सभी कहते हैं धैर्य रखो, लेकिन जब अवसर आता है तो धैर्य छूट जाता है। तब कुछ क्रियाएं है, जो अगर आप नियमित करें तो अपने-आप धैर्य का जन्म हो जाएगा। उनमें से एक है- कर्मकांड। पिछले दिनों मैं कोलकाता में कथा कर रहा था तो वहां मैंने अच्छे पढ़े-लिखे हाइटेक लोगों को कर्मकांड करते […]
Tag: Spiritual Column
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अनुभव शरीर से जुड़ा है तो अनुभूति हृदय और आत्मा से
शंकराचार्य जी ने दो बातें हमारे बड़े काम की बोली हैं। पहली बात वे कहते हैं मंदिर वही पहुंचता है, जो धन्यवाद देने जाता है, मांगने नहीं। और दूसरी बात, वास्तविक आनंद उन्हीं को मिलता है, जो आनंद की तलाश नहीं करते। तो पहली बात को यूं समझें कि जब भी हम लोग मंदिर जाएं, […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवान अपने भक्त में कभी भी अभिमान नहीं रहने देते हैं
हमेशा सामान्य रहने की कोशिश करें। जब समाज में आपकी प्रतिष्ठा और पहचान होती है तो और अधिक सामान्य बनने का प्रयास करें। जब कभी हमारा कहीं अपमान हो जाए तो उससे व्यथित होने की जगह उस परिस्थिति और व्यक्ति से सीखें कि ऐसा हुआ क्यों। बल्कि मन ही मन उस स्थिति का आभार व्यक्त […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवान अपने भक्त में कभी भी अभिमान नहीं रहने देते हैं
हमेशा सामान्य रहने की कोशिश करें। जब समाज में आपकी प्रतिष्ठा और पहचान होती है तो और अधिक सामान्य बनने का प्रयास करें। जब कभी हमारा कहीं अपमान हो जाए तो उससे व्यथित होने की जगह उस परिस्थिति और व्यक्ति से सीखें कि ऐसा हुआ क्यों। बल्कि मन ही मन उस स्थिति का आभार व्यक्त […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हमारे कार्यों से दुर्गुण गिर जाएं
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Virtue In Actions, From Vice To Creation 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हम लोग अधिकांश मौकों पर प्रतिक्रिया में ही जीते हैं। किसी ने कुछ हमसे कहा, हमारे लिए अच्छा किया या बुरा किया और हम तुरंत रिएक्ट करते हैं। धीरे-धीरे हमारा मौलिक कृत्य […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दौड़भाग की दुनिया में कुछ अभ्यास रुकने का जरूर करें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: In This Hectic World, Make Sure To Practice Pausing 7 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता भागमभाग की इस दुनिया में अब और भागने का समय आ गया। यह भी तय है कि यदि आप भागेंगे नहीं तो हाशिए पर पटक दिए जाएंगे। तो कुछ अभ्यास रुकने […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आंतरिक नेत्रों से ही संभव है दिशाभ्रम का समाधान
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Inner Eyes Solve Direction Confusion 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आंखों को आंखों से देखने के लिए भी आईना लगता है। मेडिकल साइंस हमारी आंखों को केवल देखने, दिखाने से जोड़कर चलता है। अध्यात्म विज्ञान कहता है, दो आंखें भीतर भी होती हैं। शंकर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवंत की कृपा होती है तो जीवन में संत आते हैं
संत और भगवंत का तालमेल निराला है। एक के माध्यम से दूसरा मिल जाता है और दूसरे के माध्यम से पहला प्राप्त हो जाता है। भगवंत कृपा करते हैं तो जीवन में संत आते हैं और संत वो रास्ता बताते हैं कि हम भगवान तक पहुंच सकते हैं। रामकथा सुनकर पक्षीराज गरुड़ अभिभूत थे तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सांसारिक धूप में छांव का काम करती है हमारी परम्परा
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Tradition Offers Shade In Worldly Sun 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता प्रकृति ने सुख और दु:ख का संतुलन दे रखा है। इंसान न तो केवल सुख पचा पाएगा, और न ही दु:ख। समझदारी इसी में है कि दोनों को लेकर चलें। कथा सुनने के […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें
जीवन में हमारी ऊर्जा को जो बातें पी जाती हैं, उनमें से एक है संदेह। यदि आप अत्यधिक संदेहग्रस्त होते जा रहे हैं तो ये मनोरोग है। लेकिन मनुष्य का स्वभाव है संदेह करना। तो इसे दूर करने के हमारे यहां जो उपाय बताए गए, उनमें से एक है ईश्वर के चरित्र का श्रवण किया […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हर व्यक्ति या परिस्थिति में ईश्वर को अवश्य ढूंढिए
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Be Sure To Find God In Every Person Or Situation 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जिस दुनिया को हम जानते हैं, उससे भी ज्यादा अनजानी दुनिया है। मैं इन दिनों चार देशों- फिनलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे और स्वीडन की यात्रा पर हूं। यहां मेरे प्रवचन चल […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सच्चे अनुभव के लिए अतीत का भी समुद्र-मंथन करें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column For True Experience, Churn The Ocean Of The Past Too 9 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता बीते जीवन को परत-दर-परत उघाड़ने का भी समय निकाला जाए। विज्ञान और तकनीक के युग में वक्त तेजी से बदल रहा है। इंसान दौड़ रहा है। लेकिन सच्चे अनुभव के […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवान को ढूंढा और दुनिया की वस्तुओं को खोजा जाए
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta: Seek God, Not Worldly Things | AIs Impact 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता ढूंढना और खोजना, दो अलग-अलग बातें हैं। ढूंढा उसे जाता है, जो पहले से प्राप्त हो और आप कहीं रखकर भूल गए। खोजा उसे जाता है, जो अप्राप्त हो। इसलिए भगवान को ढूंढा […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह मानस में दिखेगा
जिस रामराज्य को तुलसीदास जी ने आदर्श माना, आज वही व्यंग्य में अव्यवस्था का प्रतीक हो गया। अगर कहीं बिगड़ी हुई व्यवस्था हो तो लोग कहते हैं कि सब रामराज्य चल रहा है। लेकिन रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह रामचरितमानस में दिखेगा। जब पिछले दिनों दुबई में पारम्परिक रूप से मैंने भागवत कथा […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ईश्वर से मिलने के लिए कुछ समय भीतर जाना ही पड़ेगा
जो हर जगह गूंज रहा है, उस दिव्य शक्ति, परमात्मा को समेटना ही भजन बन जाता है। भजन का सच्चा अर्थ यही है कि इसको करने वाला और सुनने वाला ध्वनि बन जाता है, मनुष्य नहीं रह जाता। जब ऐसा होता है तभी भजन का असली आनंद है। सच्चे भजन के लिए किसी ऑर्केस्ट्रा की […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: योग को आदत बना लें तो वह स्वभाव में बदल जाएगा
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Make Yoga A Habit, It Becomes Nature 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अच्छी आदतों के परिणाम वर्तमान में मिलते हैं और बुरी आदतों के नतीजे भविष्य में छुपे रहते हैं। मनुष्य के जीवन में कुछ तो नियम होते हैं और कुछ आदतें होती हैं। […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: डूबकर किए गए कार्य की सुगंध व्यवहार में उतरती है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: Deep Works Fragrance Elevates Behavior 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जो भी करें डूबकर करें। यदि आप पूजा-पाठ कर रहे हों, कोई इबादत से गुजर रहे हों, थोड़े समय ही भले आप यह काम कर रहे हों- पर डूबकर करिए। उतने वक्त भूल जाइए कि […]




















