Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Emotional Poem On Woman Struggle & Resilience 6 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर एक सुंदर कविता है- वो रोटी बेलती है जैसे पृथ्वी जैसे ज्वालामुखी बेलते हैं पहाड़ जैसे भूचाल बेलते हैं घर सन्नाटे शब्द बेलते हैं, भाटे समंदर। रोज सुबह सूरज में एक नई उचकन लगाकर […]
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: देश की राजनीति में इन दिनों एक तरह की नई इबारत लिखी जा रही है…
Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Changing Political Landscape & Climate Crisis 8 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर मौसम, गीत और लोकगीत अब लगभग एक जैसे हो चले हैं। मौसम जाने किस प्रदेश के, किस शहर की, किस गली में सूखा रहेगा, और किस गली को भिगोएगा, पता ही नहीं चलता। जिन प्रदेशों […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: कोई हमें अन्नदाता कहे या जनता जनार्दन, पर चुनावों के हम मालिक नहीं हैं
उत्तर प्रदेश और पंजाब दो अहम राज्य हैं, जहां चुनाव होने वाले हैं। तमाम राजनीतिक पार्टियां इन चुनावों के लिए ही अपनी कमर कस रही हैं। नए-नए प्रभार गढ़े जा रहे हैं और नए-नए प्रभारी बनाए जा रहे हैं। हर तरह से, हर तरफ जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। अगर कोई बेफिक्र बैठा […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: हिंदुस्तानी शादियों में तो सोने का वजन ही बताता है कि कितनी शानदार शादी हुई…
Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Gold Significance In Indian Weddings & Society 6 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर जैसे सोते वक्त आदमी “भावशून्य’ हो जाता है, वैसे ही सोने के भाव भी आम आदमी के लिए ज्यादा मायने नहीं रखते। खरीदना हो तो कितना ही महंगा हो खरीद ही लेता है। …और […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: जेन-जी के बाद जेन-अल्फा के आंदोलन
Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Gen Alpha Protests For School Facilities & Roads 5 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर बड़े दिन हुए! कहना चाहिए सालों बीत गए, कोई आंदोलन इस देश ने नहीं देखा था। कम से कम जेन-अल्फा ने तो नहीं ही देखा था। अब वही जेन-अल्फा आंदोलन पर उतर आया […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: जाने कब वो दिन आएंगे, जब लोग अपने भीतर के देवताओं को जगाकर वोट देने लगेंगे
गुरु गोरखनाथ और उनके सहयोगी योगियों की भारतभर में कई कहानियां हैं। आज गोरखपुर में जो गोरखनाथ मंदिर है, वहां पहले घनी झाड़ियां थीं। कथा यूं है कि एक नेपाली सुंदरी ने गुरु गोरखनाथ को भोजन पर बुलाया। जानती थी योगी सिर्फ खिचड़ी खाते हैं। उसने पकवानों के थालों की तरह खिचड़ी के थाल परोसे। […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: आंदोलन में मीम्स और कार्टून ऐसे सरपट दौड़े कि उनकी गति मापना मुश्किल हो गया
Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Memes & Cartoons Impact On Protests & NEET Leak 6 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर सबसे बड़ी दौलत क्या है? शिक्षा। ज्ञान। जीवन की इस सबसे महत्वपूर्ण निधि पर ही डाका पड़ने लगे तो परिणाम क्या होंगे? सही है, शिक्षा और ज्ञान का किसी डिग्री या किसी […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: ई-20 सरकार है, हम थाली के बैंगन
Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | E20 Fuel Impact & Public Silence On Petrol Prices 7 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर ई-20 ऐसा पेट्रोल है, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। देशभर के पंपों पर अब ये एथेनॉल मिक्स पेट्रोल ही मिल रहा है। एथेनॉल दरअसल, गन्ने, मक्का और […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: तुम सौदागर तेल के, हम कोल्हू के बैल!
