किताबों से जानिए, चीजें जो आपको रोकती हैं असल में आपकी सबसे बड़ी ताकत भी हो सकती हैं… भीतर की बाधाओं को पार करना सीखना होगा कभी आपने महसूस किया है कि वह चीजें जो आपको रोकती हैं, असल में आपकी सबसे बड़ी ताकत भी हो सकती हैं? जब आप सुबह उठते हैं और वही […]
अअनुबंधित
इंस्पायरिंग: लोगों को पद नहीं जिम्मेदारी दीजिए, उनसे साफ कहिए कि अब यह काम आपका है – दीपिंदर गोयल
3 घंटे पहले कॉपी लिंक जोमैटो के फाउंडर नए रोमांच की तलाश में ‘इटरनल’ के ग्रुप सीईओ पद को छोड़ रहे हैं। उनके सफर से जुड़ी खास बातें, उन्हीं की जुबानी… आज की पीढ़ी को अपने बारे में काफी कुछ पता होता है। जबकि हम उस जमाने से हैं, जहां हमें अपनी कोई खबर नहीं […]
लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: अपने चारों ओर ऐसे लोग रखें, जो आपको खुशी दें – कार्ल मार्क्स
4 घंटे पहले कॉपी लिंक कार्ल मार्क्स जर्मन दार्शनिक, वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता थे। उनकी प्रसिद्ध किताबें ‘द कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ व ‘दास कपिटल’ हैं। 1. मैं कुछ भी नहीं हूं, लेकिन मुझे सब कुछ बनना है। 2. कट्टर होना मतलब चीजों को जड़ से समझना। 3. तर्क हमेशा से मौजूद रहा है, लेकिन हमेशा तर्कसंगत […]
रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: हमले के बाद भी सोनू ने किया था शो!
आजकल रेडियो पर, टीवी पर, सोशल मीडिया में, रियलिटी शो में, ऑर्केस्ट्रा में, स्टेज पर, हर जगह एक ही गाना गूंज रहा है- फिल्म बॉर्डर का ‘संदेसे आते हैं…’। वैसे तो यह गाना हम पिछले 30 साल से सुनते आ रहे हैं, मगर अब ‘बॉर्डर 2’ में फिर से इस गाने का इस्तेमाल हुआ है […]
रसरंग में मायथोलॉजी: उत्तर से दक्षिण तक ऐसे फैलीं पुराणों की कथाएं
तटवर्ती आंध्र प्रदेश में ऐसे पांच मंदिर हैं, जिनका संबंध तारकासुर से है। तारकासुर का वध कार्तिकेय के हाथों हुआ था। चूंकि वह शिव भक्त भी था, इसलिए उसके सिर के भाग जहां-जहां गिरे वहां-वहां शिव मंदिर स्थापित किए गए। इन मंदिरों को पंचराम क्षेत्र कहा जाता है। तमिलनाडु में पलनी के पहाड़ स्थित हैं। […]
इंस्पायरिंग: जब आप किसी काम में पूरी तरह गुम हो जाते हैं, तो परिणाम बेहतर होता है – विराट कोहली
5 मिनट पहले कॉपी लिंक इस नामी क्रिकेटर ने पांच साल बाद वन-डे रैंकिंग में पहली पोजिशन पर वापसी की है। उनके करियर की कुछ सीख, उन्हीं की जुबानी… जिंदगी में आपका नजरिया समय-समय पर बदलता है… शोहरत के साथ, पैसे के साथ, सफलता के साथ। ऐसे में बहुत सारे लोग आपके करीब आ जाते […]
टिप्स: तनाव के संक्रामक प्रभाव से कैसे निपटें
तनाव काम की संस्कृति का हिस्सा बन गया है। यह जल्दी फैलता है, जैसे कोई संक्रमण। अपनी खुद की सक्रियता का इस्तेमाल करके हम अपने तनाव को कम कर सकते हैं और दूसरों को भी यही सिखा सकते हैं। अपने तनाव को दूसरों पर असर डालने और खुद को थकने से रोकने के लिए इन […]
लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: लोगों पर भरोसा करना शुरू करें – हार्पर ली
हार्पर ली अमेरिकी उपन्यासकार थीं। उनका चर्चित उपन्यास ‘टू किल अ मॉकिंगबर्ड’ पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित हुआ है। 1. आप किसी व्यक्ति को तब तक सही मायनों में नहीं समझ सकते, जब तक चीजों को उसकी नजर से न देखें और खुद को उसकी जगह रखकर न सोचें। 2. लोग आमतौर पर वही देखते हैं […]
सेल्फ हेल्प किताबों से: विचार ही आपकी आदतों को आकार देते हैं
9 घंटे पहले कॉपी लिंक किताबों से जानिए, मन को नियंत्रित करना सीख लें तो कैसे किस्मत बदल सकते हैं? अच्छे विचार जीवन में अच्छाई लेकर आते हैं मनुष्य का जीवन उसके विचारों का प्रतिबिंब है। जैसा वह सोचता है, वैसा बनता है। अच्छे विचार जीवन में अच्छाई और सफलता लाते हैं, नकारात्मक विचार दुख […]
