लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स:  जीवन वैसा ही होता है जैसा हम उसे बनाते हैं – फर्नांडो पेसोआ
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लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: जीवन वैसा ही होता है जैसा हम उसे बनाते हैं – फर्नांडो पेसोआ

4 घंटे पहले कॉपी लिंक फर्नांडो पेसोआ कवि, लेखक, आलोचक, अनुवादक और प्रकाशक थे। पुर्तगाली भाषा के महानतम कवियों में से एक माना जाता है। 1. महान बनना है तो संपूर्ण बनें। अपने किसी भी हिस्से को मत छोड़ें। ब्रह्मांड की तरह बहुआयामी बनें। 2. मैं कुछ भी नहीं हूं, कभी कुछ नहीं बन पाउंगा, […]

सेल्फ हेल्प किताबों से:  सीमाओं को स्वीकार लेना अच्छा है
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सेल्फ हेल्प किताबों से: सीमाओं को स्वीकार लेना अच्छा है

6 घंटे पहले कॉपी लिंक किताबों से जानिए, बेचैनी कैसे पैदा होती है? इंसान अपनी असली ताकत कब पहचानता है? वर्तमान में उपस्थित रहना क्यों अच्छा है हम मानकर चलते हैं कि हमारे पास बहुत समय है, इसलिए काम टालते हैं। जब एहसास होता है कि जीवन सीमित है, तब बेचैनी पैदा होती है। हम […]

रसरंग में ट्रैवल:  मुनरो : प्रकृति और इतिहास का सुंदर मेल
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रसरंग में ट्रैवल: मुनरो : प्रकृति और इतिहास का सुंदर मेल

पर्णश्री देवी18 मिनट पहले कॉपी लिंक अष्टमुडी झील और कल्लाडा नदी के संगम पर स्थित मुनरो द्वीप केरल की एक बेहद शांत और कम भीड़ वाली जगह है। इसे स्थानीय लोग मुनरोएथुरुथु कहते हैं। कोल्लम से करीब पच्चीस किलोमीटर दूर बसे इस द्वीप पर पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे समय की रफ्तार धीमी हो […]

रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से:  सलमान ने सावन कुमार की थी ऐसी मदद
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रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: सलमान ने सावन कुमार की थी ऐसी मदद

रूमी जाफरी2 घंटे पहले कॉपी लिंक ‘जीने के हैं चार दिन’ गाने में सलमान खान। कल सलमान खान की सालगिरह थी। तो उनके साथ पिछले तीस सालों का सफर याद आने लगा। बहुत-सी बातें, बहुत से किस्से मन में उमड़ने लगे तो सोचा कि कुछ आपसे भी साझा करूं। एक बार मैं और सलमान घर […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  मानसूनी हवाओं की बदौलत दार्शनिक धारणाएं ऐसे पहुंचीं अरब
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रसरंग में मायथोलॉजी: मानसूनी हवाओं की बदौलत दार्शनिक धारणाएं ऐसे पहुंचीं अरब

Hindi News Magazine This Is How Philosophical Concepts Reached Arabia Thanks To Monsoon Winds देवदत्त पट्टनायक4 घंटे पहले कॉपी लिंक गुजरात स्थित वाहनवती सिकोतर माता का मंदिर। गुजरात के समुद्रतट पर इनकी पूजा प्रचलित हुई, जिन्हें जहाजों की रक्षा करने वाली देवी माना गया। भारत और अरब के बीच व्यापार का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। […]

रसरंग में चिंतन:  नई पीढ़ी को क्यों देखनी चाहिए ‘टाइटैनिक’
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रसरंग में चिंतन: नई पीढ़ी को क्यों देखनी चाहिए ‘टाइटैनिक’

गुणवंत शाह5 घंटे पहले कॉपी लिंक टाइटैनिक फिल्म देखने के बाद मैं करीब एक घंटे तक नि:शब्द था। भीतर से एक ही भाव निकला – आज तो मैंने मानो तीर्थयात्रा कर ली। हॉलीवुड की यह श्रेष्ठतम फिल्म अमेरिका के बड़े परदे पर 28 साल पहले रिलीज हो चुकी है। इसलिए मैं नई पीढ़ी से कहना […]

लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स:  अतीत को जीवन का शिक्षक मानकर अपनाएं – रॉबिन शर्मा
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लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: अतीत को जीवन का शिक्षक मानकर अपनाएं – रॉबिन शर्मा

