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किताबों से जानिए, कैसे आप दूसरों की उम्मीदों पर जीते हैं तो धीरे-धीरे अपनी पहचान खो देते हैं? अपने भीतर के डर से आगे बढ़ें, रास्ते खोजें
अकसर हम दुनिया को वैसा देखते हैं जैसा हमारा मन उसे मान चुका है। यदि आप हर परिस्थिति में कमी खोजेंगे, तो अवसर भी संकट लगेंगे। यदि आप संभावनाएं खोजेंगे, तो वही नया रास्ता बन जाएगा। सबसे बड़ी शक्ति दृष्टिकोण है। जीतने का अर्थ अपने भीतर के डर से आगे बढ़ना है। (द आर्ट ऑफ पॉसिबिलिटी -रोजामंड स्टोन जैंडर) जो सही लगे वो करें, तो काम बोझ नहीं लगेगा
दुनिया अकसर पूछती है कि आप क्या बनेंगे? जीवन पूछता है कि आप वास्तव में कौन हैं? यदि आप दूसरों की उम्मीदों पर जीते हैं, तो धीरे-धीरे अपनी पहचान खो देते हैं। सबसे पहले अपने स्वभाव को समझें। जब आप वही काम करते हैं जो आपको सही लगता है, तो श्रम कभी बोझ नहीं लगेगा। (लेट योर लाइफ स्पीक -पार्कर जे पामर) अपने शब्दों को स्वच्छ रखें, वह मायने रखते हैं
यदि कोई आपको छोटा कहे, तो वह उसका विचार है, आपकी सच्चाई नहीं। अपने शब्दों को स्वच्छ रखें, क्योंकि शब्द या तो घाव देते हैं या उपचार करते हैं। हर बात को व्यक्तिगत न बनाएं। हर इंसान अपनी समझ से बोलता है। अनुमान कम लगाएं। जो करें, पूरी निष्ठा से करें। यही शांति का मार्ग है। (द फोर एग्रीमेंट्स -डॉन मिगुएल रुइज) देने वाला हारता नहीं, वह सबसे समृद्ध बनता है
बहुत लोग सोचते हैं कि पहले हमें लेना चाहिए, फिर देना चाहिए। पर जीवन का नियम उल्टा है। जो लोगों के जीवन में मूल्य जोड़ता है, वही सम्मान और सफलता पाता है। मदद केवल दान नहीं होती; समय देना, ध्यान देना, ईमानदारी देना मूल्य हैं। देने वाला हारता नहीं, वह सबसे समृद्ध बनता है। (द गो-गिवर -बॉब बर्ग)
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