रसरंग में चिंतन: जिस चेहरे पर मुस्कान नहीं, वह बिना लौ के दीपक जैसा
गुणवंत शाह55 मिनट पहले कॉपी लिंक सेलेब्रिटीज अपने जीवन को बिंदास मस्ती में डूबकर जीते हैं। एक ऊंचाई तक पहुंचने के बाद वे हर ‘आई डोंट केयर एटीट्यूड’ के मुहावरे को सार्थक कर देते हैं। शिखर पर रहते हुए निम्नस्तरीय लोक-निंदा उन्हें अधिक परेशान नहीं करती। लोक-निंदा तो मध्यम वर्ग के लोगों को ही नश्तर […]
रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: जब केवल एक सीन करने राजी हो गए थे शत्रुघ्न सिन्हा
रूमी जाफरी3 घंटे पहले कॉपी लिंक मेरे हिस्से के किस्से में आज बात उस स्टार की, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में हीरो बनने के तय मापदंडों (जैसे खूबसूरत होना, गोरा-चिट्टा होना, अच्छी बॉडी और अच्छा डांसर होना) के बिल्कुल विपरीत रहते हुए भी अपनी आवाज, अपने एटिट्यूड और अपने अभिनय के अलग अंदाज के दम पर […]
रसरंग में मायथोलॉजी: किस तरह पर्वतों और नदियों से जुड़े हैं शिव और विष्णु!
देवदत्त पट्टनायक4 घंटे पहले कॉपी लिंक कर्नाटक के ऐहोले स्थित करीब 1200 वर्ष पुराना वराह अवतार मंदिर। यह विष्णु के वराह अवतार के दुर्लभ मंदिरों में से एक है। (फोटो साभार: साराह वेल्च) शक्ति पीठों के माध्यम से भी भारत के नक्शे को समझा जा सकता है। मान्यता है कि जब देवी सती अपने पिता […]
चेस प्लेयर की 6 साल बाद वापसी: विश्वनाथन आनंद- अपने काम को केवल खुद तक ही सीमित न रखें, उसे दुनिया तक पहुंचाएं
12 घंटे पहले कॉपी लिंक आपके पास कई रुचियां होनी चाहिए। यदि एक चीज काम न करे, तो दूसरी तरफ चले जाएं। जब मैंने शतरंज खेलना शुरू किया था, तब क्लब जाना ही एकमात्र तरीका था। मैंने छह साल की उम्र में अपनी मां से शतरंज सीखा था। उस समय यह बिल्कुल आम बात थी। […]
हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू: भरोसा, संवाद और आपसी समझ बनाने की प्रक्रिया होती है नेटवर्किंग
2 घंटे पहले कॉपी लिंक आज के प्रोफेशनल दौर में नेटवर्किंग केवल विजिटिंग कार्ड बदलने तक सीमित नहीं रह गई है। यह भरोसे, संवाद और आपसी समझ बनाने की प्रक्रिया बन चुकी है। ऐसे में नेटवर्किंग डिनर एक ऐसा सहज और प्रभावी माध्यम है, जहां लोग औपचारिक मीटिंग के दबाव से बाहर आकर खुलकर बातचीत […]
सेल्फ-हेल्प : किताबों से: किसी भी अवस्था में उम्मीद बनाए रखें
3 घंटे पहले कॉपी लिंक शेयरिंग द लाइट- अपना समय, ऊर्जा, प्रेम सही जगह लगाएं हमारे भीतर की रोशनी वह स्रोत है जो कभी नहीं मिटता। कई बार हम बहुत ज्यादा थक जाते हैं और फिर ऐसा लगता है जैसे सब कुछ खत्म हो गया। हर अवस्था में यह जानना जरूरी है कि फिर से […]
थॉमस हॉब्स: जिसके पास ज्ञान है, वही सच में ताकतवर है
5 घंटे पहले कॉपी लिंक जन्म : 5 अप्रैल, 1588 निधन : 4 दिसंबर, 1679 प्रसिद्ध अंग्रेज दार्शनिक और विचारक थे। उन्हें आधुनिक राजनीतिक दर्शन और राज्य सिद्धांत का एक प्रमुख प्रवर्तक माना जाता है। जन्म : 5 अप्रैल, 1588 निधन : 4 दिसंबर, 1679 जिसके पास ज्ञान होता है, वही सच में ताकतवर होता […]
रसरंग में ट्रैवल: सिंगापुर : जीवंत सिटी-नेशन, समाए हैं कई आकर्षण
मृदुला द्विवेदी30 मिनट पहले कॉपी लिंक मेरलॉयन पार्क का मनमोहक नजारा। पर्यटन स्थल के रूप में सिंगापुर के पास बहुत कुछ है। यह एक सिटी-नेशन है, जहां सीमित क्षेत्र में ढेरों आकर्षण समाए हुए हैं। यह सुव्यवस्थित, स्वच्छ और सुरक्षित शहर है। इसलिए अगर आप विदेश में पहली बार अकेले घूमने की सोच रहे हैं, […]
रसरंग में चिंतन: क्या ईर्ष्या करना हमारा राष्ट्रीय रोग है?