7 घंटे पहले कॉपी लिंक रॉबिन शर्मा कनाडाई लेखक हैं, जो अपनी पुस्तक ‘द मॉन्क हू सोल्ड हिज फेरारी’ के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं। 25 वर्ष की आयु तक एक वकील के रूप में भी काम किया। 1. जो आप सबसे अधिक वापस पाना चाहते हैं, उसे नि:स्वार्थ भाव से देना सीखिए। 2. […]

इंस्पायरिंग:  तरीका आपका हो सकता है, लेकिन जज्बा टीम का हो तभी जीत मुमकिन है – श्रेयस अय्यर
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इंस्पायरिंग: तरीका आपका हो सकता है, लेकिन जज्बा टीम का हो तभी जीत मुमकिन है – श्रेयस अय्यर

2 घंटे पहले कॉपी लिंक क्रिकेटर श्रेयस अय्यर चोट के बाद अब फिर मैदान में वापसी को लेकर चर्चा में हैं, केकेआर की कप्तानी से उन्होंने जो सीखा-समझा, उन्हीं की जुबानी… मैं मानता हूं कि मैदान पर ही नहीं, कई बार मैदान के बाहर भी असली फैसले कप्तान और कोच ही लेते हैं। वजह साफ […]

टिप्स:  कठोर आलोचना का सामना कैसे करें
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टिप्स: कठोर आलोचना का सामना कैसे करें

3 घंटे पहले कॉपी लिंक हममें से अधिकांश ने अपने जीवन में कभी न कभी ‘फीडस्मैक’ का अनुभव किया है। किसी मीटिंग के बीच, गलियारे में यूं ही चलते समय या परफॉर्मेंस रिव्यू के दौरान कोई व्यक्ति अचानक ऐसे शब्द कह देता है, जो हमारे मानसिक संतुलन को हिला देते हैं। कई लोग आज भी […]

सेल्फ हेल्प किताबों से:  हर बात पर प्रतिक्रिया जरूरी नहीं होती
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सेल्फ हेल्प किताबों से: हर बात पर प्रतिक्रिया जरूरी नहीं होती

5 घंटे पहले कॉपी लिंक किताबों से जानिए, कैसे मानसिक स्वतंत्रता की ओर बढ़ना चाहिए? क्यों अपनी प्रतिक्रिया पर नियंत्रण रखना जरूरी है? विचारों पर नियंत्रण रखना ही स्वतंत्रता है हम अकसर यह मान लेते हैं कि हमारी बेचैनी की वजह लोग या परिस्थितियां हैं। हमें परेशान घटनाएं नहीं करतीं, उन घटनाओं के बारे में […]

रसरंग में ट्रैवल:  द्वारका : भक्ति और समुद्री लहरों का संगम
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रसरंग में ट्रैवल: द्वारका : भक्ति और समुद्री लहरों का संगम

मृदुला द्विवेदी41 मिनट पहले कॉपी लिंक द्वारका के बाहरी क्षेत्र में स्थित रुक्मिणी माता मंदिर। द्वारका हिंदुओं के प्रमुख धामों में से एक है और चारधाम परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अन्य तीन धाम बद्रीनाथ, पुरी और रामेश्वरम हैं। आख्यानों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा से राजधानी स्थानांतरित कर द्वारका को बसाया था। यह […]

रसरंग में चिंतन:  बंजर दिमाग वाला इंसान काठ के संतरे जैसा!
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रसरंग में चिंतन: बंजर दिमाग वाला इंसान काठ के संतरे जैसा!

गुणवंत शाह2 घंटे पहले कॉपी लिंक हमारे ही बीच बहुत से ऐसे लोग होते हैं, जो किसी भिन्न विचार से अहिंसक ढंग से असहमति जताना ही नहीं जानते। रामनारायण पाठक ने कहीं लिखा है कि हम या तो व्यक्ति के अंधपूजक होते हैं या उसके कट्टर धिक्कारक। अपने से अलग सोच रखने वाले को छोटा […]

रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से:  जब गोविंदा ने मां के लिए लिखी थी कविता
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रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: जब गोविंदा ने मां के लिए लिखी थी कविता

रूमी जाफरी4 घंटे पहले कॉपी लिंक गोविंदा अपनी मां निर्मला देवी के साथ। आज मेरे अजीज दोस्त, मेरी ज्यादातर हिट फिल्मों के हीरो और मेरे फेवरेट एक्टर यानी हीरो नंबर 1 गोविंदा जी की सालगिरह है। तो मैंने सोचा कि गोविंदा, जिन्हें आप सब एक हीरो और स्टार की हैसियत से जानते हैं, उनके बारे […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  देश के विकास के लिए क्या श्रद्धा से अधिक महत्वपूर्ण है शंका?
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रसरंग में मायथोलॉजी: देश के विकास के लिए क्या श्रद्धा से अधिक महत्वपूर्ण है शंका?

