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अक्सर हम अपने माता-पिता से रोजमर्रा की बातें तो कर लेते हैं, लेकिन उनकी सेहत, इलाज या आगे की देखभाल जैसे जरूरी मुद्दों पर खुलकर बात नहीं करते। कई बार यह बातें तब सामने आती हैं जब अचानक कोई इमरजेंसी हो जाती है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन फांसिस्को में जेरियाट्रिशियन डॉ लुईस एरॉनसन कहती हैं कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए माता-पिता से समय रहते ये 4 बातें जरूर करनी चाहिए, जिससे इमरजेंसी के समय फैसले लेना आसान हो जाता है और हम उनकी सेहत का अच्छे से ख्याल रख सकें। घर का माहौल सुरक्षित बनाएं, बाथरूम में हैंडरेल लगाएं उनकी सेहत के बारे में पूछे इमरजेंसी में डॉक्टरों को सेहत की कम जानकारी मिलती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी हेल्थ में जनरल इंटरनल मेडिसिन की प्रमुख डॉ. सबरीना टैल्डोन के अनुसार उनसे चलने-फिरने और रोजमर्रा के कामों में बढ़ रही मुश्किल के बारे में साल में कम से कम एक बार जरूर पूछें। मेडिकल हिस्ट्री जरूर जानें हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में मेडिसिन की प्रोफेसर डॉ. नमिता सेठ के मुताबिक उनकी दवाओं, डॉक्टरों के नंबर, एलर्जी और सर्जरी की जानकारी पहले से लिखकर रखें, ताकि इमरजेंसी में डॉक्टरों को सही इलाज करने में मदद मिल सके। इलाज पर उनकी राय जानें इमरजेंसी में परिवार को कई बड़े फैसले लेने पड़ते हैं। इसलिए पहले से माता-पिता से बात कर लें कि वे इलाज और अपनी जिंदगी को लेकर क्या चाहते हैं। ट्रांसप्लांट आदि की नौबत को लेकर क्या वे सहज हैं। वहीं लंबा इलाज घर पर कराना चाहेंगे या अस्पताल में। रहने के माहौल पर बात करें कई बार घर का माहौल सुरक्षित न होने से बुजुर्गों को अस्पताल या केयर सेंटर जाना पड़ता है। इसलिए उनसे बात करें कि घर में कौन-से छोटे बदलाव मदद कर सकते हैं- जैसे अच्छी रोशनी या बाथरूम में हैंडरेल लगाना।
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