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- Pandit Vijayshankar Mehta Column | Understanding True Meaning Of Dharma
11 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
इन दिनों जीवन के हर क्षेत्र में राजनीति ही दिखती है। नैतिकता तो जैसे कहीं खत्म ही हो गई है। और राजनीति ने सबसे अधिक नुकसान किया धर्म में प्रवेश करके। धर्म की राजनीति में तीन तरह के लोग आए। एक थे प्रगतिशील, उन्होंने थोड़ा-बहुत सदुपयोग किया, लेकिन अपने स्वार्थ के लिए बड़ी सावधानी से दुरुपयोग भी कर लिया।
दूसरे परंपरावादी रहे- कई अच्छी बातों के प्रति उन्होंने जानबूझकर आंख बंद की, लिहाजा धर्म का नुकसान हुआ। फिर आए राजनेता। इन्होंने तो कोई कसर छोड़ी ही नहीं। इसीलिए धर्म के प्रति नए बच्चों में उदासीनता आ गई है। जो सच्चे साधु-संत थे, वो तटस्थ रह गए।
धीरे-धीरे यह राजनीति चली और घर-परिवार में प्रवेश कर गई। पति-पत्नी एक-दूसरे से राजनीति करें, यह समझ आता है, क्योंकि इस रिश्ते में सर्वाधिक अपेक्षा होती है। लेकिन अब माता-पिता और बच्चों के बीच भी राजनीति चल रही है।
अपना हित साधो, सामने वाले को दरकिनार करो। और राजनीति की ऐसी स्थितियां परिवार के लिए बड़ी घातक हैं। इस सब का एक ही रास्ता है- धर्म को सही मायने में समझा जाए और जीवन में उतारा जाए।