कच्ची घाणी। अब तो इसके लिए भी आधुनिक तरीके, मशीनें आ गई हैं। लेकिन पहले कोल्हू होता था और कोल्हू का बैल। जी, हम सब कच्ची घाणी के या कोल्हू के बैल ही तो हैं! कोल्हू चलता था तो ‘चक चूं’ करता था। बैल बस, सारी उम्र चलता रहता था। साल, महीने गिने बिना। गोल-गोल […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: नए साल में नई शपथ, नए नियम
2025 गया! 26 आ गया। अरदास यही है कि हमारे सभी कर्म सत्कर्म हों! ईश्वर कृपा करे कि इस बार पिछले साल जैसे हादसों का मुंह न देखना पड़े। हालांकि समय न किसी के लिए रुकता। न किसी के लिए चलता। उसकी अपनी चाल है। वर्षों से। युगों-युगों से। न वो कभी थका। न कभी […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: बड़े-बूढ़े कह गए हैं कि जो पेड़ नई कोंपलों का स्वागत नहीं करते, ठूंठ हो जाते हैं
Hindi News Opinion Navneet Gurjar’s Column Elders Have Said That Trees That Do Not Welcome New Shoots Become Stumps. 3 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर जमाना एआई का है! आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। भाव, भावनात्मक बातों और संवेदना जैसी चीजों का अकाल आने वाला है। बच्चे को मां की कस्टडी में देने को हम […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: गजब की ठण्ड है इन दिनों- जी राम जी!
6 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर ठण्ड लटालूम! पहले नियम-कायदों ने उड़ानें रोक रखी थीं। अब ठण्ड उड़ानें रद्द या लेट करवा रही है। सूरज के बारहों रूप मद्धम पड़ गए हैं। घरों के हाल सुख-दु:ख की धूप-छांह से हैं। पहले धूप का एक टुकड़ा जिस खिड़की से आता है, उसी से लौटकर खिड़की […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: आसमान में संकट, जमीन पर चीख-पुकार
3 मिनट पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर बड़ा अच्छा लगता है जब आकाश में उड़ते हैं। इतने विशाल देश के किसी भी कोने से कहीं भी डेढ़-पौने दो घंटे में पहुंच जाते हैं। ऊपर से नीचे बादलों को देखने का आनंद अलग से! रुई के फाहे जैसे बादल। देखकर लगता है जैसे ऊपर वाले ने […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: ‘SIR’, अब कहीं तो हमें माफ कर दीजिए!
4 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर ज्ञानेश बाबा ऊपर, सबसे ऊपर बैठकर ज्ञान बांटते फिरते हैं। न किसी की समझ में आता। न कोई समझना चाहता। पूछा कुछ और जाता है। जवाब कुछ और मिलता है। बीएलओ बेचारे आजकल घर-घर चक्कर काट रहे हैं। उनमें से ज्यादातर को कुछ पता ही नहीं है। एक […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: बिहार के तालाब में कूदने की कहानी
7 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर किसने अपनी बांह चढ़ाकर वक्त को रोका था? कौन लम्बी दौड़ लगाकर समय से आगे निकल पाया? कोई नहीं। कोई नहीं। बिहार में सोच से आगे सीटें आ गईं। क्यों? सोच का अपना गणित है और सीटों का अपना। शुरुआत में मैथिली ठाकुर का स्थानीय भाजपा में भारी […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: नेताजी, तुम आना! जैसे कैक्टस में कांटे आते हैं!
Hindi News Opinion Navneet Gurjar’s Column: “Netaji, Please Come! Like Thorns On A Cactus!” 5 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर अबके वोट मांगने आए हो! फिर कब आओगे? तमन्ना है! अरदास है! विनती भी। तुम आना। जरूर आना। जब भी वक्त मिले। …और वक्त अगर न हो जब, तब भी आना। जैसे जिस्म की […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: अपने ही हाथों खुद गुलाम होने की कहानी…
Hindi News Opinion Navneet Gurjar’s Column The Story Of Becoming A Slave By One’s Own Hands… 35 मिनट पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर मैं देश हूं! भारत हूं! चूंकि पिछले बारह वर्षों से चुनावी मोड में रहने वाले देश में फिलहाल फिर चुनाव हैं, इसलिए समझ लीजिए मैं बिहार हूं! बहुत गुजरा है वक्त ऐसे […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: बिहार में चुनावी बहार! है भी, नहीं भी!