देवदत्त पट्टनायक6 घंटे पहले कॉपी लिंक 1500 वर्ष पहले नालंदा विश्वविद्यालय जैसे स्थल ज्ञान के तीर्थ हुआ करते थे, लेकिन वैज्ञानिक सोच के प्रति उदासीनता की वजह से यूरोपीय देश हमसे आगे निकल गए। हम हमेशा से भारत को एक महान देश मानते आए हैं और इसके पीछे ठोस कारण भी रहे हैं। हमारे महाकाव्य, […]

इंस्पायरिंग:  आप जैसे हैं, वैसे ही खुद को स्वीकार करें… और किसी भ्रम में जीवन न जिएं – करण जौहर
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इंस्पायरिंग: आप जैसे हैं, वैसे ही खुद को स्वीकार करें… और किसी भ्रम में जीवन न जिएं – करण जौहर

1 घंटे पहले कॉपी लिंक फिल्मकार करण जौहर के प्रोडक्शन में बनी ‘होमबाउंड’ भारत की ओर से ऑस्कर की दौड़ में है। करण के सफर की कुछ प्रेरक बातें… मैं एक वक्त पर ‘पीपल्स पर्सन’ हुआ करता था… यानी मुझे लोगों की स्वीकृति चाहिए होती थी, हद से ज्यादा। मुझे लगता था कि अगर लोग […]

टिप्स:  रिवर्स मेंटरिंग के उपयोग के 4 तरीके
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टिप्स: रिवर्स मेंटरिंग के उपयोग के 4 तरीके

3 घंटे पहले कॉपी लिंक कई कंपनियां मिलेनियल प्रतिभाओं को बनाए रखने और युवा उपभोक्ताओं के बीच प्रासंगिक बने रहने को लेकर संघर्ष कर रही हैं। इसी चुनौती के समाधान के रूप में, दुनिया भर की बड़ी कंपनियों की लीडरशिप टीमें रिवर्स मेंटरिंग कार्यक्रम लागू कर रही हैं। रिवर्स मेंटरिंग में युवा कर्मचारियों को वरिष्ठ […]

सेल्फ हेल्प किताबों से:  प्रेरणा केवल काम करने से आती है
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सेल्फ हेल्प किताबों से: प्रेरणा केवल काम करने से आती है

4 घंटे पहले कॉपी लिंक किताबों से जानिए, आपके भीतर का आलस और डर की आवाज आखिर क्यों खतरनाक है? डर वर्तमान खतरे की प्रतिक्रिया है, तो चिंता क्या है? अनुशासन ही सच्ची आजादी का रास्ता है प्रेरणा इंतजार करने से नहीं आ सकती, वह तो केवल काम करने से ही आती है। आपके भीतर […]

लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स:  बहुमत की आवाज न्याय का प्रमाण नहीं होती – फ्रेडरिक शिलर
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लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: बहुमत की आवाज न्याय का प्रमाण नहीं होती – फ्रेडरिक शिलर

6 घंटे पहले कॉपी लिंक फ्रेडरिक शिलर जर्मन भाषा के कवि, दार्शनिक इतिहासकार एवं नाटककार थे। उनकी जोहान वुल्फगांग गेटे के साथ मैत्री थी। 1. जो व्यक्ति बहुत अधिक सोचता है, वह बहुत कम कर पाता है। 2. जो लोग सरल कामों को पूर्णता से करने का धैर्य रखते हैं, वही कठिन कामों को सहजता […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  समय और स्थान के साथ धर्म भी बदल लेते हैं अपना स्वरूप!
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रसरंग में मायथोलॉजी: समय और स्थान के साथ धर्म भी बदल लेते हैं अपना स्वरूप!

