंस एंड फ्यूचर रायट’ के रूप में एक और उपलब्धि जोड़ ली है। लेकिन प्रकाशक ने इस किताब को वितरण से रोक […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  वह क्या है, जो ‘ब्रांड इंडिया’ को नुकसान पहुंचा रहा है?
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शेखर गुप्ता का कॉलम: वह क्या है, जो ‘ब्रांड इंडिया’ को नुकसान पहुंचा रहा है?

वह क्या चीज है, जो ब्रांड इंडिया को नुकसान पहुंचा रही है? तीन दशक पहले आर्थिक सुधारों के बाद भारत विकसित देशों की नजरों में एक पसंदीदा देश बन गया था, लेकिन अब हालात क्यों बदल गए हैं? निवेशक पैसा निकालकर जा रहे हैं और भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या अभी तक वर्ष […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  पाक की नियति बन चुकी है भुलावे में रहना
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शेखर गुप्ता का कॉलम: पाक की नियति बन चुकी है भुलावे में रहना

भारत के साथ पाकिस्तान के युद्ध का इतिहास कैसा रहा है? सामरिक रूप से ठीक, लेकिन रणनीतिक रूप से नुकसानदायक। यही वजह है कि वह पूरी ताकत से शुरुआत करने के बावजूद हर युद्ध हारता है। लेकिन 1971 और कारगिल युद्ध को छोड़कर उसने ज्यादातर युद्धों में जीत का दावा किया है। गत वर्ष की […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  क्या अब राजनीति में मुसलमान हाशिये पर हैं?
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शेखर गुप्ता का कॉलम: क्या अब राजनीति में मुसलमान हाशिये पर हैं?

करीब सात साल पहले मैंने एक लेख लिखा था, जिसका शीर्षक था : ‘क्या मुसलमान भाजपा के लिए कोई अहमियत रखते हैं?’ हाल के राज्यों के चुनाव नतीजे- खासकर बंगाल और असम के- जहां मुस्लिम वोटरों की आबादी 30% से ज्यादा है- दिखाते हैं कि यह मुद्दा अब और बड़ा हो गया है। राजनीतिक तौर […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  पश्चिम बंगाल के चुनाव में वामपंथी कहां हैं?
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शेखर गुप्ता का कॉलम: पश्चिम बंगाल के चुनाव में वामपंथी कहां हैं?

बंगाल में दीवारों पर लिखी इबारतों को आप कोलकाता और उससे बाहर घूमे बिना कैसे पढ़ पाएंगे? तो आइए, मेरे साथ उत्तर में 600 किमी दूर सिलीगुड़ी के 60 किमी संकरे कॉरीडोर में चलिए या बंगाल की मुख्य भूमि से उत्तर तथा पूरब के हिमालयी जिलों को जोड़ने वाली 90 किमी चौड़ी पट्टी तक। चलिए, […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  इस मौके का उपयोग मजबूत बनने में करें
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शेखर गुप्ता का कॉलम: इस मौके का उपयोग मजबूत बनने में करें

Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column: Use Opportunity To Strengthen India | Global Tensions 4 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ दुनिया कई युद्धों में उलझी हुई है, गठबंधनों के स्वरूप बदल और बिखर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में जोर-जबर्दस्ती बढ़ रही है। इन वजहों का तकाजा है कि हम अपने […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  चीन एनर्जी-संकट से क्यों नहीं जूझ रहा?
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शेखर गुप्ता का कॉलम: चीन एनर्जी-संकट से क्यों नहीं जूझ रहा?

एलपीजी और प्राकृतिक गैसों की कमी भारत में घरों से लेकर मझोले तथा लघु उद्योगों और खाद उत्पादन तक को जिस तरह से परेशान कर रही है, इसका जायजा लेते हुए मुझे उत्सुकता हुई कि चीन इतना शांत क्यों है। नतीजा यह निकला कि उसने बुद्धिमानी बरती। चीन के पास भी हमारी तरह तेल और […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  पाकिस्तान को नहीं पता आगे क्या करना है
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शेखर गुप्ता का कॉलम: पाकिस्तान को नहीं पता आगे क्या करना है

लोग इस बात पर शोर मचा रहे हैं कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल है और हम नहीं हैं। ऐसा क्यों? क्या हम महत्वहीन हो गए हैं? क्या हमने अपनी नैतिक ताकत खो दी है? विपक्ष सरकार पर हमला करेगा, क्योंकि उसका काम ही यही है। सरकार भी इस सवाल का […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  युद्ध के दौर में हम अपने विकल्प चुन रहे हैं
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शेखर गुप्ता का कॉलम: युद्ध के दौर में हम अपने विकल्प चुन रहे हैं

कोई भी युद्ध कहीं भी हो, बुरा है। खासकर वह युद्ध तो और बुरा है, जो हमारे इलाके के इतना पास हो और हमारी एनर्जी की सप्लाई को दबा रहा हो। खाड़ी के देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय कामगार काम कर रहे हैं, उन देशों से बड़े स्तर पर हमारा आपसी निवेश हुआ है […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  ट्रम्प के उकसावे में न आना हमारी समझदारी
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शेखर गुप्ता का कॉलम: ट्रम्प के उकसावे में न आना हमारी समझदारी

Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column: Indias Wisdom In Not Taking Trumps Provocation 11 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ ट्रम्प अपने सहयोगियों और मित्रों को अपमानित करते हैं। इसे समझने का एक सरल तरीका भी है, जिसे अगर हम भारत में ट्रकों के पीछे लिखी सूक्तियों से समझें तो इस सूक्ति […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  अफगानिस्तान से भिड़कर घिर गया है पाकिस्तान
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शेखर गुप्ता का कॉलम: अफगानिस्तान से भिड़कर घिर गया है पाकिस्तान

Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column Pakistan Is Cornered After Clashing With Afghanistan 3 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ जब तीन महाशक्तियां अपनी ताकत के शिखर पर थीं, तब उन्होंने अफगानिस्तान को दबाने की कोशिश की मगर नाकाम रहीं। ब्रिटेन ने 19वीं सदी के मध्य में, सोवियत संघ ने 1979 के […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  हमारे लिए अपने हित सबसे महत्वपूर्ण रहे हैं
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शेखर गुप्ता का कॉलम: हमारे लिए अपने हित सबसे महत्वपूर्ण रहे हैं

‘सम्प्रभुता’ इस साल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला शब्द बन सकता है। ट्रम्प ने इसे चलन में ला दिया है। वैश्वीकरण पर तीन दशकों से जो आम सहमति बनी हुई थी, उसे उन्होंने तोड़ दिया है। उस सहमति ने मित्र-देशों और सहयोगियों के साथ गठबंधन में अपनी सम्प्रभुता साझा करने के फायदे दिखाए थे। […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  ट्रम्प के तीन साल उथल-पुथल से भरे होंगे
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शेखर गुप्ता का कॉलम: ट्रम्प के तीन साल उथल-पुथल से भरे होंगे

Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column: Trumps 3 Years Will Be Tumultuous For Global Politics 6 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ आज की भू-राजनीति में जो खेल चल रहा है, उसे ताकत बढ़ाने और समय हासिल करने का खेल कहा जा सकता है। यह एक बनाम दूसरे की होड़ नहीं है। […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  हमें एक बांग्ला-भाषी ‘पाकिस्तान’ नहीं चाहिए
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शेखर गुप्ता का कॉलम: हमें एक बांग्ला-भाषी ‘पाकिस्तान’ नहीं चाहिए

इस हफ्ते के अंत या अगले हफ्ते की शुरुआत तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार सत्ता संभाल सकती है। अवामी लीग को चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई है, इसलिए विश्वसनीयता पर सवाल बने रहेंगे। फिर भी लोकतंत्र के पैमाने पर इसे कुछ हद तक निष्पक्ष चुनाव कहा जा सकता है, […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  युद्ध में अपने लक्ष्यों का स्पष्ट होना सबसे जरूरी होता है
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शेखर गुप्ता का कॉलम: युद्ध में अपने लक्ष्यों का स्पष्ट होना सबसे जरूरी होता है

ऑपरेशन सिंदूर के 88वें घंटे पर भारत ने युद्धविराम की पाकिस्तानी गुजारिश को स्वीकार करने में हड़बड़ी की ​थी या बुद्धिमानी दिखाई थी? क्या भारत को लड़ाई जारी रखनी चाहिए थी और कब तक? इस तरह के सवाल हाल ही में तब उभरे, जब इस ऑपरेशन पर स्विट्जरलैंड की एक संस्था ‘सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  ‘ट्रम्प पीड़ित संघ’ बनाने का यही सही समय
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शेखर गुप्ता का कॉलम: ‘ट्रम्प पीड़ित संघ’ बनाने का यही सही समय

Hindi News Opinion Shekhar Gupta Column: The Right Time To Form A Trump Victim Alliance 6 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ 2006 के ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ में भारत सरकार और कॉर्पोरेट जगत ने मिलकर ‘इंडिया एवरीव्हेयर’ आयोजन को प्रायोजित किया था। उसके तहत कई इवेंट, पार्टियां की गईं; संगीत के कार्यक्रम […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  पाकिस्तान को इतनी अहमियत क्यों दें?
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शेखर गुप्ता का कॉलम: पाकिस्तान को इतनी अहमियत क्यों दें?

सेना, बिजली उत्पादन, अर्थव्यवस्था, संस्कृति या ‘सॉफ्ट पावर’ (सांस्कृतिक, वैचारिक शक्ति), ग्लोबल इमेज- किसी भी क्षेत्र में क्या पाकिस्तान कभी भारत की बराबरी कर सकता है? यह मौका उसने 1983 में ही खो दिया था, जब उसने भारत को हजारों घाव देकर लहूलुहान करने की नीति अपनाई थी। वह जिया-उल-हक का पाकिस्तान था, जो अफगानी […]

शेखर गुप्ता का कॉलम:  यह सुधारों को तेज करने का अवसर है
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शेखर गुप्ता का कॉलम: यह सुधारों को तेज करने का अवसर है

20 मिनट पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ मेरा एक मन यह कहना चाहता है कि ‘शुक्रिया मिस्टर ट्रम्प, जो आप भारत के साथ व्यापार समझौते पर लगातार टालमटोली कर रहे हैं!’ क्योंकि आप ऐसा न करते तो यहां महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार फटाफट न किए जाते, जैसा 1991 के बाद अब तक नहीं […]