Hindi News Opinion Navneet Gurjar’s Column: Bihar Is In The Electoral Frenzy, And It’s Not! 7 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर बरसात, शीत और गर्मी, मुख्य रूप से हिंदुस्तान में तीन मौसम होते हैं, लेकिन वर्षों से यहां एक ही मौसम प्रभावी दिखाई दे रहा है- चुनावी मौसम! एक चुनाव गया, दूसरा आया। दूसरा […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: मुफ्त की रेवड़ियों से हामिद के चिमटे तक
4 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर चुनाव कोई भी हो, आज-कल मुफ्त की रेवड़ियों, बेतहाशा चुनाव खर्च, अभद्र भाषा और भद्दे भाषणों पर आकर टिक गया है। निश्चित तौर पर इन मुफ्त की रेवड़ियों से चुनाव जीते भी जा रहे हैं। हो सकता है आगे भी जीते जाते रहें, लेकिन राज्यों के बजट पर […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो!
Hindi News Opinion Navneet Gurjar’s Column Leave The Boatmen, Cross The River By Swimming! 3 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर “तूफानों से आंख मिलाओ / सैलाबों पर वार करो / मल्लाहों का चक्कर छोड़ो / तैर के दरिया पार करो।’ राहत इंदौरी साहब के इस शेर को ही शायद ध्येय मानकर नेपाल के युवाओं […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: अपने ही सवालों में घिरा हुआ विपक्ष
4 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर लगभग तीन महीने से हवा में तैर रहे सवालों के जवाब मिल गए। पहलगाम के। ऑपरेशन सिंदूर के और इन दोनों से जुड़े अन्य मामलों के भी। हालांकि भारत को कितना और क्या नुकसान हुआ, जैसे कुछ सवाल अनुत्तरित ही रहे और दलगत राजनीति से ऊपर उठें और […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: राजनीति यानी अनिश्चितता का बियाबान
5 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर अटल जी कहते थे- राजनीति एक बियाबान है। यहां कुछ भी निश्चित नहीं। ठहरा हुआ नहीं। निश्चिंत भी नहीं। उपराष्ट्रपति रहते शायद जगदीप धनखड़ ने भी यही सोचा होगा। तड़पना, गुम हुए लम्हों की खातिर। कई अनजान वादों से गुजरना। अधूरी, नामुकम्मिल कोशिशों के दर्द। इन सबके साथ […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: बारिश, पुल, पुलिया और भ्रष्ट व्यवस्था
5 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर बारिश हर तरफ है। जोरदार है। जबर्दस्त है। कहीं सुकून देने वाली। कहीं तबाही मचाने वाली। हल्की हो या तेज, पुल-पुलिया ताश के पत्तों की तरह बह रहे हैं। दरअसल, इस बहने-टूटने में इन पुल-पुलिया का कोई कसूर नहीं है। शरद जोशी ने लिखा है- हिंदुस्तान में नदियां […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: पुकार! किसी के पास कान हो तो सुने!
4 मिनट पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर हर तरफ बादल हैं। बारिश है। बाढ़ भी। पहाड़ों पर तबाही ज्यादा है। वे सरक रहे हैं। दरक रहे हैं। मैदानों में हमेशा की तरह कहीं भारी बारिश। कहीं बूंदा-बांदी। लेकिन बिहार जहां इन दिनों अमूमन बाढ़ होती है, फिलहाल सूखा है। गर्मी है। चुनावी गर्मी। यहां चुनाव […]
नवनीत गुर्जर का कॉलम: आशाओं का अम्बर और मोह के धागे
Hindi News Opinion Navneet Gurjar’s Column The Sky Of Hopes And The Threads Of Attachment 7 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर कहीं एक सोनम ने पति की हत्या करवा दी। कहीं इस भर गर्मी में लोग नहाते हुए डूब गए- सेल्फी लेते हुए, कोई मस्ती करते हुए या एक-दूसरे को बचाते हुए। पीछे छोड़ […]
