देवदत्त पट्टनायक1 घंटे पहले कॉपी लिंक थाईलैंड के सामुत प्राकन प्रांत में स्थित एरावान संग्रहालय। यहां एरावान को ब्रह्म देवता की सवारी माना जाता है। पिछले सप्ताह हमने जाना था कि बैंकॉक में ब्रह्म देवता की पूजा किस तरह होती है। इस चर्चा को आगे बढ़ाते हुए आज हम समझेंगे कि हिंदू धर्म थाईलैंड कैसे […]

रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से:  जब रूसी राष्ट्रपति ने गाया था राज कपूर का गीत
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रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: जब रूसी राष्ट्रपति ने गाया था राज कपूर का गीत

रूमी जाफरी3 घंटे पहले कॉपी लिंक आज यानी 14 दिसंबर को राज कपूर का जन्मदिन है। फिल्मों से प्यार करने वाला शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो राज कपूर से मोहब्बत न रखता हो। हिंदी सिनेमा में उनका योगदान कितना बड़ा है, यह पूरी दुनिया भली-भांति जानती है। लेकिन अन्य देशों, विशेष रूप से […]

रसरंग में चिंतन:  भ्रमों के सहारे ही हम काट देते हैं अपनी जिंदगी!
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रसरंग में चिंतन: भ्रमों के सहारे ही हम काट देते हैं अपनी जिंदगी!

गुुणवंत शाह4 घंटे पहले कॉपी लिंक इंसान की भ्रांतियों का कोई अंत नहीं होता। कई बार लगता है कि पूरी मानवजाति मानो भ्रमों के सहारे ही अपना जीवन काट देती है। हमारे सामने दो तरह की भ्रांतियां रहती हैं। पहली, वसंत की हरी-भरी भ्रांति और दूसरी, पतझड़ की सूखी भ्रांति। हीरे की चमकीली भ्रांति और […]

टिप्स:  जिंदगी बहुत व्यस्त हो जाए, तो क्या करें
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टिप्स: जिंदगी बहुत व्यस्त हो जाए, तो क्या करें

4 घंटे पहले कॉपी लिंक नौकरी बदलना हो, माता-पिता की देखभाल करनी हो, एक नई जगह पर जाना हो या बीमारी से जुड़ी कोई समस्या हो, जीवन में आने वाली बाधाएं एकाग्रता और संतुलन बनाए रखने में मुश्किलें पैदा करती हैं। ऐसे समय में भी यदि आप अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों पर फोकस करें और अपनी […]

लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स:  यूं ही अच्छे न बनें, किसी उद्देश्य के लिए अच्छे बनें – हेनरी डेविड थोरो
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लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: यूं ही अच्छे न बनें, किसी उद्देश्य के लिए अच्छे बनें – हेनरी डेविड थोरो

6 घंटे पहले कॉपी लिंक हेनरी डेविड थोरो अमेरिकी प्रकृतिवादी, निबंधकार, कवि और दार्शनिक थे। अपनी पुस्तक ‘वाल्डेन’ प्राकृतिक परिवेश में सरल जीवन पर एक प्रतिबिंब, के लिए जाने जाते हैं। 1. यदि आपने हवा में महल बनाए हैं, तो आपका काम व्यर्थ नहीं गया। उन्हें वहीं होना चाहिए था। अब उनके नीचे नींव बनाइए। […]

इंस्पायरिंग:  हर काम की शुरुआत भरोसे से करें, खुद पर यकीन हो तो लोगों की बातें असर नहीं करतीं – शाहरुख खान
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इंस्पायरिंग: हर काम की शुरुआत भरोसे से करें, खुद पर यकीन हो तो लोगों की बातें असर नहीं करतीं – शाहरुख खान

33 मिनट पहले कॉपी लिंक शाहरुख खान की वो बातें जो आपको भी प्रेरित करेंगी खुद पर भरोसा करने के लिए … अक्सर लोग कहते हैं कि इंसान में एक खास तरह का ‘इट फैक्टर’ होता है और वही उसे स्टार बनाता है। लेकिन सच बताऊं…ऐसा कुछ नहीं होता। न मुझे पता है कि मैं […]

सेल्फ हेल्प किताबों से:  जीवन की सुंदरता छोटी खुशियों में है
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सेल्फ हेल्प किताबों से: जीवन की सुंदरता छोटी खुशियों में है

2 घंटे पहले कॉपी लिंक किताबों ने जानिए किन हालात में दुनिया बोझिल लगती है? यदि मन भय और कमी की सोच से भरा हो, तो जीवन कैसा होगा? मन कृतज्ञता से भरा हो तो दुनिया सुंदर लगेगी जीवन की सुंदरता छोटी खुशियों में है। एक मुस्कान, एक शांत सुबह, एक सच्चा प्रयास। हम अक्सर […]