गुणवंत शाह2 घंटे पहले कॉपी लिंक हमारा देश न तो कृषि प्रधान है और न ही उद्योग प्रधान, बल्कि अब धर्म प्रधान है। ऐसे धर्म प्रधान, भक्ति प्रधान और श्रद्धा प्रधान देश में जितनी ईर्ष्या दिखाई देती है, उतनी शायद ही किसी और देश में मिलती होगी। ईर्ष्या समाज को सताती है, जलाती है और […]
रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: नए साल की पूर्व संध्या और कट गई थी जेब!
रूमी जाफरी4 घंटे पहले कॉपी लिंक फिल्म जुड़वा के गाने ‘ईस्ट ऑर वेस्ट, इंडिया इज द बेस्ट…’ के एक दृश्य में सलमान खान। सभी प्रिय पाठकों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नया साल हम सबके जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह, नई खुशियां लेकर आए। हमारे देश और पूरे विश्व में प्रेम और सद्भावना […]
रसरंग में मायथोलॉजी: तिब्बती रामायण : राम ने कैसे अदृश्य रावण का किया था वध
देवदत्त पट्टनायक6 घंटे पहले कॉपी लिंक तिब्बती रामायण में वर्णित एक दृश्य की कल्पना एक पेंटिंग में इस तरह से की गई। बीसवीं सदी की शुरुआत में चीन के शिनजियांग क्षेत्र में रेशम मार्ग के पूर्वी छोर पर स्थित मोगाओ गुफाओं में पुरातत्वविदों को छह अधूरी पांडुलिपियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें रामायण के कुछ अंश […]
इंस्पायरिंग: सबसे जरूरी है खुद को समझना, तभी लीडरशिप का रास्ता आसान होगा – सुनीता विलियम्स
35 मिनट पहले कॉपी लिंक एस्ट्रोनॉट अपनी प्रस्तावित भारत यात्रा के कारण सुर्खियों में हैं, उनके अनुभवों की सीख … जब आप एक दीर्घकालीन मिशन पर जाने के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले अपने मन को तैयार करना पड़ता है। यह मानना पड़ता है कि आप अपने परिवार से दूर जा रहे हैं। […]
टिप्स: बीते साल से सीखेंगे तो नया साल अच्छा होगा
2 घंटे पहले कॉपी लिंक नया साल सिर्फ तारीख बदलने का नाम नहीं है। यह खुद को समझने और बेहतर बनाने का मौका भी है। जब हम बीते साल से सीख लेते हैं, तो आने वाला साल अपने आप ही बेहतर हो जाता है। तो थोड़ा शांत समय निकालें, इस दौरान अपने बारे में सोचें […]
लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: जीवन वैसा ही होता है जैसा हम उसे बनाते हैं – फर्नांडो पेसोआ
4 घंटे पहले कॉपी लिंक फर्नांडो पेसोआ कवि, लेखक, आलोचक, अनुवादक और प्रकाशक थे। पुर्तगाली भाषा के महानतम कवियों में से एक माना जाता है। 1. महान बनना है तो संपूर्ण बनें। अपने किसी भी हिस्से को मत छोड़ें। ब्रह्मांड की तरह बहुआयामी बनें। 2. मैं कुछ भी नहीं हूं, कभी कुछ नहीं बन पाउंगा, […]
सेल्फ हेल्प किताबों से: सीमाओं को स्वीकार लेना अच्छा है
6 घंटे पहले कॉपी लिंक किताबों से जानिए, बेचैनी कैसे पैदा होती है? इंसान अपनी असली ताकत कब पहचानता है? वर्तमान में उपस्थित रहना क्यों अच्छा है हम मानकर चलते हैं कि हमारे पास बहुत समय है, इसलिए काम टालते हैं। जब एहसास होता है कि जीवन सीमित है, तब बेचैनी पैदा होती है। हम […]
रसरंग में ट्रैवल: मुनरो : प्रकृति और इतिहास का सुंदर मेल
पर्णश्री देवी18 मिनट पहले कॉपी लिंक अष्टमुडी झील और कल्लाडा नदी के संगम पर स्थित मुनरो द्वीप केरल की एक बेहद शांत और कम भीड़ वाली जगह है। इसे स्थानीय लोग मुनरोएथुरुथु कहते हैं। कोल्लम से करीब पच्चीस किलोमीटर दूर बसे इस द्वीप पर पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे समय की रफ्तार धीमी हो […]





























